Diwali Muhurat Trading: जानिए क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग, क्यों इस दिन हर कोई चाहता है शेयर खरीदना!

By Anuj Maurya
October 22, 2022, Updated on : Sat Oct 22 2022 02:31:32 GMT+0000
Diwali Muhurat Trading: जानिए क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग, क्यों इस दिन हर कोई चाहता है शेयर खरीदना!
दिवाली के दिन शाम को शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग होती है. तमाम निवेशक शगुन के लिए कुछ शेयर खरीदते हैं. अधिकतर निवेशक इस दिन शेयरों को खरीदकर उसे लंबे समय तक अपने पास रखते हैं.
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शेयर बाजार (Share Market) के लिए ये हफ्ता बहुत ही शानदार साबित हुआ है. इस हफ्ते सेंसेक्स में 1387 अंकों की तेजी देखने को मिली है. हफ्ते के आखिरी दिन में सेंसेक्स 104 अंक चढ़ा है. त्योहारों के चलते इस महीने में शेयर बाजार कई दिन बंद रहेगा. इसी बीच कई लोगों के मन में ये सवाल भी है कि क्या दिवाली (Diwali) को शेयर बाजार बंद रहेगा (Share Market on Diwali) या फिर उस दिन मार्केट खुलेगा? आपको बता दें कि 24 अक्टूबर को दिवाली पर छुट्टी की वजह से सामान्य घंटों में तो शेयर बाजार बंद रहेगा, लेकिन शाम तो 1 घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए खुलेगा. आइए समझते हैं क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग (Diwali Muhurat Trading) और क्यों की जाती है.

क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग?

जैसा कि नाम से ही काफी हद तक समझ आ रहा है कि यह किसी तरह का मुहूर्त है. दरअसल, दिवाली पर लोग खरीदारी को शुभ मानते हैं. वहीं शेयर बाजार का तो पूरा कारोबार ही खरीद-फरोख्त का है. ऐसे में दिवाली पर लोग मुहूर्त ट्रेडिंग में सिर्फ शगुन के लिए खरीदारी करते हैं. वैसे तो बहुत से लोग इस दिन मुनाफा भी काटने की कोशिश करते हैं, लेकिन अधिकतर लोग मुहूर्त ट्रेडिंग को सिर्फ शगुन के लिए खरीददारी की तरह देखते हैं. शेयर बाजार में रेगुलर पैसे लगाने वाले निवेशक मुहूर्त ट्रेडिंग पर शगुन के तौर पर शेयर खरीद कर उन्हें अपने पोर्टफोलियो में रखते हैं. माना जाता है कि इस दौरान शेयर खरीदने वालों को साल भर लाभ मिलता है. मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली की शाम 6.15 से 7.15 तक यानी 1 घंटे होती है.

5 दशकों से चली आ रही है ये परंपरा

शेयर बाजार में दिवाली के दिन शाम को एक घंटे मुहूर्त ट्रेडिंग करने की परंपरा एक दो साल नहीं बल्कि करीब 5 दशक पुरानी है. इसकी शुरुआत बीएसई में 1957 में हुई थी, जबकि एनएसई में इसे 1992 से शुरू किया गया. मुहूर्त ट्रेडिंग को पूरी तरह से परंपरा से जोड़कर देखा जाता है.

कई निवेशक अगली पीढ़ी तक ले जाते हैं ये शेयर

बहुत सारे ऐसे निवेशक हैं जो मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन खरीदे गए शेयरों को अच्छा शगुन मानते हैं और उन्हें कभी नहीं बेचते. वह मानते हैं कि ये शेयर उनके पोर्टफोलियो में बरक्कत के लिए बहुत ही शुभ हैं. ऐसे में वह निवेशक तो मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन खरीदे हुए शेयरों को कभी नहीं बेचते हैं. यहां तक कि कुछ तो उन शेयरों को अगली पीढ़ी तक ले जाते हैं.

पिछले साल मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार हुआ था गुलजार

पिछले साल दिवाली 4 नवंबर 2021 को थी. उस दिन भी शाम को मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए शेयर बाजार खुला था. पिछली बार मुहूर्त ट्रेडिंग पर शेयर बाजार गुलजार हो गया था. महज एक घंटे के सेशन में ही बीएसई का सेंसेक्स 60 हजार से भी ऊपर चाल गया था. मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. पिछली बार बाजार खुला तो 436 अंकों की तेजी के साथ, लेकिन बाद में करेक्ट हुआ और अंत में 295 अंकों की तेजी के साथ 60,067 अंकों के स्तर पर बंद हुआ.