केरल में भारी बारिश से आई बाढ़ से निपटने के लिए इंडियन नेवी ने लॉन्च किया ऑपरेशन मदद

केरल में भारी बारिश से आई बाढ़ से निपटने के लिए इंडियन नेवी ने लॉन्च किया ऑपरेशन मदद

Monday August 13, 2018,

4 min Read

इन दिनों दक्षिण भारत के कई हिस्सों में काफी दिनों से हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। केरल में भारी बरसात और उसकी वजह से हो रहे भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान चली गई।

image


केरल में बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार इडुक्की बांध के पांचों गेट खोलने पड़ गए। इस वक्त पेरियार नदी में हर सेकेंड लगभग 6 लाख लीटर बाढ़ का पानी जा रहा है। इडुक्की जलाशय की गहराई 2,403 फीट है।

प्रकृति का कहर जब भी धरती के हिस्से को प्रभावित करता है, आम जन जीवन के जीवन पर संकट खड़ा कर देता है। इन दिनों दक्षिण भारत के कई हिस्सों में काफी दिनों से हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। केरल में भारी बरसात और उसकी वजह से हो रहे भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान चली गई। इसके अलावा तकरीबन 50 हजार लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा। इस वजह से पूरे प्रदेश में लोगों को जीने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों की मदद करने के लिए केंद्र की तरफ से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भेजा गया है इसके अलावा भारतीय नौसेना और भारतीय सेना ने भी बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

केरल में बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार इडुक्की बांध के पांचों गेट खोलने पड़ गए। इस वक्त पेरियार नदी में हर सेकेंड लगभग 6 लाख लीटर बाढ़ का पानी जा रहा है। इडुक्की जलाशय की गहराई 2,403 फीट है। लेकिन फिर भी यह जलाशय पूरी तरह से खतरे के ऊपर से बह रहा है। बाढ़ से प्रभावित स्थानीय लोगों को बचाने के लिए दक्षिणी नौसेना कमांड पूरी तरह से स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है। वायनाड जिले के कलेक्टर के अनुरोध पर नाव और बचाव दल लोगों को बचाने में लगा हुआ है।

अपनी जान जोखिम में डाल मुस्तैदी से काम करता सेना का जवान

अपनी जान जोखिम में डाल मुस्तैदी से काम करता सेना का जवान


नौसेना ने इस बाढ़ से निपटने के लिए जारी अभियान को ऑपरेशन मदद का नाम दिया है। नेवी की तरफ से कमांड हॉस्पिटल आईएचएनएस संजीवनी और कम्यूनिटी किचन आईएनएस वेंदुरुती की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं। वहीं फेरी ड्राइवर, पावर टूल और राहत सामग्री नौसेना के हेलीकॉप्टर से भिजवाई जा रही है। वायनाड जिले में नौसेना द्वारा चलाए जा रहे अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। वहीं राहत एवं बचाव अभियान के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा दो हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा सुलूर एयर फोर्स बेस पर भी दो हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।

समय पर भारतीय सेनाओं द्वारा राहत अभियान चला देने से कई लोगों की जान बच गई व भारी संख्या में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। इस बीच इडुक्की जलाशय से और अधिक पानी छोड़ने की संभावना के मद्देनजर इडुक्की और उसके नजदीकी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य सरकार ने सेना से सड़क को ठीक करने के लिए कहा है।

image


वायनाड के अलावा केरल के इडुक्की जिले में मुन्नार स्थित रिजॉर्ट में 50 से ज्यादा पर्यटक पिछले दो दिनों से फंसे हुए हैं, जिनमें 24 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन की चपेट में आने से रिजॉर्ट जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि विदेशी पर्यटकों में रूस, सऊदी अरब और ओमान सहित कई देशों के पर्यटक शामिल हैं। केरल के टूरिजम मिनिस्टर के सुरेंद्रन ने कहा कि मुन्नार के पल्लीवासल में प्लम रिजॉर्ट के सभी पर्यटक सुरक्षित हैं।

यह भी पढ़ें: 7 साल की यह बच्ची 10 चक्का ट्रक समेत चला लेती है 17 तरह की गाड़ियां 

Montage of TechSparks Mumbai Sponsors
Share on
close