हाइब्रिड लर्निंग पर फोकस करेगा Vedantu, 330 करोड़ रुपये में Deeksha की मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदेगा

By Vishal Jaiswal
October 14, 2022, Updated on : Fri Oct 14 2022 06:40:58 GMT+0000
हाइब्रिड लर्निंग पर फोकस करेगा Vedantu, 330 करोड़ रुपये में Deeksha की मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदेगा
वेदांतु के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं को-फाउंडर वास्मी कृष्णा ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी के हाइब्रिड बिजनेस मॉडल का विस्तार करने में मददगार होगा क्योंकि दीक्षा कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 24 वर्षों से सक्रिय है और उसके यहां 40 ऑफलाइन केंद्र हैं.
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एजुकेशन-टेक्नोलॉजी (एडटेक) कंपनी Vedantuवेदांतु ने परीक्षा की तैयारी करवाने वाले प्लेटफॉर्म ऐस क्रिएटिव लर्निंग में मेजॉरिटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है. यह प्लेटफॉर्म दीक्षा (Deeksha) ब्रांड के तहत काम करता है. कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह सौदा चार करोड़ डॉलर (करीब 330 करोड़ रुपये) में हुआ है.


वेदांतु के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं को-फाउंडर वास्मी कृष्णा ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी के हाइब्रिड बिजनेस मॉडल का विस्तार करने में मददगार होगा क्योंकि दीक्षा कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 24 वर्षों से सक्रिय है और उसके यहां 40 ऑफलाइन केंद्र हैं.


कृष्णा ने कहा, ‘‘हम दीक्षा के ऑफलाइन केंद्रों और वेदांतु की टेक्नोलॉजी का मेल करना चाहते हैं जिससे तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों में हाइब्रिड केंद्रों को बढ़ाया जा सके.’’ उन्होंने बताया रणनीतिक निवेश का आकार 4 करोड़ डॉलर है. इसके साथ दीक्षा से जुड़े करीब 13,000 छात्र वेदांतु प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगे.


इसके अलावा, दीक्षा लाइव क्लासेस, एजुकेशन टेक्नोलॉजी और मजबूत एजुकेशनल कंटेंट में वेदांतु की पहले से मौजूद साख का लाभ उठाएगी.


कृष्णा ने कहा कि वेदांतु में, हम हमेशा देश के सभी कोनों के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ और सस्ती बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस अधिग्रहण के साथ, हमारा मिशन रिमोट क्षेत्रों में जनता तक पहुंचने और बड़े पैमाने पर प्रभाव पैदा करने के लिए हमारी विघटनकारी इन-हाउस हाइब्रिड तकनीक को तैनात करके दीक्षा के वर्तमान शिक्षण मॉडल को सशक्त बनाना और आगे बढ़ाना करना है. ऑनलाइन और ऑफलाइन कैपेबिलिटीज का यह संयोजन हमें अपनी हाइब्रिड लर्निंग की पहल का विस्तार करने में मदद करेगी.


बता दें कि, मई से अगस्त के बीच वेदांतु ने 724 कर्मचारियों को निकाल दिया था. स्टार्टअप ने रिस्ट्रक्चरिंग करने के तहत अपनी सेल्स और ट्रेनिंग टीमों से लोगों की छंटनी की थी.


दरअसल कोविड-19 लॉकडाउन हटने और ऑफलाइन एजुकेशन मार्केट के खुलने के बाद फंडिंग हासिल करने की समस्या का सामना कर रहे एडटेक मार्केट का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.


फंडिंग ट्रैकर प्लेटफॉर्म Tracxn के आंकड़ों के पता चलता है कि जनवरी से सितंबर के 9 महीने के दौरान फंडिंग 45 फीसदी तक घटकर 2.2 अरब डॉलर रह गई है. फंडिंग में आने वाली यह कटौती इंवेस्टर्स का विश्वास डिगने के कारण हुई है क्योंकि एडटेक कंपनियां लाभ हासिल करने में संघर्ष कर रही हैं.