प्रोफेशन और कंटेंट क्रिएशन दोनों साथ में चल सकते हैं, सिद्धी महाजनकट्टी बता रही हैं कैसे कर सकते हैं मैनेज

By Upasana
January 23, 2023, Updated on : Mon Jan 23 2023 11:11:59 GMT+0000
प्रोफेशन और कंटेंट क्रिएशन दोनों साथ में चल सकते हैं, सिद्धी महाजनकट्टी बता रही हैं कैसे कर सकते हैं मैनेज
24 साल की सिद्धी महाजनकट्टी म्यू सिग्मा में बतौर डेटा साइंटिस्ट काम करने के साथ में एक्टिंग और कंटेंट क्रिएशन भी करती हैं. इस समय इंस्टाग्राम पर सिद्धी को 500,000 लोग फॉलो करते हैं.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

कंटेंट क्रिएशन इस समय एक काफी आकर्षक करियर ऑप्शन बनकर उभरा है. कई लोगों ने तो इसे अपना फुल टाइम करियर बना भी लिया है. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपने कंटेंट क्रिएशन और प्रमुख करियर दोनों को एक साथ टाइम दे रहे हैं. 


अगर आप भी पहले से किसी प्रोफेशन में काम कर रहे हैं और इस दुविधा में फंसे हैं कि क्या कंटेंट क्रिएशन को फुल टाइम करियर बना लेना चाहिए? या फिर दोनों को एक साथ जारी रखना चाहिए? अगर हां मैनेजमेंट कैसे करेंगे, क्या परेशानी होगी वगैरह-वगैरह? तो चिंता की कोई बात नहीं है. हमारे पास आपकी उलझनों का निवारण है.


सिद्धी महाजनकट्टी पेशे से एक डेटा साइंटिस्ट, एक्टर और इंफ्लुएंसर भी हैं. उनका कंटेंट क्रिएशन का सफर आपके ऐसे कई सवालों के जवाब दे सकता है, जिन्हें आप ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं. 24 साल की सिद्धी म्यू सिग्मा में बतौर डेटा साइंटिस्ट काम करने के साथ में एक्टिंग और कंटेंट क्रिएशन भी करती हैं.


सिद्धी ने 2016 में मलयालम पिक्चर आनंदम के साथ अपने फिल्म करियर की शुरुआत की थी, जो एक ब्लॉकबस्टर फिल्म थी. सिद्धी को बचपन से ही डांस और ड्रामा पसंद था.


वो बताती हैं कि क्लास 4 में पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया था. उसी समय मुझे समझ आ गया कि मुझे एक्टिंग करनी है. 2015 में पहला इंटरनैशनल थिएटर परफॉर्मेंस किया था उसी की वजह से मुझे एक्टिंग का मौका मिला. मैं अपने 12th बोर्ड एग्जाम के बीच में ऑडिशन देने गई और मेरा सेलेक्शन भी हो गया. इस तरह मेरी एक्टिंग जर्नी शुरू हुई.


हालांकि मैंने पढ़ाई नहीं छोड़ी क्योंकि मुझे ये चीज समझ आ गई थी कि मैं जो लाइफस्टाइल चाहती हूं उसके लिए पढ़ाई बेहद जरूरी है. मैंने 2019 में सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ बेंगलुरु से बीबीए किया. उसके बाद से मैं डेटा साइंटिस्ट की तरह काम कर रही हूं.


मेरी पहली फिल्म कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए काफी रिलेटेबल थी. उस समय फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट्स, वीडियो अपलोड करने का ट्रेंड था. फिल्म के प्रमोशन के लिए हमें कॉलेजों में जाना था.


मार्केटिंग टीम ने कहा कि सोशल मीडिया पर इसका अनाउंसमेंट करना ज्यादा बेहतर रहेगा. मैंने जो पोस्ट किया उस पर लोगों के काफी अच्छे रेस्पॉन्स आए. लोग हमारे बारे में और जानना चाह रहे थे, हमसे कनेक्ट करना चाह रहे थे. वहीं मुझे कंटेंट क्रिएशन का आईडिया आया. मैं अपनी ऑडियंस को एक पर्सनल टच दे सकती थी.


खैर, फिल्म रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर भी साबित हुई. उसके बाद से सोशल मीडिया पर एकाएक फैन फॉलोइंग बढ़ गई. मैं सोशल मीडिया पर अपनी डेली लाइफ के छोटे-छोटे मूमेंट डालने लगी.


घर वालों के साथ, भाई के साथ वीडियोज बनाकर पोस्ट करती. पॉपुलर ट्रेंड्स पर अपना वीडियो डालती. इस समय इंस्टाग्राम पर सिद्धी के 500,000 फॉलोअर्स हो चुके हैं.


