कम ही लोग जानते हैं सिंगापुर के बारे में ये 5 बातें, इन्हीं के चलते वहां खिंचे जाते हैं तमाम स्टार्टअप

हर किसी को आपने ये कहते सुना होगा कि सिंगापुर में बिजनेस करना बहुत आसान है. सवाल ये है कि आखिर सिंगापुर में ऐसा भी क्या है कि वहां पर एशिया के बहुत सारे स्टार्टअप अपना मुख्यालय बनाते हैं.

कम ही लोग जानते हैं सिंगापुर के बारे में ये 5 बातें, इन्हीं के चलते वहां खिंचे जाते हैं तमाम स्टार्टअप

Saturday March 11, 2023,

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अक्सर देखा जाता है कि तमाम स्टार्टअप (Startup) सिंगापुर (Singapore) में रजिस्टर होते हैं. हर किसी को आपने ये कहते सुना होगा कि सिंगापुर में बिजनेस करना बहुत आसान है. सवाल ये है कि आखिर सिंगापुर में ऐसा भी क्या है कि वहां पर एशिया के बहुत सारे स्टार्टअप अपना मुख्यालय बनाते हैं. भारत में ऐसी 8000 से भी अधिक कंपनियां हैं जो सिंगापुर में रजिस्टर हैं और इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है. सिंगापुर में यूं ही नहीं तमाम स्टार्टअप रजिस्टर होते हैं, इसकी एक-दो नहीं बल्कि 5 बड़ी वजहें (Singapore Amazing Facts) हैं.

1- ईज ऑफ डूईंग बिजनेस

सिंगापुर में तमाम कंपनियां इसलिए रजिस्टर होती हैं, क्योंकि वहां पर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनस' बहुत अच्छा है. वहां बाहर से जो पैसा आता है, वह तेजी से प्रोसेस होता है, जिससे बिजनस को फायदा होता है. इतना ही नहीं, मर्जर और एक्विजिशन के लिए भी सिंगापुर में अच्छा माहौल है, जिससे चीजें बहुत आसान हो जाती हैं. सिंगापुर में बिजनेस शुरू करना ही नहीं, उसे बंद करना भी आसान है, जबकि भारत में दोनों में ही बहुत सारी दिक्कतें होती हैं. ईज ऑफ डूइंग बिजनस की 2020 की रैंकिंग में सिंगापुर दूसरे नंबर पर था, जबकि 190 देशों की लिस्ट में भारत 63वें नंबर पर था.

2- प्रोटेक्शन के कानून

जो भी कंपनियां सिंगापुर में रजिस्टर होती हैं, उन्हें वहां की तरफ से कंप्रेहेंसिव इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन दी जाती है. इसकी वजह से भी दुनिया की बहुत सारी कंपनियां सिंगापुर में अपना मुख्यालय बनाती हैं.

3- डबल टैक्सेशन नहीं होता

सिंगापुर में कंपनियों के लिस्ट होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है वहां पर कम टैक्स लगता है. तमाम कंपनियां अपने नेट प्रॉफिट से डिविडेंड देती हैं. यानी उस पर कंपनी पहले ही टैक्स दे चुकी है, लेकिन शेयर होल्डर को फिर से टैक्स चुकाना होता है. सिंगापुर में कंपनी रजिस्टर होने पर उसे डिविडेंड पर टैक्स नहीं चुकाना होता है, यानी उसे डिविडेंड पर टैक्स छूट मिलती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि सिंगापुर में डबल टैक्सेशन नहीं होता है.

4- कॉरपोरेट टैक्स भी बहुत कम

सिंगापुर में कंपनियों पर लगने वाला कॉरपोरेट टैक्स भी बहुत कम है. सिंगापुर में कॉरपोरेट टैक्स 0-17 फीसदी के बीच है, जबकि भारत में यह टैक्स 30-35 फीसदी तक है. इतना ही नहीं, भारत में निवेशकों और बिजनेस करने वालों के लिए कैपिटल गेन टैक्स भी एक बड़ा सिरदर्द है. भारत में यह 10 फीसदी तक लगता है, जबकि सिंगापुर में यह टैक्स नहीं लगता है.

5- फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

सिंगापुर ने कुल मिलाकर 24 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हुए हैं, जो अमेरिका के 14 और चीन के 11 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से काफी अधिक है. इन ट्रेड एग्रीमेंट का मकसद ये है कि ट्रेड के रास्ते में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके. इसकी वजह से दुनिया भर के देशों के साथ बिजनेस आसान बनता है.