जोधपुर के स्कूली बच्चे महिलाओं के प्रति अपराध और दहेज जैसे अत्याचार को खत्म करने के लिए ले रहे शपथ

By yourstory हिन्दी
April 30, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:18 GMT+0000
जोधपुर के स्कूली बच्चे महिलाओं के प्रति अपराध और दहेज जैसे अत्याचार को खत्म करने के लिए ले रहे शपथ
कलेक्टर की पहल, बच्चे बनें समाज मे ंबदलाव के वाहक
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स्कूलों में जेंडर सेंसिटाइजेशन के लेए सकारात्मक पहल करते हुए जोधपुर प्रशासन ने सभी सरकारी और कुछ प्राइवेट स्कूलों में प्रार्थना के दौरान बच्चों से लड़कियों के साथ कोई बुरा व्यवहार न करने की शपथ दिलवाने का काम शुरू किया है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


प्रशासन ने प्रार्थना के दौरान दिलवाई जाने वाली शपथ में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया है, ताकि बच्चें लड़कियों और महिलाओं का सम्मान कर सकें और उनके साथ किसी तरह का बुरा व्यवहार न करें। इसमें 9वीं से 12वीं के किशोर छात्रों को शामिल किया गया है।

समाज में महिला-पुरुष के बीच गैरबराबरी का इतना असर है कि हर जगह उसकी झलक मिल ही जाती है। पढ़े लिखे लोग भी कई बार लैंगिक भेदभाव के प्रति जागरूक नहीं होते। फिर हम सोचते हैं कि क्या कहीं हमारी शिक्षा व्यवस्था में कोई कमी रह जा रही है, जिससे हमारा समाज इस मामले में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। स्कूलों में जेंडर सेंसिटाइजेशन के लेए सकारात्मक पहल करते हुए जोधपुर प्रशासन ने सभी सरकारी और कुछ प्राइवेट स्कूलों में प्रार्थना के दौरान बच्चों से लड़कियों के साथ कोई बुरा व्यवहार न करने की शपथ दिलवाने का काम शुरू किया है।

प्रशासन ने प्रार्थना के दौरान दिलवाई जाने वाली शपथ में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया है, ताकि बच्चें लड़कियों और महिलाओं का सम्मान कर सकें और उनके साथ किसी तरह का बुरा व्यवहार न करें। इसमें 9वीं से 12वीं के किशोर छात्रों को शामिल किया गया है। प्रार्थना सभा में जोधपुर प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। शपथ कुछ इस प्रकार होगी कि, 'मैं शपथ लेता हूं कि बेटी बचाने, महिलाओं के सम्मान और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सजग रहकर अपना योगदान दूंगा।'

यह पहल जोधपुर के कलेक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर के दिशा निर्देश पर पिछले हफ्ते सोमवार से शुरू हुई। पहले चरण में 15 स्कूलों में छात्रों को शपथ दिलाई जा चुकी है। इस अभियान को 'परस्पर' नाम दिया गया है क्योंकि परस्पर (आपसी) सहयोग के चलते ही समाज महिलाओं के प्रति सोच को बदल सकेगा। इस पर शहर के मयूर पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल शरद तिवारी ने कहा, 'यह काफी अच्छी पहल है। इससे बच्चों में समझ विकसित होगी और उन्हें पता चलेगा कि लड़कियों के साथ किसी तरह का भेदभाव या उन पर टिप्पणी करना अपराध है। लड़कियों और महिलाओं का सम्मान करना काफी जरूरी है।'

कलेक्टर रवि कुमार ने ने बताया कि अधिकारी स्कूलों में जाएंगे और बातचीत के जरिए छात्रों को दहेज, कन्या भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, अभद्र टिप्पणियां, एसिड अटैक और यौन शोषण जैसे कलंकित अपराध को रोकने के बारे में जागरूक करेंगे। अभियान के लिए बाहुबली-2 फिल्म से ऐक्टर प्रभास और ऐक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी की उस तस्वीर को लिया गया है जहां दोनों ने तीर और कमान पकड़ रखे हैं। कलेक्टर ने बताया कि समाज में ऐसी धारणा बनी हुई है कि महिलाएं पुरुषों के पीछे रहेंगी और उन्हें रक्षा के लिए पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ेगा। लेकिन इस धारणा को तोड़ने की कोशिश की जा रही है और बताया जा रहा है कि महिलाएं पुरुषों के साथ बराबरी से चलकर अपनी रक्षा खुद कर सकती हैं।

यह पहल जोधपुर के सभी 2,100 स्कूलों में संपन्न कराई जाएगी। जिसमें लगभग 3 लाख बच्चों को शामिल किया जाएगा। अभी तक आर्मी पब्लिक स्कूल बनाड़ रोड, सेंट्रल एकेडमी स्कूल, अवर लेडी पिलर कान्वेंट स्कूल, डीपीएस पाल रोड, लक्की बाल निकेतन, सेंट पॉल्स स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, सेंट एन्स स्कूल, केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स, बोधि इंटरनेशनल, विद्या आश्रम इंटरनेशनल स्कूल, श्री अरविंदो स्कूल और मयूर चौपासनी स्कूल में यह शपथ दिलवाई जा चुकी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि ऐसी पहलों से समाज में फैली लड़कियों के प्रति घृणित मानसिकता में कुछ बदलाव देखने को मिलेगा।

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