50 साल की उम्र में इस महिला उद्यमी ने शुरू किया वेलनेस ब्रांड, 80 लाख के मुनाफे की उम्मीद

By Rekha Balakrishnan
March 04, 2022, Updated on : Sun Mar 06 2022 05:51:24 GMT+0000
50 साल की उम्र में इस महिला उद्यमी ने शुरू किया वेलनेस ब्रांड, 80 लाख के मुनाफे की उम्मीद
अर्चना सोनी ने 50 साल की उम्र में अपने बेटे डॉ उज्जवल सोनी के साथ मिलकर 'Ashvatha' की शुरुआत की। यह एक ऐसा ब्रांड है, जो पारंपरिक विधियों पर आधारित प्राकृतिक, हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों को आधुनिक तरीके से पेश करता है।
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अर्चना सोनी का जीवन करीब 25 सालों तक उनके परिवार और बच्चों की परवरिश के लिए समर्पित रहा। वह आयुर्वेद, अध्यात्म और एक हेल्थी लाइफ स्टाइल को मानने वाली महिला हैं। परिवार के सदस्यों और दोस्तों को स्वस्थ रखने के लिए इस दौरान बहुत से सुपरफूड्स और जड़ी-बूटियों के विभिन्न मिश्रणों के साथ प्रयोग किया।


दिल्ली में जन्मी और पली-बढ़ी अर्चना ने गणित में बीए किया है और शुरुआती दिनों में वह अपने पिता को उनके रेस्टोरेंट बिजनेस में मदद करती थीं। बाद में डॉक्टर पति से शादी के बाद वह पानीपत चली गईं।

टीम के सदस्यों के साथ अर्चना सोनी

टीम के सदस्यों के साथ अर्चना सोनी

अर्चना कहती हैं, “मेरे मोटिवेशन का जरिया मेरे परिवार को सबसे बढ़िया पोषक तत्व प्रदान करना और उन्हें स्वस्थ रखना था। मेरे बच्चे चूजी थे यानी वे बहुत सारी चीजें नहीं खाती थे। मुझे भी इसका एहसास था कि स्वास्थ्य लाभ के चक्कर में स्वाद से समझौता नहीं करना चाहिए, अन्यथा वे उन्हें कुछ दिनों में अस्वीकार कर देंगे। इसलिए मैंने बहुत सारे सुपरफूड्स को मिक्स कर कई सारे अलग आहार बना लिए। इन आहारों को रोजाना के फूड में शामिल करना आसान था क्योंकि स्वस्थ होने के साथ-साथ इनके स्वाद भी अच्छे थे।"

एक जुनून जो आंत्रप्रेन्योरशिप में बदल गया

अर्चना ने तीन साल तक इन उत्पादों को खासतौर से अपने दोस्तों और परिवार के लिए मुफ्त में बनाया।


वह कहती हैं, "जब लोग हर महीने इन उत्पादों को पहले से अधिक मात्रा में मांगने के लिए मेरे पास आने लगे, तो तो मेरे बेटे डॉ. उज्ज्वल ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और सुझाव दिया कि मैं इन उत्पादों को दुनिया के सामने उचित तरीके से लाऊं। मैं इसके लिए तैयार थी। शायद मुझे ऐसे मौके का हमेशा से इंतजार था और बस अपने बेटे के समर्थन से आखिरकार मुझे अपना पहला आंत्रप्रेन्योरशिप ब्रेक मिला।"


उन्होंने 2020 में इस बिजनेस को Archna Foods के रूप में रजिस्टर किया और बिना किसी मार्केटिंग रणनीति के पहले दो महीनों में ही करीब 1.5 लाख रुपये की बिक्री की।


वह आगे कहती हैं, “हमें लोगों से जिस तरह की प्रतिक्रिया मिली और मेरे उत्साह को देखते हुए, मेरा बेटा उज्जवल इसमें को-फाउंडर के तौर पर शामिल हुआ। हमने दिसंबर 2020 में Ashvathaब्रांड नेम से अपने उत्पादों को दोबारा लॉन्च और रीपैकेज किया। कई बाजारों में सूचीबद्ध किया और अपना खुद का D2C स्टोर बनाया और अप्रैल 2021 में आखिरकार बिक्री शुरू की।”


शुरुआती रणनीति कर्मचारियों की संख्या को कम से कम रखने की थी। दोनों कोफाउंडर्स को एहसास था कि सफर कठिन हो सकता है ऐसे में लंबी अवधि तक टिके रहने के लिए पूंजी को बचाए रखना अहम है। 


अर्चना बताती हैं, “शुरुआत में हमारे पास एक स्थापित मैन्युफैक्चरिंग सेटअप नहीं था। इसलिए हमने अपने ड्राइंग-रूम और बालकनी को मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में बदल दिया। हमारे पास कमर्शियल ग्राइंडर मशीन नहीं थी, इसलिए छोटे घरेलू मिक्सर और ग्राइंडर का इस्तेमाल किया। मैं और मेरे बेटा ही फूडमेकर, पैकर, कस्टमर सपोर्ट रिप्रजेंटेटिव्स, सोशल मीडिया मैनेजर, Ashvatha के मार्केटियर आदि सब कुछ थे।“


