अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और UNDP भारत ने लॉन्च की ‘कम्युनिटी इनोवेटर फेलोशिप’

By रविकांत पारीक
February 12, 2022, Updated on : Sat Feb 12 2022 05:47:14 GMT+0000
अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और UNDP भारत ने लॉन्च की ‘कम्युनिटी इनोवेटर फेलोशिप’
इस फेलोशिप को ‘प्री-इनक्यूबेशन मॉडल’ के रूप में विकसित किया गया है जो युवाओं को सामुदायिक मुद्दों को हल करने के लिए सतत विकास लक्ष्य (SDG) आधारित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने सामाजिक उद्यम स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगी।
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अटल नवाचार मिशन (AIM), नीति आयोग ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), भारत के सहयोग से "विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं के अंतर्राष्ट्रीय दिवस" के उपलक्ष्य में कम्युनिटी इनोवेटर फेलोशिप (CIF) का शुभारंभ किया।


इस फेलोशिप को ‘प्री-इनक्यूबेशन मॉडल’ के रूप में विकसित किया गया है जो युवाओं को सामुदायिक मुद्दों को हल करने के लिए सतत विकास लक्ष्य (SDG) आधारित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने सामाजिक उद्यम स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगी।


यह एक साल की अवधि तक चलने वाला गहन फेलोशिप कार्यक्रम होगा, जिसे सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पर ध्यान दिए बिना महत्वाकांक्षी सामुदाय नवप्रवर्तक के लिए तैयार किया गया है। इस फेलोशिप की अवधि के दौरान, प्रत्येक फेलो को अटल नवाचार मिशन के किसी अटल समुदाय नवाचार केंद्र से संबद्ध किया जाएगा। जो अपने आइडिया पर काम करते हुए SDG जागरूकता, उद्यमशीलता कौशल और जीवन कौशल प्राप्त करेगा। ACIC नव प्रवर्तक को परिचालन सुविधाओं, सह-कार्यस्थलों, प्रयोगशालाओं और गतिशील व्यापार नेटवर्क के रूप में उचित संसाधन प्रदान करके युवा नेतृत्व वाले नवाचारों से पोषित करेगा।

Community Innovator Fellowship

सांकेतिक चित्र

ACIC के माध्यम से यह फेलोशिप नवप्रवर्तक की यात्रा को एक वर्षीय केंद्रित मॉडल के माध्यम से उसके आइडिया से लेकर व्यावसायीकरण तक ले जाएगी। यह कार्यक्रम महत्वाकांक्षी सामुदायिक नवप्रवर्तकों के बीच ज्ञान और क्षमता निर्माण की सुविधा पर ध्यान केंद्रित करेगा जो उनकी उद्यमिता के लिए आवश्यक है। यह एक तरीका है जिसके साथ AIM स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक संस्कृति के साथ-साथ देश में विभिन्न भागों से महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने की संस्कृति के रूप में सामाजिक उद्यम को मुख्य धारा में लाने के लिए युवाओं की भागीदारी हासिल करने का प्रयास करेगा।


फेलोशिप के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि यह फेलोशिप एक साल तक चलने वाला कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य युवा समुदाय के नवप्रवर्तकों को उनकी उद्यमशीलता यात्रा में आवश्यक बुनियादी ढांचा और ज्ञान प्रदान करना है। यह रचनात्मकता और भारत के जमीनी स्तर पर मौजूद नवाचारी क्षमता का उपयोग करने के लिए एक प्रेरक पहल है।


उन्होंने यह भी कहा कि इस फेलोशिप को अधिक सफल बनाने के लिए सभी हितधारकों को एक मंच पर आना चाहिए क्योंकि इसके लिए बहुत अधिक लगन और उत्साह की आवश्यकता होगी।


इस फेलोशिप के शुभारंभ के अवसर पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि युवा और ऊर्जावान नवप्रवर्तकों के लिए प्री-इनक्यूबेशन जगह बनाना सामुदायिक समस्याओं के लिए जीवंत और प्रेरक समाधान हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। यह फेलोशिप समग्र और समावेशी नवाचारों के निर्माण में युवा परिवर्तनकर्ताओं के साथ-साथ सामुदायिक नवाचार इकोसिस्टम में अन्य हितधारकों को शामिल करने का एक बेहतर तरीका है।


इस फेलोशिप के माध्यम से नवाचारी इकोसिस्टम में विभिन्न हितधारकों को शामिल करते हुए भारत में UNDP के स्थानीय प्रतिनिधि शोको नोडा ने कहा कि इस फेलोशिप पहल के माध्यम से हम युवाओं को स्वयं अपने समाधान खोजने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं ताकि वे ऐसे उद्यम बना सकें जो सतत व्यवसाय मॉडल हों। AIM और UNDP यह काम करने के लिए सरकार, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।


प्री-इनक्यूबेशन मॉडल की जरूरत पर जोर देते हुए मिशन निदेशक, अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग डॉ. चिंतन वैष्णव ने कहा कि यह देश के छोटे शहरों और गांवों में सामुदायिक केंद्रित नवाचार में मदद कर सकता है। यह फेलोशिप सभी तत्वों-मूल्यों, उपायों और हितधारकों का एक समावेश है जो एक स्थायी सामुदायिक नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण में सहायता प्रदान करता है। युवा नवोन्मेषकों को इस फेलोशिप के माध्यम से सीखने, समुदाय और राष्ट्र में बड़े पैमाने पर प्रभाव पैदा करने का बड़ा अवसर उपलब्ध हो रहा है।


उन्होंने कहा कि समुदाय के लिए, समुदाय के साथ और समुदाय में नवाचार लाने के उद्देश्य से यह फेलोशिप और परिचालन मैनुअल से सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को लक्षित करके समुदायों में स्थायी परिवर्तन के लिए नए समाधान करने और उसके बारे में सोचने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।


इसके अलावा, AIM ने ACIC इको-सिस्टम की स्थापना के लिए परिचालन नियमावली भी जारी की है। मैनुअल एक ज्ञान और क्षमता निर्माण ढांचा है, जो एक ACIC के मूलभूत और परिचालन कामकाज में मदद करेगा। यह मैनुअल उन स्तंभों के निर्माण पर आधारित है जो एक समग्र नवाचार इकोसिस्टम विकसित करने के उद्देश्य के लिए एक सहायक प्रणाली को तैयार करने और उसे स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


ACIC की स्थापना देश के कम विकसित क्षेत्रों में स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को विकसित करने पर ध्यान देने के साथ की गई है। वर्तमान में, देश के 9 राज्यों में 12 ACIC हैं और देश में ऐसे 50 केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।