10 हजार युवा बनेंगे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, नौकरी मिलने के बाद ही देना होगा पढ़ाई का खर्च

By yourstory हिन्दी
October 09, 2022, Updated on : Sun Oct 09 2022 01:31:33 GMT+0000
10 हजार युवा बनेंगे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, नौकरी मिलने के बाद ही देना होगा पढ़ाई का खर्च
न्यूटन स्कूल 2019 में आईआईटी रुड़की से ग्रेजुएट सिद्धार्थ माहेश्वरी और निशांत चंदा द्वारा स्थापित एक नई यूनिवर्सिटी है. दोनों को हाल ही में फोर्ब्स इंडिया 30 अंडर 30 (Forbes India 30 Under 30) और फोर्ब्स एशिया 30 अंडर 30 (Forbes Asia 30 Under 30) द्वारा मान्यता दी गई है.
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गोवा सरकार ने बेंगलुरु स्थित नियो-यूनिवर्सिटी न्यूटन स्कूल (Newton School) के साथ एक स्ट्रैटजिक डिजिटल गोवा छात्रवृत्ति कार्यक्रम (Digital Goa Scholarship Program) की घोषणा की है. इस साझेदारी में एक कोडिंग और माइंडसेट बूटकैंप शामिल होगा. इसमें 6 महीने के फुल-स्टैक सर्टिफिकेशन प्रोग्राम होगा, जिससे छात्र उच्च गुणवत्ता वाले सॉफ्टवेयर डेवलपर बन सकते हैं.


न्यूटन स्कूल 2019 में आईआईटी रुड़की से ग्रेजुएट सिद्धार्थ माहेश्वरी और निशांत चंदा द्वारा स्थापित एक नई यूनिवर्सिटी है. दोनों को हाल ही में फोर्ब्स इंडिया 30 अंडर 30 (Forbes India 30 Under 30) और फोर्ब्स एशिया 30 अंडर 30 (Forbes Asia 30 Under 30) द्वारा मान्यता दी गई है.


न्यूटन स्कूल छात्रों को स्किल ओरिएंटेड और इंडस्ट्री फोकस्ड टेक कोर्सेज ऑफर करता है. वह उन्हें गूगल, जोमैटो, थॉटवर्क्स, शॉओमी, फ्लिपकार्ट, डिलॉयट, मीशो और टीसीएस जैसे 2000 से अधिक हायरिंग पार्टनर्स की कंपनियों में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और इंजीनियरों को प्लेटमेंट दिलाता है.


इस सहयोग का उद्देश्य गोवा को टेक एडवांस्डमेंट का सेंटर बनाना है, जहां हर साल 16,000 से अधिक छात्र ग्रेजुएट होते हैं. ई-लर्निंग मॉडल को अपनाकर, अधिक राज्य भी एडटेक के माध्यम से अपस्किलिंग टैलेंट का उपयोग कर सकते हैं.


ई-लर्निंग मॉडल को अपनाकर और भी राज्य भविष्य में एडटेक पार्टनरशिप के जरिए प्रतिभा को निखार सकते हैं. प्रोग्राम का अंतिम लक्ष्य सॉफ्टवेयर पेशेवरों को तैयार करने के साथ गोवा में एक आईटी हब का निर्माण है जो एक व्यक्ति के साथ-साथ एक सामाजिक स्तर पर अर्थव्यवस्था को जोड़ देगा, जिससे भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एजुकेशन का लोकतंत्रीकरण हो जाएगा.


डिजिटल गोवा छात्रवृत्ति कार्यक्रम 12 सप्ताह के कोडिंग और माइंडसेट बूटकैंप के साथ शुरू होगा, जहां तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों बैकग्राउंड के गोवा के छात्र नामांकन कर सकते हैं. इसमें, छात्रों को कंप्यूटर की दुनिया से परिचित कराया जाएगा और कोडिंग सीखने के लिए आवश्यक तार्किक सोच और योग्यता विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा.


इस बूटकैंप में नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन, मिंत्रा, अनएकेडमी, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट सहित दुनियाभर की विभिन्न सॉफ्टवेयर कंपनियों में काम करने वाले शीर्ष सलाहकारों, प्रशिक्षकों, न्यूटन स्कूल के पूर्व छात्रों और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स के सेशन भी शामिल होंगे.


बूटकैंप के बाद, छात्र 6 महीने का सर्टिफिकेशन प्रोग्राम पूरा करेंगे जो उन्हें फुल-स्टैक वेब डेवलपमेंट के लिए उपयुक्त बनाएगा. इसके अतिरिक्त, इस डिजिटल गोवा छात्रवृत्ति के तहत छात्रों को तब तक कुछ भी पेमेंट नहीं करना होगा जब तक कि उन्हें न्यूटन स्कूल के साथ प्लेसमेंट चरण में कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी नहीं मिल जाती और कमाई शुरू नहीं हो जाती.


Edited by Vishal Jaiswal