Ashvatha ने जैसे ही लोकप्रियता हासिल करना शुरू किया, को-फाउंडर्स ने समाज के हाशिए के वर्गों की महिलाओं को रोजगार देने और उन्हें ट्रेनिंग देने का फैसला किया ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें। फिलहाल, वे चार महिलाओं के साथ मैन्युफैक्चरिंग में काम करते हैं। इसके अलावा उनकी मार्केटिंग और कस्टमर सपोर्ट की टीम की सभी सदस्य भी महिलाएं ही हैं।

Ashvatha

सदियों पुराने आयुर्वेदिक ज्ञान पर आधारित

अश्वथा के जरिए को-फाउंडर्स का मिशन सदियों पुराने आयुर्वेदिक ज्ञान पर आधारित शुद्ध, प्राकृतिक और प्रामाणिक भारतीय सुपरफूड मुहैया कराना है।


ये अपने उत्पादों के लिए कच्चा माल सीधे केरल और मेघालय के किसानों से लेते हैं। हरियाणा के पानीपत में इनकी फैसिलिटी है, जहां महिला कर्मचारियों कच्चे मसालों और जड़ी-बूटियों की प्रॉसेसिंग की जाती है। उत्पादों को उनके अपने रेसिपी के अनुसार तैयार किया जाता है।


वर्तमान में, अश्वथा अपनी रेंज में पांच उत्पाद पेश करता है। इसमें अश्वथा मिल्क बूस्टर, अश्वथा चाय मसाला, अश्वथा हल्दी लट्टे, अश्वथा डिटॉक्स काढ़ा और अश्वथा हर्बल सब्जी मसाला शामिल हैं।


उनके बेटे डॉ. उज्जवल सोनी, कंपनी के सेल्स, मार्केटिंग और तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखते हैं, जबकि वह मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट की देखभाल करती हैं।


अश्वथा के टारगेट कस्टमर 22-40 आयु वर्ग के मिलेनियल्स हैं।


अर्चना कहती हैं, “कोरोना महामारी के बाद लोग अच्छे और हेल्दी खाने की तरफ नाटकीय रूप शिफ्ट हुए हैं। हम उनके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हेल्दी विकल्पों के साथ-साथ अन्य उत्पादों की पेशकश करते हैं।”


D2C ब्रांड के रूप में, अश्वथा उत्पाद अपने स्वयं के ईकॉमर्स स्टोर पर उपलब्ध हैं और साथ ही सभी प्रमुख बाजारों जैसे अमेजन लॉन्चपैड, फ्लिपकार्ट, बिगबास्केट, ड्रिंक्सडेली, वनग्रीन, आदि पर सूचीबद्ध हैं।


अर्चना बताती हैं कि इस सेगमेंट में बहुत कम स्थापित ब्रांड हैं।


वह कहती हैं, “Auric या Wellbeing Nutrition जैसे स्टार्टअप या तो सप्लीमेंट्स, आयुर्वेदिक दवाओं या फिर नई कैटेगरी बनाने पर फोकस कर रहे हैं। वहीं हमारा ध्यान डेली लाइफ में खाने या पीने वाली चीजों पर है। उदाहरण के लिए, एक चाय मसाला या मिल्क ड्रिंक मिक्स। हम जानते हैं कि लोग पहले से क्या पसंद करते हैं और हम उन उत्पादों का निर्माण सबसे बढ़िया संभव सामग्री के साथ सबसे प्राकृतिक रूप में करते हैं और स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के साथ उन्हें मजबूत करते हैं। अभी के लिए हमारी रणनीति सरल है - अधिक से अधिक संख्या में ग्राहकों तक पहुंचने के लिए कम लागत के साथ सबसे अच्छी क्वालिटी वाले उत्पादों का निर्माण करें।“


फाउंडर्स ने Ashvatha के ई-कॉमर्स स्टोर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए इस कंपनी को 5 लाख रुपये के निवेश के साथ शुरू किया। इसने पिछले साल अप्रैल में कामकाज शुरू किया और दिसंबर 2021 तक करीब 30 लाख रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। इस साल कंपनी को 80 लाख रुपये के राजस्व की उम्मीद है।


संस्थापकों को जिन शुरुआती चुनौतियों का सामना करना पड़ा उनमें विज्ञापनों और ऑपरेशन को बढ़ाना शामिल था जो एक उचित टीम और कैश फ्लो के बिना बहुत मुश्किल था।


वह कहती हैं, "हमें हर चीज का दोबारा मूल्यांकन करना पड़ा और टीम में और लोगों को धीरे-धीरे जोड़ने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाने पड़े। हमारे लिए सबसे बड़ी सफलता तब थी जब लोगों ने व्यक्तिगत रूप से समय निकालकर टेक्स्ट/ईमेल के जरिए हमें रिव्यू भेजे। हमें बताया कि उन्होंने हमारे उत्पादों की क्वालिटी की कितनी सराहना की। इनसे हमें अपने माहौल अनुकूल नहीं रहने पर भी आगे बढ़ने में मदद मिली।”


आने वाले समय में को-फाउंडर्स की योजना अश्वथा की उपस्थिति को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों चैनलों पर और अधिक बढ़ाने की है।


वह आगे कहती हैं, “हम तेजी से ग्रोथ के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहे है और निवेशकों के संपर्क में हैं। इसके अलावा, हमारे पास संपूर्ण वेलनेस के लिए कई अन्य उत्पाद हैं।”


Edited by रविकांत पारीक