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महिलाओं की मदद करने के लिए आया 'पैनिक बटन', यूपी से होगा शुभारंभ

महिलाओं की मदद करने के लिए आया 'पैनिक बटन', यूपी से होगा शुभारंभ

Thursday January 04, 2018 , 4 min Read

 पैनिक बटन को इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यूपी में इस पर काम हो गया है। इसके लिए यूजर को अपने स्मार्ट फोन में एक ऐप डाउनलोड करनी होगी। जिसके बाद पैनिक बटन काम करने लगेगा। 

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)


 इसके साथ ही ऑनलाइन पोर्टल ‘नारी’ का शुभारंभ किया गया। इस पोर्टल को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विकसित किया है। इस पोर्टल के माध्यम से महिलाएं सरकारी योजनाओं और पहलों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगी।

मुश्किल के वक्त महिलाओं की सहायता करने के लिए महिला व बाल विकास मंत्रालय की ओर से पैनिक बटन की शुरुआत की जा रही है। यह एक ऐप होगा जिसके जरिए सिर्फ एक क्लिक पर महिलाएं मदद हासिल कर सकेंगी। महिलाओं को सशक्त बनाने के इस ऐतिहासिक पहल के तहत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने नई दिल्ली में इसकी शुरुआत की। इसके साथ ही ऑनलाइन पोर्टल ‘नारी’ का शुभारंभ किया गया। इस पोर्टल को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विकसित किया है। इस पोर्टल के माध्यम से महिलाएं सरकारी योजनाओं और पहलों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगी।

मंत्रालय से एनजीओ और सिविल सोसायटी के संवाद के लिए एक ई-संवाद पोर्टल भी विकसित किया गया है। मेनका गांधी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार महिलाओं को सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभों की जानकारी होगी। इस पोर्टल में केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की सूचनाएं हैं। पैनिक बटन योजना की जानकारी देते हुए श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि इसके परीक्षण की शुरूआत 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश से होगी। मार्च, 2018 तक बाल हेल्पलाइन 500 शहरों में तथा रेलवे बाल हेल्पलाइन 88 स्टेशनों पर संचालित किया जाएगा।

यूपी में इसका ट्रायल किया जाएगा। मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक पैनिक बटन को इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यूपी में इस पर काम हो गया है। इसके लिए यूजर को अपने स्मार्ट फोन में एक ऐप डाउनलोड करनी होगी। जिसके बाद पैनिक बटन काम करने लगेगा। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2017 के बाद मोबाइल फोन के जितने ब्रैंड बिके हैं उनमें हार्डवेयर में ही पैनिक बटन का प्रावधान किया गया है। जैसे पैनिक बटन की ऐप डाउनलोड करने के बाद अगर कोई पावर बटन तीन बार दबाएगा तो पैनिक बटन काम करेगा और कॉल 112 में चली जाएगी।

कुछ राज्यों में इमरजेंसी नंबर 112 बनाए गए हैं और जहां यह नहीं हैं तो कॉल सीधे इमरजेंसी नंबर 100 पर जाएगी। मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक जब पैनिक बटन दबाया जाएगा तो यह पांच एक्शन करेगा। पहला- आसपास की पुलिस अथॉरिटी के पास मदद के लिए पांच एसएमएस भेजेगा, दूसरा- पहले से फीड किए गए पांच नंबरों पर मदद के लिए एसएमएस जाएंगे। तीसरा- इमरजेंसी नंबर पर वॉयस कॉल जाएगी, चौथा- सभी के पास यूजर की लोकेशन जाएगी और पांचवां- आसपास के करीब 25 एक्टिव वॉलंटियर्स के पास मदद के लिए अलर्ट जाएगा।

महिलाओं को समान अधिकार, आर्थिक अवसर, सामाजिक सहयोग, कानूनी सहायता, आवास आदि उपलब्ध कराने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों ने विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। परंतु इनके प्रावधानों के प्रति जागरूकता का अभाव है। उदाहरण के लिए अधिकांश महिलाएं इस तथ्य से अनभिज्ञ हैं कि कठिन परिस्थितियों में महिलाओं की सहायता के लिए 168 जिलों में वन स्टॉप सेंटर उपलब्ध हैं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों के पंजीयन में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है तथा कई राज्यों में लड़कियों की शिक्षा के लिए वित्तीय मदद दी जाती है। महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी विभिन्न पोर्टल पर बिखरी हुई है।

इन सारी सूचनाओं को एक स्थान पर सुलभ कराने के उद्देश्य से ‘नारी’ पोर्टल में महिलाओं के कल्याण के लिए 350 सरकारी योजनाओं से संबंधित व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। पोर्टल में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के लिए महत्वपूर्ण लिंक दिए गए हैं। ‘नारी’ पोर्टल में महिलाओं के जीवन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पोषण, स्वास्थ्य जांच, बीमारी, नौकरी, साक्षात्कार, निवेश और बचत सलाह, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वालों के नम्बर, गोद लेने की सरल प्रक्रिया आदि विषयों पर टिप्स दिए गए हैं। यह पोर्टल महिलाओं को जानकारियों की शक्ति प्रदान करेगा।

ई-संवाद पोर्टल के माध्यम से एनजीओ और सिविल सोसायटी अपने सुझाव, शिकायत व प्रतिक्रिया दे सकते हैं। मंत्रालय के उच्च अधिकारी एनजीओ को उनके द्वारा दिए गए सुझावों का जवाब देंगे। महिलाओं और बच्चों का कल्याण तथा सशक्तिकरण इस सरकार की प्राथमिकता में है। ‘नारी’ और ई-संवाद इस दिशा में उठाए गए कदम हैं।

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