मासिक आय कराने वाली PO स्कीम: डिपॉजिट लिमिट हुई दोगुनी, ब्याज समेत फायदों की ये है डिटेल

MIS में जमा की जाने वाली रकम पर निवेशकों को हर महीने एक तय कमाई का मौका रहता है.

मासिक आय कराने वाली PO स्कीम: डिपॉजिट लिमिट हुई दोगुनी, ब्याज समेत फायदों की ये है डिटेल

Monday February 06, 2023,

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बजट 2023 (Union Budget 2023-24) के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कई बड़े ऐलान किए. इनमें से एक ऐलान डाकघर की मंथली इनकम स्कीम (Monthly Income Scheme or MIS) को लेकर भी रहा. बजट भाषण के दौरान मंथली इनकम स्कीम के तहत अधिकतम जमा की सीमा दोगुना कर 9 लाख रुपये किए जाने की घोषणा की गई. यह स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) में भरोसा रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है.

MIS में जमा की जाने वाली रकम पर निवेशकों को हर महीने एक तय कमाई का मौका रहता है. डाकघर की स्कीम होने के चलते यह पूरी तरह से रिस्क फ्री है और ग्राहक की पूरी जमा पर सॉवरेन गारंटी रहती है यानी एक भी पैसा नहीं डूबने की गारंटी. वर्तमान में MIS के तहत सिंगल अकाउंट के मामले में अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है. वहीं जॉइंट अकाउंट के मामले में यह सीमा 9 लाख रुपये है. लेकिन वित्त वर्ष 2023-24 से सिंगल अकाउंट के मामले में अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये का निवेश किया जा सकेगा. आइए जानते हैं इस स्कीम की बाकी डिटेल...

कौन खुलवा सकता है खाता

MIS के तहत अकाउंट को सिंगल या जॉइंट में खोला जा सकता है. नाबालिग और दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति के नाम पर भी अकाउंट खुलवाया जा सकता है. 10 साल से अधिक उम्र का नाबालिग अपने नाम पर खाता खुलवा सकता है. जॉइंट अकाउंट के मामले में हर जॉइंट होल्डर की कुल जमा में एक समान हिस्सेदारी होगी. सिंगल व जॉइंट, सभी MIS अकाउंट्स को मिलाकर एक व्यक्ति, नए अपडेट के बाद वित्त वर्ष 2023-24 से 9 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश इस स्कीम में नहीं कर सकता. नाबालिग के नाम पर खोले गए अकाउंट के लिए लिमिट अलग रहेगी.

मैच्योरिटी पीरियड और ब्याज दर

MIS का मैच्‍योरिटी पीरियड 5 साल है. मिनिमम 1000 रुपये से अकाउंट खोला जा सकता है. मौजूदा ब्याज दर जनवरी-मार्च 2023 तिमाही के लिए 7.1 प्रतिशत सालाना है. ब्याज का भुगतान हर माह होता है और इसी को मंथली इनकम कहते हैं. MIS खाते के लिए तय मैक्सिमम डिपॉजिट लिमिट से ज्यादा जमा होने पर, वह एक्स्ट्रा जमा ग्राहक को लौटा दी जाएगी. खाता खुलवाने से लेकर एक्स्ट्रा जमा रिफंड किए जाने की तारीख तक, उस एक्स्ट्रा जमा पर डाकघर के बचत खाते वाली ब्याज दर दी जाएगी.

मंथली इनकम को लेकर नियम

MIS खाते पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान हर माह होता है. अगर खाताधारक इस ब्याज का क्लेम नहीं करता है तो ब्याज पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता है. MIS पर हासिल होने वाले ब्याज को ऑटो क्रेडिट या इलेक्ट्रॉनिक क्लियरेंस सर्विस के माध्यम से उसी डाकघर में मौजूद बचत खाते में पाया जा सकता है. अगर खाता सीबीएस डाकघर में है तो मासिक ब्याज किसी भी सीबीएस डाकघर में मौजूद बचत खाते में लिया जा सकता है.

अगर कोई व्यक्ति MIS में ​4.5 लाख रुपये निवेश करता है तो उसे मौजूदा 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर पर 2662 रुपये की मंथली इनकम होगी. अगर निवेश 9 लाख रुपये है तो यह मंथली इनकम 5325 रुपये होगी और अगर निवेश 15 लाख रुपये है तो यह मंथली इनकम 8875 रुपये होगी.

टैक्स के दायरे में आता है ब्याज

याद रहे कि MIS खाते पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है. पोस्‍ट ऑफिस MIS पर नॉमिनेशन, अकाउंट को एक पोस्‍ट ऑफिस से दूसरे में ट्रांसफर कराने, एक ही पोस्‍ट ऑफिस में कई MIS अकाउंट खुलवाने, सिंगल अकाउंट को जॉइंट और जॉइंट अकाउंट को सिंगल में कन्वर्ट कराने की सुविधा उपलब्ध है.

अगर करना हो प्रीमैच्योर इनकैशमेंट

अगर ग्राहक पोस्‍ट ऑफिस MIS को प्रीमैच्‍यो‍रली क्लोज करना चाहता है या पैसा निकालना चाहता है तो वह ऐसा MIS अकाउंट खुलवाने का 1 साल पूरा होने के बाद ही कर पाएगा. अगर खाता खोलने की तारीख से 1 वर्ष बाद और 3 वर्ष से पहले खाता बंद किया जाता है, तो मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट में से 2% के बराबर कटौती की जाएगी और शेष राशि का भुगतान किया जाएगा. वहीं अगर खाता, इसे खुलवाए जाने की तारीख से 3 वर्ष बाद और 5 वर्ष से पहले बंद किया जाता है, तो मूलधन में से 1% के बराबर कटौती की जाएगी और शेष राशि का भुगतान किया जाएगा. अकाउंट की मैच्योरिटी से पहले खाताधारक की मृत्यु होने पर MIS अकाउंट को बंद किया जा सकता है और धनराशि नॉमिनी/कानूनी उत्तराधिकारी को दे दी जाएगी.

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