अब अनिल अंबानी हुए गौतम अडानी से खफा, दायर किया 134 अरब रुपये का मध्यस्थता दावा

9 सितंबर को डाली गई स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने दिसंबर 2017 के समझौते की शर्तों में उल्लंघन का हवाला दिया है.

अब अनिल अंबानी हुए गौतम अडानी से खफा, दायर किया 134 अरब रुपये का मध्यस्थता दावा

Monday September 12, 2022,

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अनिल अंबानी (Anil Ambani) के समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Reliance Infrastructure Limited) ने अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड (Adani Transmission Limited) के खिलाफ 134 अरब रुपये का मध्यस्थता दावा (Arbitration Claim) दायर किया है. यह दावा रिलायंस इंफ्रा ने अपने मुंबई बिजली वितरण व्यवसाय को अडानी ट्रांसमिशन बेचने के सौदे के संबंध में दायर किया है.

9 सितंबर को डाली गई स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने दिसंबर 2017 के समझौते की शर्तों में उल्लंघन का हवाला दिया है. यह अडानी ट्रांसमिशन के साथ एक शेयर परचेज एग्रीमेंट था, जो मुंबई पावर डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के ट्रांसफर से जुड़ा था. रिलायंस इंफ्रा ने मुंबई सेंटर फॉर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन के समक्ष अपने दावे का स्टेटमेंट दायर किया है. विवाद के बारे में विस्तार से और कुछ नहीं बताया गया है. रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि वित्तीय निहितार्थ का पता नहीं लगाया जा सकता है और यह मध्यस्थता के अंतिम परिणाम और बाद की कानूनी चुनौतियों पर निर्भर है.

2017 में 18800 करोड़ रुपये का एग्रीमेंट

अडानी समूह ने 2017 में 18800 करोड़ रुपये के सौदे में आर-इंफ्रा (तत्कालीन रिलायंस एनर्जी) के मुंबई बिजली कारोबार का अधिग्रहण किया था. इस कारोबार में उत्पादन, वितरण और ट्रांसमिशन शामिल था. सौदे ने अडानी समूह को वितरण व्यवसाय में पैर जमाने में मदद की. अडानी ट्रांसमिशन भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी ट्रांसमिशन और बिजली वितरण इकाई है. इस सौदे का उद्देश्य रिलायंस इंफ्रा को अपने 15000 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने में मदद करना था. रेगुलेटरी फाइलिंग में रिलायंस इंफ्रा ने कॉन्ट्रैक्ट के कथित उल्लंघन की प्रकृति का खुलासा नहीं किया.

अडानी, ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित

बुधवार को यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल 2022 (USIBC 2022) ने अडानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी को उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया. यह पुरस्कार साल 2007 से ही भारत और अमेरिका के शीर्ष उद्यमियों को द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को सशक्त बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए दिया जाता है. अभी तक यह पुरस्कार अमेजन के प्रमुख जेफ बेजोस, गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, नैस्डैक की प्रमुख एडेना फ्रीडमैन, फेडेक्स कॉरपोरेशन के प्रमुख फ्रेड स्मिथ और कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमुख उदय कोटक को दिया जा चुका है.


Edited by Ritika Singh