शाबाश! सब्जी बेचने वाले की बेटी ने किया ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में टॉप, इसरो में काम करना चाहती हैं ललिता

By yourstory हिन्दी
February 12, 2020, Updated on : Wed Feb 12 2020 08:31:31 GMT+0000
शाबाश! सब्जी बेचने वाले की बेटी ने किया ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में टॉप, इसरो में काम करना चाहती हैं ललिता
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

सभी बाधाओं को पार कर एक सब्जी विक्रेता की बेटी ने कर्नाटक के विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Vishvesvaraiah Technological University - VTU) में वैमानिकी (Aeronautical) इंजीनियरिंग कोर्स में उच्चतम अंक हासिल किए हैं।


क

फोटो क्रेडिट: NorthEastNow



Nenow की रिपोर्ट के अनुसार, 22 वर्षीय आर. ललिता पहली पीढ़ी की स्नातक हैं।


उनका परिवार पिछले कई सालों से चित्रदुर्ग के पास हिरियूर शहर के नेहरू मार्केट में सब्जी बेच रहा है।


हफ्तों की अथक मेहनत के बाद, ललिता ने परीक्षा में शानदार 9.7 प्रतिशत स्कोर बनाने में कामयाबी हासिल की।


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ललिता रोजाना सुबह उठकर अपने माता-पिता की मदद करती हैं, क्योंकि वे बाजार में सब्जियां बेचते हैं।


वह बेंगलुरु के ईस्ट वेस्ट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (East West College of Engineering) में कॉलेज जाने से पहले सेल्स के बीच पढ़ाई करती थी।


इस तरह की कठिनाइयों के बावजूद, यह उसकी पढ़ाई के प्रति ललक थी जिसने उसे जारी रखा। 1 फरवरी को सामने आए नतीजों ने उन्हें और उनके परिवार को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने अपनी GATE परीक्षा में 707 अंक हासिल किए।


ललिता अपने करतब के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति से भी गोल्ड मेडल प्राप्त करेंगी।


ललिता ने कहा है कि वह विदेश नहीं जाना चाहती बल्कि अपने देश में ही काम करना चाहती है।


उसने यह भी कहा कि इसरो प्रमुख के. सिवन का उस पर एक बड़ा प्रभाव था और वह वहाँ (ISRO में) काम करना चाहती है।


(Edited by रविकांत पारीक )