ONDC ई-कॉमर्स का लोकतंत्रीकरण करने में 'गेम चेंजर' साबित होगा: पीयूष गोयल
ONDC पहल के बारे में बात करते हुए, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ई-कॉमर्स का लोकतंत्रीकरण करने की कोशिश कर रही है.
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि स्टार्टअप की तकनीक, इनोवेशन और समस्याओं को हल करने का दृष्टिकोण क्षमताओं को कई गुना बढ़ाता है जो भारत को तकनीक और इनोवेशन में वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने में मदद करेगा. यह बात वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 25वें बेंगलुरु टेक समिट (Bengaluru Tech Summit) में कही.
बेंगलुरु टेक समिट (BTS 2022) में बोलते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और स्टार्टअप्स की समस्या को सुलझाने का दृष्टिकोण एक बल गुणक है जो भारत को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन के क्षेत्र में वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप महामारी के बाद की रिकवरी जिसका भारत आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहा है, के लिए लगभग एक बूस्टर खुराक की भूमिका निभा रहे हैं. उन्होने कहा कि भू- राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद जिसने विश्व व्यापार को पीछे धकेल दिया है और जब देश मंदी की स्थिति में आ रहे हैं, यह हमारे उज्ज्वल युवा लड़के और लड़कियां हैं जिन्होंने भारत को रिकवरी में दुनिया का नेतृत्व करने में मदद की है.

पीयूष गोयल ने हाल ही में भारतीय टेक इंडस्ट्री द्वारा किए जा रहे बड़े इनोवेशन का उदाहरण दिया जिस पर दुनिया ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि एकीकृत भुगतान गेटवे, यूपीआई, कोविड टीकाकरण का प्रबंधन और आधार कार्ड के रूप में एक अरब से अधिक लोगों के लिए एक आम पहचान पत्र, आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल और एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की मदद से सबसे गरीब लोगों को निर्बाध रूप से राशन की आपूर्ति जैसी पहल – ये सभी हमारे युवा इनोवेटर्स द्वारा विकसित प्लेटफॉर्म के उदाहरण हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन की बात करते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि हमारी महंगाई दर वास्तव में गिर रही है और आज यह उस स्तर की आधी है जितनी दस साल पहले होती थी. उन्होने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बीते 8 साल के अथक प्रयासों और 2014-15 में केंद्रीय बैंकको मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने के लिए दिए गए जनादेश के बाद हम एक ऐसी स्थिति में हैं जहां मुद्रास्फीति की औसत दर इस अवधि में लगभग 4.5 प्रतिशत रही है. उन्होने साथ ही कहा कि महंगाई दर 6.5 प्रतिशत के साथ अभी भी काफी हद तक नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि हम विश्व आर्थिक बहाली को मजबूती देना जारी रखेंगे और जब हम 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेंगे तो हम निश्चित रूप से दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे.
बेंगलुरु के बारे में बोलते हुए, गोयल ने कहा कि शहर ने वास्तव में भारत के लिए एक नए युग की है जब हम एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा पर आगे शुरुआत की बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हम बेंगलुरू द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर नजर डाल सकते हैं. उन्होंने बताया कि 100 में से 40 से अधिक यूनिकॉर्न बेंगलुरु में हैं और यहां निजी इक्विटी निवेशकों, उद्यम पूंजीपतियों, आरएंडडी केंद्रों, इंक्यूबेशन सेंटर, उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं और श्रमशक्ति कौशल के रूप में एक विशाल इकोसिस्टम बनाया गया है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक और बेंगलुरु भविष्य में भारत के ध्वजवाहक हैं.
ओएनडीसी पहल के बारे में बात करते हुए, वाणिज्य मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ई-कॉमर्स का लोकतंत्रीकरण करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार परिवारों द्वारा चलाए जाने वाले छोटे स्टोर्स को जीवंत ई-कॉमर्स नेटवर्क में भाग लेने का अवसर देकर बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने साथ ही कहा कि इस विकास में बेंगलुरु की बड़ी भूमिका होगी और जब यह पहल सफल होगी और विश्व स्तर पर पहचानी जाएगी, तो यह याद किया जाएगा कि शहर में शुरूआती परीक्षण के साथ यह पहल बेंगलुरु में शुरू हुई थी.
आपको बता दें कि एक यूपीआई-प्रकार का प्रोटोकॉल है और इस पूरी कवायद का मकसद तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स क्षेत्र को दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाना, छोटे खुदरा विक्रेताओं की मदद करना और दिग्गज ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं के वर्चस्व को कम करना है. मौजूदा वक्त में भारत में ई-कॉमर्स मॉडल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जबकि ONDC मॉडल इसे खुले नेटवर्क में ले जाएगा, जो विश्वास और समानता पर आधारित होगा. यानी अब छोटे काराबोरियों को ढेर सारे ग्राहकों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर खुद को रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होगी.
पीयूष गोयल बताया कि भारत इस साल 1 दिसंबर से G20 की अध्यक्षता संभालेगा. उन्होंने कहा कि यह भारत की उपलब्धियों और अवसरों को बाकी दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का शानदार मौका है. उन्होंने कहा कि हम साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम करने जा रहे हैं कि हमारे स्टार्टअप और इनोवेटर्स को खुद को विश्व मंच पर पेश करने का अवसर मिले.
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