क्या पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आएंगे? जानिए पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा

By yourstory हिन्दी
November 15, 2022, Updated on : Tue Nov 15 2022 04:55:32 GMT+0000
क्या पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आएंगे? जानिए पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा
केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगाती है तो राज्य सरकारें इसपर वैट और सेस यानी अतिरिक्त टैक्स लगाते हैं. यही वजह है कि देश अलग-अलग हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दामों में काफी अंतर होता है.
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के लिए तैयार है लेकिन इसपर राज्यों के सहमत होने की संभावना कम है.


पुरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए राज्यों की सहमति जरूरी है और अगर राज्य इस दिशा में पहल करते हैं तो केंद्र भी इसके लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही इसके लिए तैयार रहे हैं. यह मेरी समझ है. हालांकि, दूसरा मुद्दा इसे लागू करने के तरीके का है. उस सवाल को वित्त मंत्री के समक्ष उठाया जाना चाहिए.’’


पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की लंबे समय से उठ रही मांग के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने इस बात की आशंका जताई कि राज्यों के बीच इसपर सहमति बनने की संभावना कम ही है. उन्होंने कहा कि राज्यों के राजस्व का प्रमुख स्रोत शराब एवं पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाला कर ही होता है.


पुरी ने कहा, ‘‘यह समझना अधिक मुश्किल नहीं है कि राज्यों को इनसे राजस्व मिलता है. राजस्व पाने वाला आखिर उसे क्यों छोड़ना चाहेगा? सिर्फ केंद्र सरकार ही मुद्रास्फीति और अन्य बातों को लेकर फिक्रमंद रहती है.’’


उन्होंने केरल हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले को जीएसटी परिषद में उठाने का सुझाव दिया गया था लेकिन राज्यों के वित्त मंत्री इस पर तैयार नहीं हुए. उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक जीएसटी का सवाल है तो हमारी या आपकी इच्छाएं अपनी जगह हैं, हम एक सहकारी संघीय व्यवस्था का हिस्सा हैं.’’

पेट्रोल-डीजल पर 46 फीसदी टैक्स लगता है

केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगाती है तो राज्य सरकारें इसपर वैट और सेस यानी अतिरिक्त टैक्स लगाते हैं. यही वजह है कि देश अलग-अलग हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दामों में काफी अंतर होता है. पेट्रोल और डीजल के बाजार मूल्य पर 46 फीसदी टैक्स लगता है.

पेट्रोल पर टैक्स

14 नवंबर, 2022 को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल का भाव 89.62 रुपये है. एक लीटर पेट्रोल का बेस प्राइस 56.35 रुपये होता है. इसमें भाड़ा 20 पैसा लगता है. एक्साइज ड्यूटी अब 19.9 रुपये प्रति लीटर लगेगा. इस पर डीलर कमीशन 3.78 रुपये और वैट 15.17 रुपये कटेगा. कुल मिलाकर एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको दिल्ली में 96.72 रुपये लीटर पड़ेगा.

डीजल पर टैक्स

14 नवंबर, 2022 को दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 89.62 रुपये लीटर है. इसमें बेस प्राइस 57.94 रुपये प्रति लीटर कटता है. इसमें भाड़ा 22 पैसे लगता है. अब एक्साइज ड्यूटी 15.8 रुपये लगेगा. डीलर कमीशन 2.57 रुपये और वैट 13.11 रुपये देना होगा. कुल मिलाकर एक आम आदमी को एक लीटर डीजल के लिए दिल्ली में 89.62 रुपये देने होंगे.

SBI ने भी दिया है GST के दायरे में लाने का सुझाव

इस साल मई में एसबीआई की एक रिपोर्ट में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण राजस्व में उतार-चढ़ाव के प्रभाव से बचने के लिए जीएसटी के तहत पेट्रोलियम पदार्थों को शामिल करने का सुझाव दिया गया था.


तेल कर ढांचे में जटिलताओं को कम करने और अस्थिर कच्चे तेल की कीमत के कारण तेल राजस्व में अत्यधिक अस्थिरता को कम करने का अंतिम समाधान इसे जीएसटी के दायरे में लाना होगा.

कीमतों में गिरावट के सवाल पर भड़के मंत्री

पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में गिरावट की संभावना के बारे में पूछे जाने पर पुरी ने कहा, ‘‘मैं आपके सवाल से अचंभित हूं. पिछले एक साल में इनकी कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी शायद भारत में ही हुई है. मॉर्गन स्टेनली भी कह रहा है कि भारत दुनियाभर में एक सबसे बेहतर स्थिति में रहा है.’’


उन्होंने कहा कि भारत ने उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम उठाकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से खुद को बचाये रखा है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं काल्पनिक सवालों के जवाब नहीं देता लेकिन केंद्र सरकार की कोशिश यही होगी कि कीमतें स्थिर बनी रहें.’’


Edited by Vishal Jaiswal