वायु गुणवत्ता आयोग ने दिल्‍ली के उद्योगों को शत-प्रतिशत PNG से चलाने के निर्देश दिये

दिल्‍ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने गैर-अनुमोदित ईंधनों का उपयोग करने वाले उद्योगों की पहचान करने और गैर-अनुपालन के मामले में कठोर दंडात्‍मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।
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राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली सरकार, भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) और इंद्रप्रस्‍थ गैस लिमिटेड के साथ दिल्‍ली में परिचालित उद्योगों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से चलाने के कार्य में हुई प्रगति की समीक्षा की।


दिल्‍ली के 50 औद्योगिक क्षेत्रों में फैली ऐसी लगभग 1644 औद्योगिक इकाइयों की पहचान की गई जिन्‍हें अभी पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग शुरू करना है। अब उद्योग बड़ी संख्‍या में पीएनजी का उपयोग कर रहे हैं। आयोग ने दिल्‍ली में पहचान किए गए सभी उद्योगों द्वारा पीएनजी को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।


ऐसा इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए किया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र दिल्‍ली और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को बढ़ाने में सबसे अधिक योगदान करता है। इंद्रप्रस्‍थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) पाइपलाइन नेटवर्क, पैमाइश और संबंधित बुनियादी ढांचा पूरा होने से बहुत प्रभावित हुए।


मेसर्स आईजीएल, दिल्‍ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली सरकार से औद्योगिक इकाइयों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया ताकि बुनियादी ढांचा कार्यों को पूरा करने का लक्ष्‍य पूरा किया जा सके जिससे दिल्‍ली में सभी पहचान की गई औद्योगिक इकाइयां 31 जनवरी, 2021 तक दूसरे ईंधन के बजाय पूरी तरह पीएनजी का उपयोग करने लगें।


दिल्‍ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को निरीक्षण करने और गैर-अनुमोदित ईंधनों का उपयोग करने वाले उद्योगों की पहचान करने तथा गैर-अनुपालन के मामले में कठोर दंडात्‍मक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।

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