Metaverse है ग़ज़ब का इन्वेस्टमेंट ऑप्शन, जानिए कैसे आप भी बन सकते हैं मालामाल?

By रविकांत पारीक
July 16, 2022, Updated on : Sat Jul 16 2022 09:05:09 GMT+0000
Metaverse है ग़ज़ब का इन्वेस्टमेंट ऑप्शन, जानिए कैसे आप भी बन सकते हैं मालामाल?
लोगों में वर्चुअल एसेट्स खरीदने का ख़ुमार सिर चढ़कर बोल रहा है. ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या डिजिटल क्रांति के इस दौर में मेटावर्स टेक्नोलॉजी आपके लिए इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन है? अगर हां, तो यह किस तरह आपको बेहतर रिटर्न/मुनाफा दे सकती है? इसे यहां समझिए...
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

मेटावर्स (Metaverse)... नाम तो सुना ही होगा...


आज हम यहां इसके काम की बात करेंगे. यह आपके लिए भी काम की बात है.


मेटावर्स — एक तरह की वर्चुअल दुनिया है, जहां आप वर्चुअली एंट्री करते हैं लेकिन आपको ऐसा अहसास होता है जैसे कि आप फिजिकली उस जगह पर मौजूद हैं. इसे आसान भाषा में समझें तो मेटावर्स एक आभासी दुनिया (virtual world) है जहां आपकी एक अलग पहचान होती है. इस वर्चुअल दुनिया में आप घूमने फिरने के अलावा दोस्तों के साथ पार्टी भी कर सकते हैं.


हमारी हक़ीक़त की दुनिया में इन्फ्रास्ट्रक्चर में जिस तरह से प्लॉट, घर, गगनचुंबी इमारतें आदि होती हैं. ठीक इसी तरह, ये मेटावर्स में भी होती है. मेटावर्स पर भी इन्हें खरीदा और बेचा जाता है. कुछ एसेट्स तो इतनी भारी-भरकम रकम में बेची गई हैं कि य़कीन नहीं होता. मगर ये सच है. लोगों में वर्चुअल एसेट्स खरीदने का ख़ुमार सिर चढ़कर बोल रहा है.


ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या डिजिटल क्रांति के इस दौर में मेटावर्स टेक्नोलॉजी (metaverse technology) आपके लिए इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन है? अगर हां, तो यह किस तरह आपको बेहतर रिटर्न/मुनाफा दे सकती है?

rich-metaverse-technology-investment-nft-virtual-assets-blockchain

अब तक आप मेटावर्स से थोड़ा-बहुत परिचित हो चुके हैं. मेटावर्स में एक साथ कई तकनीकों का इस्तेमाल होता है. इसमें ऑगमेंटेड रियलिटी (Augmented Reality), वर्चुअल रियलिटी (Virtual Reality), मशीन लर्निंग (Machine Learning), ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) शामिल हैं.


मेटावर्स को लेकर पहले एक चुनौती थी. इसके शुरुआती वर्ज़न में डिजिटल एसेट्स (digital assets) की प्रामाणिकता का पता लगा पाना असंभव था. लेकिन अब NFT (non-fungible token) ने इसे संभव बना दिया है. ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के कारण प्रत्येक वर्चुअल एसेट (virtual assets) को आसानी से वैरिफाई किया जा सकता है. ब्लॉकचेन सहज रूप से सुरक्षित, अपरिवर्तनीय और पारदर्शी है, जो मेटावर्स को अधिक भरोसेमंद और जवाबदेह बनाती है.


जैसा कि विधित है — मेटावर्स एक वर्चुअल वर्ल्ड को रीप्रजेंट करता है. जहां आप कम से कम वास्तविक दुनिया में जो संभव है उससे जुड़े असंभव का पता लगा सकते हैं. अगर आपके पॉकेट में रॉकेट (पैसा) है तब तो आप दुनिया के महंगे से महंगे शहर में प्रोपर्टी खरीद सकते हैं. मगर अब पैसे की कमी आपके सपनों पर हावी नहीं होगी. मेटावर्स में आप अपनी मनपसंद के शहर में अपने सपनों के घर या फिर दो ब़ीघा ज़मीन के मालिक बन सकते हैं.


बड़ी बात यह है कि जिस तरह से वास्तविक दुनिया में प्रोपर्टी खरीदी और बेची जाती है. मेटावर्स में भी आप इसे किसी ऐसे शख्स को बेच सकते हैं जो इसमें अधिक कीमत पर निवेश करना चाहता है.


यहां फिर एक और सबसे अच्छी बात यह है कि आप मेटावर्स में जो पैसा कमाते हैं, वह वास्तविक दुनिया में भी मान्य होता है.


मेटावर्स में लोग वर्चुअल एसेट्स किराए पर लेते हैं. वे रिवार्ड हासिल करते हैं. कमर्शियल वर्चुअल एसेट्स में वे ग़ज़ब का मुनाफ़ा कमा रहे हैं. अभी भी कुछ लोगों के लिए मेटावर्स की दुनिया नवजात है. इसके साथ अनिश्चितता और झिझक से परे जाकर खेला जा सकता है. यहां इश्क से रिस्क आपको मुनाफा दे सकता है.


NFT ने जिस तरह से लोकप्रियता हासिल की है. जिस तरह से यह बढ़ रहा है और जैसे इसने रातोंरात करोड़पति और अरबपति बनाए हैं; इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मेटावर्स निश्चित रूप से निवेश का एक बढ़िया ऑप्शन है. मेटावर्स एक एडवांस्ड प्लेटफार्म है. यह इंटरनेट का भविष्य है.


मैकिन्से एंड कंपनी (Mckinsey and Company) की ताजा रिपोर्ट 'वैल्यू क्रिएशन इन द मेटावर्स' (Value Creation in the Metaverse) के अनुसार, 2030 तक, मेटावर्स इंडस्ट्री (Metaverse industry) की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है.


रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मेटावर्स का प्रभाव अलग-अलग इंडस्ट्री पर अलग-अलग होगा. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ई-कॉमर्स पर मेटावर्स का प्रभाव 2030 तक 2-2.6 ट्रिलियन डॉलर होगा. इसी तरह, एकेडमिक वर्चुअल लर्निंग मार्केट पर प्रभाव 180-270 बिलियन डॉलर, एडवर्टाइजिंग मार्केट पर 144- 206 बिलियन डॉलर, और गेमिंग मार्केट पर इसका प्रभाव 108-125 बिलियन डॉलर रहेगा.