भारत रत्न पाने वाले को प्राइज में आखिर क्या मिलता है?

By yourstory हिन्दी
January 02, 2023, Updated on : Mon Jan 02 2023 11:26:45 GMT+0000
भारत रत्न पाने वाले को प्राइज में आखिर क्या मिलता है?
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न को शुरू हुए 62 साल हो चुके हैं. भारत रत्न को किसी क्षेत्र में असाधारण और सर्वोच्च सेवा को मान्‍यता देने के लिए दिया जाता है. यह सम्मान राजनीति, कला, साहित्‍य, विज्ञान के क्षेत्र में किसी विचारक, वैज्ञानिक, उद्योगपति, लेखक और समाजसेवी को दिया जाता है.
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देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न को शुरू हुए 62 साल हो चुके हैं. भारत रत्न को किसी शख्स के किसी क्षेत्र में असाधारण और सर्वोच्च सेवा को मान्‍यता देने के लिए दिया जाता है. यह सम्मान राजनीति, कला, साहित्‍य, विज्ञान के क्षेत्र में किसी विचारक, वैज्ञानिक, उद्योगपति, लेखक और समाजसेवी को दिया जाता है.


इसकी शुरुआत तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने की थी. 1954 में ये सम्मान केवल जीवित शख्स को ही दिया जाता था, लेकिन 1955 में मरणोपरांत भी भारत रत्न दिए जाने का प्रावधान जोड़ा गया.


सबसे पहला सम्मान स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रशेखर वेंकट रमन को 1954 में दिया गया था.


भारत रत्न के नाम पर दिए जाने वाले भौतिक पुरस्कार को एक पीपल के पत्ते के आकार में डिजाइन किया गया है. इसमें देवनागरी लिपि में जलते हुए सूरज के चित्र के नीचे 'भारत रत्न' अंकित है. पुरस्कार के पिछले हिस्से पर राज्य के प्रतीक के शिलालेख के नीचे हिंदी में 'सत्यमेव जयते' लिखा हुआ है.


भारत रत्न पुरस्कार का प्रतीक, सूर्य और रिम प्लेटिनम से बने हैं, जबकि शिलालेख कांस्य में हैं. यह लगभग 59 मिमी. लंबा, 48 मिमी. चौड़ा और 3.2 मिमी. मोटा होता है. इसमें एक सफेद रिबन लगा होता है.


पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री, और परम वीर चक्र जैसे अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों के साथ, पुरस्कार कोलकाता के अलीपुर टकसाल में बनाए जाते हैं.


भारत रत्न सम्मान के लिए चुने जाने की प्रक्रिया पद्म पुरुस्कारों से अलग होती है. इसमें भारत के प्रधानमंत्री भारत रत्न के लिए किसी व्यक्ति के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति को करते हैं. भारत रत्न के लिए कोई अधिकारिक प्रक्रिया नहीं होती.


भारत रत्न के लिए कोई भी व्यक्ति, जाति, पेशा, पद या लिंग के लोग योग्य माने जाते हैं. एक साल में सिर्फ तीन भारत रत्न दिए जाते हैं. ये भी जरूरी नहीं कि हर साल भारत रत्न सम्मान दिया ही जाए.


प्राइज में क्या मिलता है

भारत रत्न पाने वालों को भारत सरकार की ओर से एक सर्टिफिकेट और एक मेडल दिया जाता है. इस सम्मान के साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती. इसे पाने वाले सरकारी महकमों में सुविधाएं पाने के लिए योग्य होते हैं.


मिसाल के तौर पर भारत रत्न पाने वालों को रेलवे की ओर से मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है. उन्हें अहम सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए न्योता मिलता है.


भारत रत्न से जुड़े कुछ तथ्य............

1. भारत रत्न गैर-भारतीयों को भी दिया जा सकता है क्योंकि इस बारे में कोई लिखित नियम नहीं है. गैर-भारतीय, खान अब्दुल गफ्फार खान और नेल्सन मंडेला को भी भारत रत्न से सम्मानित किया गया है.


2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 18(1) के अनुसार पुरस्कार विजेता अपने नाम के आगे या पीछे 'भारत रत्न' का प्रयोग नहीं कर सकते. हालांकि, वे अपने बायोडाटा, विजिटिंग कार्ड, लेटर हेड आदि में 'राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भारत रत्न' या 'भारत रत्न पुरस्कार के प्राप्तकर्ता' जोड़ सकते हैं.


3. सबसे कम उम्र के भारत रत्न पुरस्कार विजेता और पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी 2014 में सचिन तेंदुलकर थे.


4. हर साल अधिकतम तीन भारत रत्न दिए जा सकते हैं. 1999 में पहली बार ऐसा हुआ जब चार लोगों को एक ही साल में भारत रत्न दिए गए.


Edited by Upasana

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