क्या है Quad शिखर सम्मेलन, जिसमें भाग लेने जापान गए हैं PM मोदी

Quad का पूरा नाम Quadrilateral Security Dialogue है. क्वाड के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है- एक मुक्त, खुले, समृद्ध और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए काम करना.

क्या है Quad शिखर सम्मेलन, जिसमें भाग लेने जापान गए हैं PM मोदी

Monday May 23, 2022,

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क्वाड शिखर सम्मेलन 2022 (Quad Summit 2022) के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) जापान पहुंच चुके हैं. यह शिखर सम्मेलन सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने व हिंद-प्रशांत क्षेत्र से संबंधित घटनाक्रमों पर चर्चा करने पर केंद्रित है। क्वाड शिखर सम्मेलन टोक्यो में 24 मई को होने वाला है. शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस भी हिस्सा लेंगे। पिछले साल क्वाड शिखर सम्मेलन अमेरिका द्वारा वर्चुअली आयोजित किया गया था.

क्या है क्वाड

क्वाड भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान देशों का समूह है. इसका उद्देश्य भारत-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक राष्ट्रों के हितों की रक्षा करना और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना है. इसका पूरा नाम चतुर्भुज सुरक्षा संवाद’ (QUAD- Quadrilateral Security Dialogue) है. यह चारों देशों के बीच एक अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता प्लेटफॉर्म है. क्वाड के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है- एक मुक्त, खुले, समृद्ध और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए काम करना.

कब हुई थी शुरुआत

क्वाड की अवधारणा औपचारिक रूप से सबसे पहले साल 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे द्वारा प्रस्तुत की गई थी. 2004 में हिंद महासागर में सुनामी आई, जिससे तटीय देश काफी प्रभावित हुए थे। तब भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने मिलकर सुनामी प्रभावित देशों की मदद की। इसके बाद 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने क्वाड (QUAD) का गठन किया। साल 2007 से 2010 के बीच हर साल क्वाड की बैठकें होती रहीं, लेकिन इसके बाद बंद हो गईं। कहा जाता है कि उस वक्त चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर काफी दबाव डाला, जिसके बाद वह क्वाड से दूरियां बनाने लगा। हालांकि, 2017 में फिर से चारों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मिलकर क्वाड को मजबूत करने का फैसला लिया। इस बार के क्वाड शिखर सम्मेलन में रक्षा, विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा, व्यापार समेत कई मसलों पर चर्चा होगी।