महिलाओं के लिए कैसा है गोवा में बिज़नेस करना? जानें गोवा में स्टार्टअप शुरू करने वाली दो महिला उद्यमियों की कहानी

10th Jul 2019
  • +0
Share on
close
  • +0
Share on
close
Share on
close

2017 में, गोवा सरकार ने राज्य भर में उद्यमशीलता का समर्थन करने के लिए अपनी स्टार्टअप नीति शुरू की। सीड कैपिटल स्कीम और आर एंड डी रीइम्बर्समेंट स्कीम (R&D Reimbursement Scheme) जैसे इंसेंटिव्स होस्ट करने वाले गोवा को भारत के नवीनतम स्टार्टअप हब बनने की उम्मीद की जा सकती है। गोवा में स्टार्टअप के माहौल के बढ़ने के साथ, कई महिलाएं भी उद्यमिता में आ रही हैं। योरस्टोरी ने चेरी ट्री कॉन्सेप्ट्स (Cheree Tree Concepts) की रीना बैरेटो और एआर कंसल्टिंग सॉल्यूशंस की रचना देशपांडे से बात की, और जाना कि गोवा में बिजनेस करना कैसा है।


Goa Startups

पहली फोटो में Cheree Tree Concepts की फाउंडर रीना बैरेटो और दूसरी फोटो में Consulting Solutions की फाउंडर रचना देशपांडे



रीना बैरेटो, चेरे ट्री कॉन्सेप्ट्स

इस साल फरवरी में 45 वर्षीय रीना बैरेटो द्वारा स्थापित चेरी ट्री कॉन्सेप्ट, एक एग्रीगेटर है जो अपने ग्राहकों के लिए पावरफुल ब्रांड बिल्डिंग और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। हाल ही में स्थापित चेरी ट्री का निर्माण रीना ने एक साल पहले शुरू किया था। फिलहाल कंपनी पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है।


स्टार्टअप की तैयारी

भले ही रीना का पालन-पोषण गोवा में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने करियर का अधिकांश हिस्सा मुंबई में बिताया। मुंबई में उन्होंने देश के कुछ शीर्ष ब्रांड्स के लिए ब्रांड डेवलपमेंट पर काम किया। उन्होंने एक मल्टीनेशनल बैंक में भी काम किया, जहां वे कई विभागों की प्रमुख रहीं। रीना आखिरकार 15 साल बाद गोवा लौट आईं। एक दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली रीना ने प्रीस्कूल स्पेस में अपने पहले उद्यम के साथ उद्यमिता में उतरने का फैसला किया। हालांकि, रीना ने जैसा प्लान किया था ये वैसा नहीं चल पाया। उसके बाद उन्होंने चेरी ट्री कॉन्सेप्ट्स को शुरू करने का फैसला किया। 


चुनौतियां

संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्टार्टअप संस्थापकों की औसत आयु 31 वर्ष है। रीना जोकि 40 साल की हैं, उन्हें अपनी उम्र के चलते उद्यमी मार्ग में जाने को लेकर कुछ चिंताएँ थीं। वह कहती हैं, "मैं समझती थी कि बतौर उद्यमी देर से स्टार्टअप शुरू करना एक अड़चन थी, क्योंकि पुराने उद्यमियों को अपनी प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए टेक्नॉलोजी को अपनाने व इसकी पॉवर का इस्तेमाल करना अच्छे से आता है। हालांकि मुझे कॉरपोरेट जगत और एक उद्यमी के रूप में अच्छा खासा अनुभव है। मैं इस बात से भी पूरी तरह परिचित थी कि इसमें अनुभव और जोखिम का क्या महत्व है क्योंकि मैं इससे पहले असफल हो चुकी थी। सच कहूं तो 'अड़चनें' मुझे अपनी सेवाओं को रचनात्मक रूप से फिर से परिभाषित करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।"


रीना कम प्रतिस्पर्धा, धीमी वृद्धि और कम जोखिम जैसी चुनौतियों को भी एड्रेस करती है, ताकि गोवा जैसा छोटा राज्य खड़ा हो सके। वह कहती हैं, "कंपनी की सर्विस या प्रोडक्ट को ऐसे लोगों को दिखाने का अवसर मिले जो प्रभावशाली हैं तो निश्चित रूप से मौजूदा चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी।" हालांकि, मौजूदा परिदृश्य के साथ, रीना का मानना है कि गोवा में काम करना रचनात्मक रूप से समृद्ध है।


