जब केजीएफ स्टार यश घर से सिर्फ 300 रुपये लेकर भाग गए

कन्नड़ स्टार नवीन कुमार, जिन्हें आप सभी यश नाम से जानते हैं, सैंडलवुड के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले अभिनेताओं में से एक हैं। राजधानी, मिस्टर और मिसेज रामाचारी, यश जैसी फिल्मों में अपनी एक्टींग का जौहर दिखा चुके यश ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष किया है।


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कन्नड़ फिल्मों के स्टार नवीन कुमार उर्फ यश


KGF चैप्टर 1 की सफलता के बाद कन्नड़ सुपरस्टार ने दुनिया भर से बहुत अधिक ध्यान आकर्षित किया है। पूरा देश अभिनेता की अगली फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है कि कब उन्हें KGF: चैप्टर 2 के साथ बड़े पर्दे पर वापस देखा जाए।


जबकि दर्शकों को यह जानने का इंतज़ार है कि लॉकडाउन के बाद फिल्म इंडस्ट्री किस तरह से अपना काम फिर से शुरू करेगी। लेकिन तब तक हम यहाँ आपके लिए यश के एक द्वारा दिए गए इंटरव्यू के बारे में बताने जा रहे हैं जहां यश ने अभिनेता बनने के अपने संघर्ष के बारे में अपने दिल की बात कही।


द न्यूज मिनट के साथ एक साक्षात्कार के दौरान, यश ने खुलासा किया कि वह घर से सिर्फ 300 रुपये लेकर भाग गए और बेंगलुरु पहुंच गए। बकौल यश,

"मैं अपने घर से भाग गया। जब मैं बेंगलुरु पहुँचा, तो मैं डर गया। इतना बड़ा, डराने वाला शहर। लेकिन मैं हमेशा एक आश्वस्त आदमी था। मैं संघर्ष करने से नहीं डरता था। जब मैं बेंगलुरु पहुंचा तो मेरे पास अपनी जेब में महज़ 300 रुपये थे। मुझे पता था कि अगर मैं वापस चला गया, तो मेरे माता-पिता मुझे कभी यहां वापस नहीं आने देंगे। मेरे माता-पिता ने मुझे एक अल्टीमेटम दिया। मैं एक अभिनेता के रूप में अपनी किस्मत आजमाने के लिए आजाद था, लेकिन उसके बाद, अगर मैं एक्टर नहीं बन पाता तो मैं वही करता जो मेरे माता-पिता मुझे करने के लिए कहते।


उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने (मेरे माता-पिता ने) सोचा था कि मैं वापस आ जाऊंगा। मैंने थिएटर करना शुरू कर दिया। एक व्यक्ति सौभाग्य से मुझे थिएटर करने के लिए ले गया। मुझे इसके बारे में कुछ भी नहीं पता था। मैंने बैकस्टेज पैसा बनाना शुरू कर दिया। चाय लाने से लेकर सब कुछ किया ... शुरू में, मैंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करने के लिए एक निर्देशक की भी सहायता की। जबकि मैंने थिएटर किया, मैंने बहुत संघर्ष किया तब जाकर बड़े पर्दे पर पहली बार मेरी एंट्री हुई।"

खैर, यश ने असफलता और सफलता को समान रूप से देखा है। यश सफलता को बहुत गंभीरता से नहीं लेती है और यही बात उन्हें इस इंडस्ट्री में सर्वाइव करने में मदद कर रही है।



Edited by रविकांत पारीक