Youtube का पेड लर्निंग कोर्स क्यों है भारतीय एडटेक कंपनियों के लिए खतरे की घंटी?

By Vishal Jaiswal
December 20, 2022, Updated on : Tue Dec 20 2022 09:41:24 GMT+0000
Youtube का पेड लर्निंग कोर्स क्यों है भारतीय एडटेक कंपनियों के लिए खतरे की घंटी?
Youtube के इस कदम ने उसे सीधे-सीधे BYJU'S, Unacademy और Physics Wallah जैसी देश की दिग्गज एडटेक कंपनियों के सामने खड़ा कर दिया है. इनमें से अधिकतर ने अपनी शुरुआत यूट्यूब से ही की थी.
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Youtube ने सोमवार को घोषणा की कि वह भारत में क्वालिफाइड क्रिएटर्स को अगले साल की शुरुआत से कंज्यूमर्स के लिए फ्री और पेड़ कोर्सेज मुहैया कराने की मंजूरी देगी.


यूट्यूब पर पिछले कई सालों से एजुकेशन कंटेंट चल रहे हैं. हालांकि, अब यूट्यूब की हालिया घोषणा से क्रिएटर्स को दर्शकों को अधिक व्यापक, स्ट्रक्चर्ड लर्निंग एक्सपीरियंस प्रदान करने की अनुमति देगा. वहीं, इसके बदले में क्रिएटर्स को विज्ञापन, चैनल की सदस्यता और सब्सक्रिप्शन के अलावा एक नया मोनेटाइजेशन ऑप्शन मिलेगा. क्रिएटर्स YouTube ऐप के माध्यम से दर्शकों को पूरक सामग्री जैसे डॉक्यूमेंट्स, तस्वीरें और PDF भी मुहैया करा सकेंगे.


परंपरागत रूप YouTube अपने विज्ञापन राजस्व का 55 प्रतिशत क्रिएटर्स को भुगतान करता है जबकि बाकी के हिस्से को अपने पार्टनर प्रोग्राम के रूप में रखता है। आज भारत में 6 करोड़ वीडियोज ऐसे हैं जो लर्निंग और स्किलिंग कंटेंट पर फोकस करते हैं.

भारतीय एडटेक कंपनियों का बढ़ेगा संकट

यूट्यूब के इस कदम ने उसे सीधे-सीधे BYJU'S, Unacademy और Physics Wallah जैसी देश की दिग्गज एडटेक कंपनियों के सामने खड़ा कर दिया है. इनमें से अधिकतर ने अपनी शुरुआत यूट्यूब से ही की थी.


हालांकि, यूट्यूब की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देश में एडटेक कंपनियों की मांग में भारी कमी होती जा रही है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर्स दोबारा से खुल गए हैं और स्टूडेंट्स पारंपरिक ऑफलाइन लर्निंग मोड में पढ़ाने के लिए वापस लौट गए हैं.


ऑनलाइन लर्निंग की घटती डिमांड और फंडिंग मिलने की रफ्तार में तेजी से आई कमी ने लगभग सभी एडटेक कंपनियों को बड़े पैमाने पर कॉस्ट कटिंग के लिए मजबूर किया है. लगभग सभी एडटेक कंपनियों ने अपने यहां छंटनी की है. इसके साथ ही, नॉन-कोर वर्टिकल्स को बंद कर दिया और विस्तार की योजनाएं को रोक दिया.

11 हजार कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं एडटेक कंपनियां

साल 2022 की शुरुआत से अब तक एडटेक कंपनियां 11 हजार कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं. बीते जून में 2500 कर्मचारियों को निकालने के बाद देश की दिग्गज एडटेक यूनिकॉर्न BYJU'S ने 12 अक्टूबर को एक बार फिर से 2500 कर्मचारियों को निकालने की घोषणा की है.


वहीं, आर्थिक संकट का हवाला देते हुए फरवरी में रोनी स्क्रूवाला समर्थित एडटेक स्टार्टअप Lido Learning ने 1200 कर्मचारियों को निकाल दिया था. इसके बाद पिछले महीने, Lido Learning ने नकदी की कमी के कारण नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच में दिवाला और दिवालियापन के लिए अपील दायर की थी.


वहीं, SoftBank समर्थित Unacademy ने सेल्स और मार्केटिंग और कुछ कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों को मिलाकर 750 लोगों को निकाला है. Vedantu ने भी तीन चरणों में 700 से अधिक कर्मचारियों को निकाल दिया था.


FrontRow और Udayy ने क्रमश: 145 और 100 कर्मचारियों को निकाला था. उदय की को-फाउंडर सौम्या यादव ने तो यहां तक कहा दिया था कि वह अपना कारोबार बंद कर देंगी और 8.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग निवेशकों को वापस लौटा देंगी.



Eruditus ने भी जून 2022 में 80 लोगों को कंपनी से निकाला था. जबकि 2021 में इस 1300 लोगों को हायर किया था. एडटेक प्लेटफॉर्म LEAD (पहले LEAD School) ने करीब 90 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. वहीं, 24 नवंबर को Amazon ने अपने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म अमेजन अकेडमी को बंद करने की घोषणा कर दी.

एडटेक ऐप डाउनलोड 4 साल के निचले स्तर

यही नहीं, मैक्वेरी रिसर्च (Macquarie Research) द्वारा विश्लेषण किए गए सितंबर तिमाही के साथ-साथ अक्टूबर महीने के एपटॉपिया (Apptopia) मोबाइल ऐप डेटा के अनुसार, सितंबर तिमाही के दौरान एडटेक ऐप्स का डाउनलोड पिछले चार वर्षों में सबसे कम रहा है. इससे पता चलता है कि एडटेक सेक्टर कोविड-19 महामारी के दौरान हासिल उछाल को बनाए रखने में असमर्थ रहा है.

प्राइवेट इंवेस्टमेंट ट्रैकर Tracxn के आंकड़ों के पता चलता है कि एडटेक मार्केट इस साल के 9 महीने में एडटेक स्टार्टअप्स की फंडिंग करीब आधी रह गई है. जनवरी से सितंबर के 9 महीने के दौरान फंडिंग 45 फीसदी तक घटकर 2.2 अरब डॉलर रह गई है.