संस्करणों
प्रेरणा

नये दौर की आइनस्टाइन सबरीना ने उडाया था 14 वर्ष की आयु में अपना विमान

YS TEAM
24th May 2016
2+ Shares
  • Share Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • Reddit Icon
  • WhatsApp Icon
Share on


‘जब आप थक गये हों तो सो जाओ, वरना काम करते रहो’.. कहना है सबरीना पास्टर्सकी का। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की ओर से दि नेक्स्ट आइनस्टाइन का खिताब पाने वाली सबरीना ने कार चलाने से पहले ही हवाई जहाज उडाया है। वह अपने साथ स्मार्ट फोन नहीं रखती। दुनिया के लाखों लोग सोशल मीडिया पर चिपके रहते हैं, लेकिन सबरीना इससे बचने का प्रयास करती है, बल्कि उसने अब तक अपना फेसबुक खाता भी नहीं खोला है, बल्कि वह ट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडइन पर भी नहीं है। इतना ज़रूर है कि वह अपना वेबसाइट PhysicsGirl रोज़ाना अपडेट करती है। अपनी उपलब्धियाँ दुनिया को बताती है और वाहवाही पाती है।

image


सबरीना क्यूबा मूल की पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं। 1993 में शिकागो में उनका जन्म हुआ। 1998 में एडिसन रीजनल गिफ्टेड सेंटर में 1998 में उन्होंने प्रवेश लिया। इलियानॉइस मैथामैटिक्स एण्ड साइंस अकादमी से 2010 में उन्होंने स्नातक की उपाधिक प्राप्त की। उन्होंने 2003 से ही उडान भरना सीखना शुरू किया था। 2006 में उन्होंने अपना पहला किट एयरक्राफ्ट बनाया था।

एमआईटी ग्रैज्वेट और हार्वर्ड से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाली सबरीना भौतिकविज्ञान के जटिल प्रश्नों का उत्तर बड़ी आसानी से देती हैं। बहुत अल्पायु से ही उन्होंने कई तरह के नये-नये प्रयोग करने शुरू कर दिये थे। इन्हीं प्रयोगों में से एक उनका बनाया हुआ सिंगल इंजन विमान है, जिसे 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने खुद उडाया था।

एमआईटी के प्रोफेसर एल्लेन हैग्गर्टी एवं अर्ल मुर्मन ने जब प्लेन उडाती हुई फिजिक्स गर्ल सबरीना का वीडियो यू ट्यूब पर देखा तो उसे नये प्रयोगों के लिए चुना। हैग्गर्टी बताते हैं,

‘जब हमने उसे देखा तो मूँह खुला का खुला रह गया। उसमें आपार क्षमता है।’

हालाँकि उसे शुरू में उसे एमआईटी में प्रवेश के लिए प्रतीक्षा करना पड़ा था, लेकिन उसने 500 पॉइंट ग्रेड से अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

सबरीना ने बुलंदी का सफर उसी समय शुरू किया था, जब उसने अपने बनाये हुए विमान से उडान शुरू कर दी थी। लाइट स्पैरोट एयर मैन्युफैक्चरर के रूप में प्रमाणित सबरीना कहती है,

"सबसे पहले जब मैंने इस पर काम शुरू कर दिया था, तो वास्तव में यह एक चुनौती थी, क्योंकि मैं 12 साल की थी। यह एक अद्भुत अनुभव है, जो आप को पाठ्यपुस्तकों से नहीं मिल सकता।

इलियानाइस मैथमैटिक्स एण्ड साइंस अकादमी के प्राचार्य एरिक मैकलर्न बताते हैं कि सबरीना अमेरिकी भौतिक वैज्ञानिकों की सेमीफाइनलिस्ट टीम में चुने गये 23 महिलाओं की में से एक हैं। यह स्थान उन्होंने 300 विद्यार्थियों की भीड़ में से निकल कर प्राप्त किया है।

image


सबरीना इन दिनों महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों को विज्ञान में प्रोत्साहित करने के लिए एक डाक्युमेंटरी बना रही है। मैकलर्न बताते हैं कि सबरीना में गणित और भौतिक विज्ञान विषयों की अपार क्षमताएँ हैं। इन क्षेत्रों में अपने ज्ञान का उपयोग किस तरह वास्तविक दुनिया के लिए किया जा सकता है, वह कर रही है। बल्कि सब से खुशी की बात यह है कि वह युवा महिलाओं के लिए विज्ञान के क्षेत्र में अपने को साबित करने का एक रास्ता बना रही है।

सबरीना ने प्रिंकटॉन, हार्वर्ड, एमआईटी, फोर्बस सम्मिट फिलाडेलफिया में अपने भाषणों से लोगों को प्रभावित किया है। नासा के अलावा अमेज़ान के संस्थापक जेफ बेज़ोस एवं ब्लूह ओरिजिन जैसे एरोस्पेस डेवलपर्स से भी सबरीना को नौकरियों के लिए प्रस्ताव आ चुके हैं।

..............................

ऐसी ही और प्रेरणादायक कहानियां पढ़ने के लिए फेसबुक पेज पर जाएं, लाइक करें और शेयर करें

..........................................

"मिमिक्री कलाकार से हास्य अभिनेता बनने में लगे थे 10 साल"

कभी रेत, ईंट और सीमेंट ढोने वाला मज़दूर अब है 20 कंपनियों का मालिक 

महिलाओं को शोषण से मुक्ति दिलाकर उनमें विश्वास की शक्ति भरने की साहसी कोशिश का नाम है सुनीता कृष्णन 

2+ Shares
  • Share Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • Reddit Icon
  • WhatsApp Icon
Share on
Report an issue
Authors

Related Tags