बीएमटीसी की एमडी आईएएस शिखा जब स्वयं दौड़ाने लगीं वॉल्वो बस

By जय प्रकाश जय
January 16, 2020, Updated on : Thu Jan 16 2020 02:21:50 GMT+0000
बीएमटीसी की एमडी आईएएस शिखा जब स्वयं दौड़ाने लगीं वॉल्वो बस
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

सी. शिखा बेंगलुरु की एक ऐसी आईएएस शख्सियत हैं, जो अक्सर अपनी कार्यप्रणाली से लोगों का ध्यान बरबस अपनी ओर आकृष्ट कर लेती हैं। अभी गत दिनो बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपॉर्ट कॉर्पोरेशन की एमडी होने के बावजूद जब वह स्वयं वॉल्वो बस दौड़ाने लगीं, आश्चर्य का ठिकाना न रहा। लोग तालियां बजाने लगे।


l

बेंगलुरू की आईएएस सी. शिखा



बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपॉर्ट कॉर्पोरेशन (बीएमटीसी) की एमडी और महिला आईएएस अफसर सी. शिखा ने महानगर की सड़कों पर पूरे कांफिडेंस में वॉल्वो बस दौड़ाकर लोगों को हैरत में डाल दिया।


दरअसल, वह इससे पहले कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ बीएमटीसी के निरीक्षण के लिए पहां पहुंचीं तो टेस्ट ट्रैक पर खुद ही उन्होंने वॉल्वो की स्टेयरिंग संभाल ली। उनकी ड्राइविंग ने सभी कर्मचारियों को बेहद प्रभावित किया। सभी ने उनकी खूब सराहना की। उनकी कोशिश देखकर पहले तो कर्मचारी थोड़े सहमे लेकिन जैसे ही वह ट्रेंड ड्राइवर की तरह बस दौड़ाने लगीं, उपस्थित अधिकारी और कर्मचारी तालियां बजाने लगे। कॉर्पोरेशन की अकेली महिला ड्राइवर प्रेमा रमप्पा तो जैसे अभिभूत हो उठी।


आईएएस सी. शिखा को अभी पिछले वर्ष ही बीएमटीसी के मैनेजिंग डाइरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वह कर्नाटक सेक्रेटेरियट में ज्वॉइंट सेक्रेटरी का पदभार संभाल रही थीं। वह बेंगलुरु इलेक्ट्रीसिटी सप्लाई कंपनी में भी शीर्ष पद पर रही हैं। अपने कार्यकाल में वह शिक्षा विभाग की भी कमान संभाल चुकी हैं।


बीएमटीसी में लंबे समय से 33 फीसद महिला बस चालक तैनात करने की कवायद चल रही है लेकिन वह व्यवस्था आज तक संभव नहीं हो सकी है। पूरे राज्य में अभी तक मात्र 15 फीसदी ही महिला बस ड्राइवर तैनात की जा सकी हैं।


बेंगलुरु में करीब 36 लाख यात्री रोजाना बसों से सफर करते हैं। इसके लिए करीब 6400 बसें हैं जबकि 14 हजार ड्राइवर हैं। वर्ष 2004 बैच की आईएएस शिखा को सितंबर 2019 में यहां एमडी का प्रभार मिला था। लगातार कई दुर्घटनाओं के बाद खुद शिखा ने निरीक्षण करने का निर्णय लिया और कर्मचारियों के सामने ही बस चलाकर उन्हें प्रेरित भी किया।


इस दौरान उन्होंने ड्राइवर्स से उनकी दिक्कतों के बारे में तफ्तीस से सारी बातें समझीं। साथ ही उन्होंने उनकी दिक्कतों को दूर करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा, उन्हें मालूम है कि ड्राइवर्स विभिन्न तरह की दिक्कतों का सामना करते हैं लेकिन यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है और इसे ईमानादारी से निभाना है। इस कोशिश में उन्हे किसी भी तरह की मुश्किल आए तो ड्राइवर उनसे सीधे भी संपर्क कर सकते हैं।


Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close