हालांकि मुझे एक चीज बड़ी जल्दी समझ आ गई कि मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर नहीं बन सकती. इसकी कई वजहें हैं. एल्गोरिद्म लगातार बदलते रहते हैं. कॉम्पिटीशन काफी बढ़ गया है, हर जगह एक ही जैसा कंटेंट नजर आ रहा है. उसके अलावा हेट कमेंट्स देखकर भी मुझे काफी निराशा होती थी.


फिर मैंने फैसला किया कि मैं कंटेंट क्रिएशन करूंगी लेकिन सिर्फ पर्सनल ब्रैंडिंग के लिए. शुरू में मैंने डांस वीडियो अपलोड किए जिसे लोगों ने काफी पसंद किया. डांस के अलावा अगर मैं कुछ अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ा कंटेंट डालती थी उस पर भी काफी अच्छे एंगेजमेंट आते थे.


मुझे समय आया कि मेरी प्रोफाइल पर लोगों को क्या ज्यादा पसंद आ रहा है. मैंने उसी तरह का कंटेंट अपलोड करना शुरू कर दिया. इस तरह मैं लोगों के बीच पॉजिटिविटी भी फैला पा रही थी जो हमेशा से मेरा मकसद रहा है. मैं कभी भी नंबर्स के पीछे नहीं भागी, मेरे कंटेंट से लोगों को पॉजिटिव एनर्जी मिले बस यही मेरा टारगेट रहता है.


मेरे लिए यही कंटेंट क्रिएशन है, लेकिन कई और चीजें हुईं जिनसे मुझे क्लैरिटी मिली की मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर क्यों नहीं बन सकती.


आजकल सोशल मीडिया पर एक ही जैसा कंटेंट नजर आ रहा है. हालांकि हर क्रिएटर उसी एक चीज को अपने अलग अंदाज में कर रहा है. मगर फिर भी हर दूसरा क्रिएटर ये साबित करने में लगा हुआ है कि सबसे पहले मैंने इसकी शुरुआत की थी. मुझे इस दलदल में फंसना ही नहीं था.


मैं बचपन से ही एक मल्टीटास्कर रही हूं. पढ़ाई, डांस, कल्चरल एक्टिविटी वगैरह-वगैरह. इसलिए मैं किसी एक फील्ड से खुद को बांधकर नहीं रख सकती. कंटेंट क्रिएशन यकीनन मेरी लाइफ का बहुत बड़ा पार्ट है लेकिन मैं इसके अलावा भी बहुत कुछ करना चाहती हूं.


मैं कंटेंट क्रिएशन के लिए शूटिंग टाइम भी नहीं निकाल पा रही थी. मेरी टीम मुझसे लगातार कंटेंट पोस्ट करने को कहती है, लेकिन मैं सिर्फ नाम के लिए नहीं कुछ भी अपलोड करना चाहती हूं. मेरी प्रोफाइल पर जो भी दिखे उससे सिद्धी महाजनकट्टी की झलक दिखनी चाहिए. इसके लिए मुझे Me Time यानी अपने लिए टाइम चाहिए होता है. 


क्रिएटिव ब्लॉक भी एक वजह है. जहां आपको समझ नहीं आता कि अब क्या पोस्ट करूं? अब किस पर कंटेंट बनाया जाए?. ये किसी भी क्रिएटर के साथ होता है. 


मैंने लॉकडाउन के समय में कंटेंट बनाना शुरू किया था जब लगभग हर दूसरा इंसान कुछ न कुछ कंटेंट सोशल मीडिया पर डाल रहा था. एक समय के बाद मुझे लगा कि मेरे पास तो पोस्ट करने को अब कुछ बचा ही नहीं है.


मैंने कंटेंट कंज्मप्शन ही कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया. तब जाकर मुझे प्रैंक वीडियो बनाने का आईडिया. जिसमें मैं अपने घर वालों को भी लाने लगी.


जो लोग कंटेंट क्रिएटर बनाना चाहते हैं उन्हें मेरी यही सलाह होगी कि आपको सबसे पहले खुद को समझना होगा. ये तय करना होगा कि क्या आप सिर्फ और सिर्फ कंटेंट क्रिएशन करना चाहते हैं या फिर मेरी तरह दो-तीन प्रोफेशन मेंटेन करते हुए कंटेंट क्रिएशन करना चाहते हैं.


आप जिस ऑप्शन को लेकर श्योर हों वही करें. इस तरह आपके लिए आगे की प्लानिंग काफी आसान हो जाती है.  यकीनन रास्ते में काफी मुश्किलें आएंगी, लेकिन बिना मुश्किलों के जिंदगी कैसी.


ये नियम हर जगह लागू होता है, कंटेंट क्रिएशन हो या कोई और प्रोफेशन. अगर आप कंटेंट क्रिएशन ही करना चाहते हैं तो सोचना छोड़िए और शुरू हो जाइए. एक बार काम शुरू करने के बाद आपके पास अपने आप इनसाइट आने लगते हैं. चीजें धीरे-धीरे आपके लिए आसान हो जाती हैं.

Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close