अगला कदम

गोवा में बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर रीना कहती हैं, “अब जब गोवा खुद स्टार्टअप हब के रूप में अधिक दर्शनीय है, तो अब यह स्थानीय स्टार्टअप अर्थव्यवस्था के लिए अधिक अवसर पैदा करेगा। 'ब्रांड गोवा' को खुद को 'स्टार्टअप हैवन' के रूप में आगे बढ़ाना होगा क्योंकि अभी यह 'टूरिस्ट हेवन' के रूप में जाना जाता है।" आगे जाकर, रीना का उद्देश्य शक्तिशाली सहयोग और गठजोड़ स्थापित करना है, और उन ग्राहकों के साथ काम करना है जिनके पास मल्टी-सिटी व्यवसाय हैं।




रचना देशपांडे, एआर कंसल्टिंग

रचना देशपांडे द्वारा 2015 में स्थापित, एआर कंसल्टिंग सॉल्यूशंस (aR Consulting Solutions) एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी है, जिसका मुख्यालय गोवा के पोरवोरिम में है। ब्रांड 'नाइनडिजिट्स' के तहत, कंपनी ग्राहकों को एसईओ, प्रासंगिक विज्ञापन और ऑनलाइन ब्रांड मैनेजमेंट जैसी सेवाएं प्रदान करती है। इसने अपनी डिजिटल मार्केटिंग आवश्यकताओं के लिए विभिन्न कॉर्पोरेट्स, संस्थानों और अर्ध-सरकारी संगठनों के साथ काम किया है।


शुरुआत

मुंबई में जन्मी और पली-बढ़ीं, रचना ने अपनी हायर एजुकेशन और अपने कैरियर के पांच साल अमेरिका में सिटीबैंक, हाईमार्क और गोल्डनसोर्स जैसी कंपनियों में बिताए। 2012 में अपने बेटे के जन्म के बाद, रचना ने अपना समय उसे देने के लिए कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ दी। तीन साल के अंतराल के बाद, उन्होंने एआर कंसल्टिंग की स्थापना करके काम पर वापस जाने और उद्यमी बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने का फैसला किया। 38 वर्षीय रचना का कहना है कि स्टार्टअप शुरू करने की उनकी इच्छा काफी समय से उनके दिमाग में थी, लेकिन जब उनके पति को गोवा में नौकरी का मौका मिला, तो उन्हें एहसास हुआ कि वह आखिरकार अपने उद्यमिता के सपनों को हकीकत में बदल सकती हैं। रचना का कहना है कि उन्हें गोवा में स्टार्टअप शुरू करने का फैसला सही लगा, क्योंकि वह राज्य में आईटी क्षेत्र में तेजी लाने में मदद करना चाहती थी, जो 2015 में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं था।


चुनौतियां

गोवा से बाहर की होने के नाते, रचना को शुरू में स्टार्टअप शुरू करते समय कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ा। वह कहती हैं, “गोवा के घनिष्ठ समुदाय में प्रवेश करना काफी चुनौती भरा था। गोवा का समुदाय अभी भी नेटवर्क के भीतर मजबूत व्यवसायों के साथ बहुत करीब है, लेकिन जब आप अपनी साख स्थापित कर लेते हैं, तो वे आपको गले लगा लेते हैं।" रचना के सामने आने वाली अन्य चुनौतियों में सही कनेक्शन हासिल करना, और टीम में शामिल होने के लिए तकनीकी रूप से कुशल कर्मियों की तलाश करना शामिल थीं। 


अगला कदम

आगे बढ़ते हुए, रचना कहती हैं कि उनका लक्ष्य गोवा के बाहर एआर कंसल्टिंग के कस्टमर बेस को बढ़ाना है। कंपनी ने पहले ही छोटे बी 2 सी संस्थाओं से लेकर सरकारी परियोजनाओं, एमएसएमई, कॉर्पोरेट्स, रियल एस्टेट फर्मों और शैक्षणिक संस्थानों तक अपनी पहुंच बढ़ा दी है। एआर कंसल्टिंग ने हाल ही में मुंबई में अपना कार्यालय स्थापित किया है। रचना का कहना है कि तात्कालिक लक्ष्य इसे पूरी तरह कार्यात्मक, आत्मनिर्भर इकाई बनाना है। 


रीना और राचना के साथ, अन्य महिला उद्यमी जैसे पेपर फिएस्टा की संस्थापक मोनिशा जैन मोंडेर्ट की गुलनार जोशी भी गोवा के बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान दे रही हैं। उद्यमी मार्ग पर जाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, और राज्य की स्टार्टअप नीति के आने से, निश्चित रूप से कई और लोगों के लिए जगह बन रही है।




  • +0
Share on
close
  • +0
Share on
close
Share on
close
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest

Updates from around the world

Our Partner Events

Hustle across India