मेड-इन-इंडिया कफ़ सिरप पर WHO का दावा: इसको पीने से गाम्बिया में हुई 66 बच्चों की मौत, केंद्र सरकार ने शुरू की जांच

By Prerna Bhardwaj
October 06, 2022, Updated on : Thu Oct 06 2022 07:36:43 GMT+0000
मेड-इन-इंडिया कफ़ सिरप पर WHO का दावा: इसको पीने से गाम्बिया में हुई 66 बच्चों की मौत, केंद्र सरकार ने शुरू की जांच
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में बनी कुछ दवाइयों को लेकर मेडिकल अलर्ट जारी किया है. यह अलर्ट गाम्बिया (Gambia) में पाई गईं 4 दवाओं को लेकर जारी किया गया है. संभव है कि इसका संबंध किडनी की गंभीर बीमारी और 66 बच्चों की मौत से जुड़ी हो. बताया जा रहा है कि मेड-इन-इंडिया ‘मेडेन फार्मास्युटिकल' (Maiden Pharmaceuticals Limited) कंपनी के बनाये हुए कफ़ सिरप (Cough Syrup) पीने से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हो गई.


रिपोर्ट के अनुसार WHO ने बुधवार को ही इन दवाओं और इनके नुकसान को लेकर एक चेतावनी जारी कर दी है. WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसुस का दावा है कि बच्चों की मौत का संबंध चार दवाओं से है. इन सिरप के सेवन से उनके गुर्दों को क्षति पहुंची. जिन चार सिरप को लेकर चेतावनी जारी की गई है उनमें ‘प्रोमेथाज़िन ओरल सॉल्यूशन,’ ‘कोफ़ेक्समालिन बेबी कफ सिरप,’ ‘मैकॉफ़ बेबी कफ सिरप’ और ‘मैग्रीप एन कोल्ड सिरप’ शामिल हैं.


“योगशाला में हुई जांच के दौरान इन दवाइयों के सभी सैंपल्स में जरूरत से ज्यादा ही डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई है.” WHO ने अपने एक मेडिकल प्रोडक्ट रिपोर्ट में यह बात कही है. अभी तक की जानकारी के अनुसार इन दवाओं को बनाने वाली कंपनी ने WHO को इन दवाओं से जुड़ी सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है. WHO ने अपनी चेतावनी में कहा है कि विवादित उत्पाद अब तक गाम्बिया में पाए गए थे, अन्य देशों में इस प्रोडक्ट की पहचान करने और इन्हें हटाई जानी चाहिए ताकि मरीजों को नुकसान से बचाया जा सके.  


WHO दवा कंपनी और भारत सरकार के नियमन अधिकारियों के साथ इन दवाओं की जांच कर रहा है. इधर, दिल्ली में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.


बता दें, गाम्बिया में बच्चों को अचानक सर्दी-खांसी हुई तो सभी को 'मेडेन फार्मास्युटिकल' का कफ एंड कोल्ड सिरप पिलाया गया. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह भारतीय कंपनी वहां किस स्तर पर अपने उत्पादों की बिक्री करती है. गाम्बिया के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अब वहां किसी भी तरह के सिरप को लेने से पहले जांच ज़रूरी कर दी गई है.