ये बीपी है क्या बला?

By yourstory हिन्दी
May 01, 2017, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:16:30 GMT+0000
ये बीपी है क्या बला?
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपको रक्तचाप की समस्या है या नहीं, तो दो हफ्ते तक लगातार अपने ब्लड प्रेशर की जांच करवायें। समय समय पर उसकी रीडिंग लेते रहें, क्योंकि आजकल की व्यस्ततम दिनचर्या में ब्लड प्रेशर का घटना बढ़ना आम बात समस्या है। क्या है ये बला, जानिये इस पर कुछ उपयोगी जानकारी।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

सामान्य तौर पर बीपी नापने के लिए जिस यंत्र का इस्तेमाल किया जाता है, उसे स्फिगमोमुनामीटर कहा जाता है। डॉक्टरी सलाह के दौरान डॉक्टर सबसे पहले बीपी की जांच करते हैं और जांच के बाद कहते हैं, आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल है, ज्यादा है या फिर कम है। वे जो भी कहते हैं, उनका कहा हुआ 70 प्रतिशत लोगों को समझ नहीं आता, तो आईये उसी घटते-बढ़ते ब्लड प्रेशर के बारे में जानें। 

image


ब्लड प्रेशर दो प्रकार के होते हैं। एक है सिस्टोलिक यानी ऊपरी पॉइंट और दूसरा है डायस्टोलिक यानी निचला पाइंट। जब हृदय तेजी से रक्त को प्रवाह करता है, तो उसे सिस्टोलिक और जब हृदय आराम करता है, तो डायस्टोलिक कहा जाता है।

रोमांचित होने पर, घबराने पर, परेशान होने पर या फिर तनाव की स्थिति में ब्लड प्रेशर के बढ़ने की संभावना बनी रहती है। असल में पूरे दिन में रक्तचाप कम और ज्यादा होता रहता है।

सामान्य या नॉर्मल बीपी 120 सिस्टोलिक 80 डायस्टोलिक के बराबर या थोड़ा कम माना जाता है। मगर एक ही व्यक्ति का बीपी पूरे दिन एक-सा रहे ये मुमकिन नहीं है। ये घटता-बढ़ता रहता है। कभी ज्यादा होता है, तो कभी कम। जब मनुष्य सोता है, तो शरीर का ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। अलग-अलग तरह की गतिविधियों में ब्लड प्रेशर कम ज्यादा होता रहता है।

रक्तचाप के ऊपर-नीचे होने की कई सारी वजहें होती हैं। दिन भर की गतिविधियां, इंसान की सोच और उसके तनाव उसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि आप ये जानना चाहते हैं, कि आप हाई या लो ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित हैं या नहीं, तो इसके लिए सिर्फ एक बार टेस्ट करवाने से कुछ मालूम नहीं चलेगा, बल्कि इसके लिए लगातार दो हफ्ते तक ब्लड प्रेशर की जांच प्रतिदिन करवायें। यदि अपने रक्तचाप के बारे में इकदम सही जानकारी पाना चाहते हैं, तो दिन में दो या दो से अधिक बार रक्तचाप की रीडिंग नापने की कोशिश करें।

रक्तचाप में डाक्टर के परामर्श और उनके द्वारा दी गई दवाईयों का सही तरह से समय पर सेवन करके आप इस समस्या पर काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। समय की कमी और बढ़ते कामों की भागदौड़ में ब्लड प्रेशर का घटना या बढ़ना कोई परेशान होने वाली बात नहीं है। घर और दफ्तर में मिलने वाले तनाव भी ब्लड प्रेशर में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए यदि आप इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो किसी भी तरह से तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।