65 साल के इस किसान ने उगाये 3 हज़ार तरह के औषधीय पौधे, पीएम मोदी ने की तारीफ

65 साल के इस किसान ने उगाये 3 हज़ार तरह के औषधीय पौधे, पीएम मोदी ने की तारीफ

Monday October 04, 2021,

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उड़ीसा के रहने वाले एक व्यक्ति ने औषधीय पौधों की ऐसी खेती की है जिससे पीएम मोदी भी उनकी तारीफ किए बिना रह नहीं पाये हैं। ओडिशा के कालाहांडी जिले में रहने वाले ये 65 वर्षीय ये शख्स आज 1.5 एकड़ भूमि में 3,000 से अधिक औषधीय पौधे लगाकर चर्चा बटोर रहे हैं।


जिले के नांदोल गांव के निवासी पटायत साहू ने इन पौधों को उगाने के लिए रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का इस्तेमाल किया है। पेशे से एक किसान पटायत साहू आज स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को अपने इन औषधीय पौधों के जरिये उनकी बीमारियों के इलाज में मदद कर रहे हैं।

छोटी उम्र से ही थी दिलचस्पी

गौरतलब है कि साहू ने काफी कम उम्र में ही शौक के तौर पर पारंपरिक चिकित्सा के बारे में सीखना शुरू कर दिया था। हालांकि जैसे-जैसे समय बीतता गया उन्होने इसमें अधिक दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी। मीडिया से बात करते हुए पटायत साहू ने बताया है कि उनके दादा एक वैद्य (आयुर्वेदिक चिकित्सक) थे और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद साहू ने उन्हीं से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां सीखीं। आज पटायत साहू के पास पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और औषधीय पौधों से संबन्धित कई पांडुलिपियां भी मौजूद हैं।


पटायत साहू ने करीब 40 साल पहले अपने अपने घर के पास मौजूद खाली जमीन पर वृक्षारोपण शुरू किया था और इस बीच वे लगातार पौधों की नई प्रजातियों को इस बगीचे में जोड़ते रहे। साहू दिन में खुद को किसान और रात में वैद्य के रूप में के रूप में दर्शाते हैं। हालांकि वह इलाज के लिए आने वाले लोगों से कोई फीस नहीं लेते हैं, ऐसे में लोग उन्हें जो भी पैसे देते हैं वे उसे ही स्वीकार कर लेते हैं।

तमाम दुर्लभ पौधे किया एकत्रित

आज पटायत साहू का यह बगीचा अशोक, लोधरा, बिदंगा, सांभरसिंह, सर्पगंधा और शतावरी समेत तमाम दुर्लभ प्रजातियों के पौधों से भरा हुआ है। इसके अलावा उनके पास भृंगराज, पेंगु, पनिकुसुमा, राजपथ, नागवेल, देबनासन, जलादिम्बिरी और ज्योतिस्मती की तमाम किस्में भी मौजूद हैं। गौरतलब है कि उन्होंने सभी दशमूल प्रजातियों को भी उगाया है जिनका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है।


अपने बगीचे में पौधों की 3 हज़ार प्रजातियों में से पटायत साहू ने अपनी यात्राओं के दौरान भारत के विभिन्न हिस्सों से ऐसे पौधों की 500 दुर्लभ प्रजातियों को इकट्ठा किया है। पटायत साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि उन्होने कालाहांडी जिले की पहाड़ियों से और मोहनगिरी के घने जंगल से भी कुछ पौधे एकत्र किए। इसी के साथ उन्होने वन विभाग के अधिकारियों के साथ जड़ी-बूटियों और पौधों को इकट्ठा करने के लिए नियमगिरि की पहाड़ियों का भी दौरा किया है।

पीएम मोदी ने की तारीफ

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात संबोधन में पटायत साहू की प्रशंसा की है और कहा है कि कोविड-19 महामारी के समय में स्वास्थ्य और कल्याण के बारे में जिज्ञासा और जागरूकता में वृद्धि हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि परंपरागत रूप से हमारे देश में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद प्राकृतिक उत्पाद बहुतायत में उपलब्ध हैं और उड़ीसा के पटायत साहू इस दिशा में अनूठा काम कर रहे हैं।


पीएम मोदी ने आगे कहा,

“उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन पर औषधीय पौधे लगाए हैं। इतना ही नहीं साहू जी ने इन औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण भी किया है।”

इसी के साथ पीएम मोदी ने कृषि को स्वास्थ्य के क्षेत्र से जोड़ने की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अपने आप में एक उदाहरण है।


Edited by Ranjana Tripathi