देश को जल्द मिलेगी 5G सेवाएं, कैबिनेट ने 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी को दी मंजूरी

20 साल की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई, 2022 के अंत तक की जाएगी.

देश को जल्द मिलेगी 5G सेवाएं, कैबिनेट ने 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी को दी मंजूरी

Wednesday June 15, 2022,

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने स्‍पेक्‍ट्रम की नीलामी करने के दूरसंचार विभाग के एक प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है. इसके माध्‍यम से सफल निविदादाताओं को जनता और उद्यमों को 5G सेवाएं प्रदान करने के लिए स्‍पेक्‍ट्रम सौंपा जाएगा.

डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया आदि जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से डिजिटल कनेक्टिविटी सरकार की प्रमुख नीतिगत पहलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.

ब्रॉडबैंड, विशेष रूप से मोबाइल ब्रॉडबैंड, नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया है. 2015 के बाद से देश भर में 4G सेवाओं के तेजी से विस्तार के माध्यम से इसे एक बड़ा बढ़ावा मिला है. 2014 में 10 करोड़ ग्राहकों की तुलना में आज 80 करोड़ ग्राहकों की ब्रॉडबैंड तक पहुंच है.

इस तरह की अग्रणी नीतिगत पहलों के माध्यम से, सरकार अंत्योदय परिवारों तक मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-राशन आदि तक पहुंच को बढ़ावा देने में सक्षम है.

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सांकेतिक चित्र

देश में बनाया गया 4G इको-सिस्टम अब 5G के स्वदेशी विकास की ओर ले जा रहा है. भारत के 8 टॉप टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट्स में 5G टेस्ट बेड सेटअप भारत में घरेलू 5G तकनीक के लॉन्च को गति दे रहा है. मोबाइल हैंडसेट, दूरसंचार उपकरणों के लिए PLI (Production-Linked Incentives) योजनाएं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत से भारत में 5G सेवाओं के शुभारंभ के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. वह समय दूर नहीं जब भारत 5G तकनीक और आने वाली 6G तकनीक के क्षेत्र में एक अग्रणी देश के रूप में उभरने वाला है.

स्पेक्ट्रम पूरे 5G इको-सिस्टम का एक अभिन्न और आवश्यक हिस्सा है. आगामी 5G सेवाओं में नए युग के व्यवसाय बनाने, उद्यमों के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट करने और नवीन उपयोग-मामलों और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से उत्पन्न होने वाले रोजगार का सृजन करने की क्षमता है.

20 साल की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई, 2022 के अंत तक की जाएगी. नीलामी विभिन्न निम्न (600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज), मध्यम (3300 मेगाहर्ट्ज) और उच्चहाई (26 गीगाहर्ट्ज) फ्रीक्वेंसी बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए आयोजित की जाएगी.

यह उम्मीद की जाती है कि मध्यम और उच्च बैंड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा गति और क्षमता प्रदान करने में सक्षम 5G के माध्यम से टेक्नोलॉजी-बेस्ड सर्विसेज को रोल-आउट करने के लिए किया जाएगा, जो वर्तमान 4G सेवाओं की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होगा.

स्पेक्ट्रम नीलामी सितंबर, 2021 में घोषित दूरसंचार क्षेत्र के सुधारों से लाभान्वित होगी. सुधारों में आगामी नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम पर शून्य स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) शामिल है, जो परिचालन लागत के मामले में दूरसंचार नेटवर्क के सेवाप्रदाताओं को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है. इसके अलावा, एक वार्षिक किस्त के बराबर वित्तीय बैंक गारंटी जमा करने की आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया गया है.

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दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों की गति को जारी रखते हुए, मंत्रिमंडल ने व्यापार करने में आसानी के लिए आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी के माध्यम से निविदादाताओं द्वारा प्राप्त किए जाने वाले स्पेक्ट्रम के संबंध में विभिन्न प्रगतिशील विकल्पों की घोषणा की. पहली बार, सफल निविदादाताओं द्वारा अग्रिम भुगतान करने की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं है. स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान 20 समान वार्षिक किश्तों में किया जा सकता है जिसका भुगतान प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में अग्रिम रूप से किया जाना है. इससे नकदी प्रवाह की आवश्यकताओं में काफी कमी आने और इस क्षेत्र में व्यवसाय करने की लागत कम होने की उम्मीद है. निविदादाताओं को शेष किश्तों के संबंध में भविष्य की देनदारियों के बिना 10 वर्षों के बाद स्पेक्ट्रम को सरेंडर करने का विकल्प दिया जाएगा.

5G सेवाओं के रोल-आउट को सक्षम करने के लिए पर्याप्त बैकहॉल स्पेक्ट्रम की उपलब्धता भी आवश्यक है. बैकहॉल की मांग को पूरा करने के लिए, मंत्रिमंडल ने दूरसंचार सेवाप्रदाताओं को ई-बैंड में प्रत्येक 250 मेगाहर्ट्ज के 2 कैरियर अनंतिम रूप से आवंटित करने का निर्णय लिया है. मंत्रिमंडल ने 13, 15, 18 और 21 गीगाहर्ट्ज बैंड के मौजूदा फ्रीक्वेंसी बैंड में पारंपरिक माइक्रोवेव बैकहॉल कैरियर की संख्या को दोगुना करने का भी निर्णय लिया.

कैबिनेट ने ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, कृषि, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में मशीन से मशीन संचार, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SI) जैसे इंडस्ट्री 4.0 ऐप्लीकेशंस में इनोवेशन की एक नई लहर को बढ़ावा देने के लिए निजी कैप्टिव नेटवर्क के विकास और स्थापना को सक्षम करने का भी निर्णय लिया.

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