Budget 2023: एक वित्त मंत्री ऐसा भी... केवल 800 शब्दों में खत्म कर दिया था बजट भाषण

By yourstory हिन्दी
January 23, 2023, Updated on : Mon Jan 23 2023 06:47:00 GMT+0000
Budget 2023: एक वित्त मंत्री ऐसा भी... केवल 800 शब्दों में खत्म कर दिया था बजट भाषण
क्या आपको पता है कि देश में सबसे छोटा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड किस वित्त मंत्री के नाम पर है?
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मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट (Union Budget 2023) 1 फरवरी को पेश होने वाला है. यह निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) का वित्त मंत्री (Finance Minister) के तौर पर पांचवां बजट होगा. देश में सबसे लंबा बजट भाषण (Longest Budget Speech) पेश करने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के ही नाम पर है. उनका वित्त वर्ष 2020-21 का बजट भाषण 2 घंटे 42 मिनट लंबा था. लेकिन क्या आपको पता है कि देश में सबसे छोटा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड किस वित्त मंत्री के नाम पर है. वह बजट भाषण, जो केवल 800 शब्दों का था.


इतना छोटा बजट भाषण देने वाले शख्स थे 'हीरुभाई मुलजीभाई पटेल (Hirubhai Mulljibhai Patel)'. यह बजट भाषण 1977 में हुआ था और इसे ही भारत के इतिहास में सबसे छोटा बजट भाषण कहा जाता है.

देश के 11वें वित्त मंत्री

हीरुभाई मुलजीभाई पटेल, देश के 11वें वित्त मंत्री थे. वह मोरारजी देसाई सरकार में 26 मार्च 1977 में वित्त मंत्री बने और 24 जनवरी 1979 तक इस पद पर रहे. इसके बाद वर्ष 1979 में 24 जनवरी से लेकर 28 जुलाई तक वह देश के गृह मंत्री रहे. वित्त मंत्री बनने से पहले वह 7 अक्टूबर 1947 से लेकर 20 जुलाई 1953 तक रक्षा सचिव रहे थे.

कब आया था भारत का पहला बजट

भारत में पहली बार बजट 7 अप्रैल, 1860 को पेश किया गया था. ईस्ट इंडिया कंपनी से जुड़े स्कॉटिश अर्थशास्त्री एवं नेता जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश साम्राज्ञी के समक्ष भारत का बजट रखा था. जहां तक स्वतंत्र भारत के पहले बजट की बात है तो इसे 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था. तत्कालीन वित्त मंत्री आर के षण्मुखम चेट्टी ने आजाद भारत का पहला बजट पेश किया था. सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम पर है. उन्होंने 1962-69 के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए सर्वाधिक 10 बार बजट पेश किया.

दो बार पेपरलेस बजट हुआ है पेश

कोविड महामारी को देखते हुए वित्त वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट यानी बजट 2021 को पहली बार पेपरलेस रूप में पेश किया गया था. संसद सदस्यों (सांसदों) और आम जनता द्वारा बजट दस्तावेजों की परेशानी मुक्त एक्सेस के लिए एक 'केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप' भी लॉन्च किया गया था. इसके बाद बजट 2022 भी पेपरलेस रहा था. इस बार का बजट पेपरलेस होगा या नहीं, अभी इसके बारे में जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन उम्मीद यही है कि बजट 2023 भी डिजिटल ही रहेगा.


Edited by Ritika Singh