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क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Varaha ने RTP Global से हासिल किए 8.7 मिलियन डॉलर

2022 में स्थापित, Varaha कंपनियों और निवेशकों को उन प्रोजेक्ट से जोड़ने में मदद करता है जो उन्हें अपने कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने में मदद कर सकते हैं.

क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Varaha ने RTP Global से हासिल किए 8.7 मिलियन डॉलर

Thursday February 22, 2024 , 2 min Read

क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Varaha ने RTP Global और Omnivore और Orios Venture Partners सहित मौजूदा निवेशकों के नेतृत्व में सीरीज A फंडिंग राउंड में 8.7 मिलियन डॉलर जुटाए हैं.

जापान के सबसे बड़े संस्थागत निवेशक, Norinchukin Bank ने भी इस राउंड में भाग लिया, साथ ही AgFunder और IMC Pan Asia Alliance Group की निवेश शाखा, Octave Wellbeing Economy Fund ने भी भाग लिया.

मधुर जैन, अंकिता गर्ग और विशाल कुचानूर द्वारा 2022 में स्थापित, Varaha उन संस्थाओं को जोड़ता है जो प्रकृति-आधारित परियोजनाओं के साथ अपने कार्बन पदचिह्नों की भरपाई करना चाहते हैं जो या तो कार्बन हटाते हैं या कार्बन उत्पादन नहीं करते हैं.

स्टार्टअप इन परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए उन्नत तकनीक, वैज्ञानिक मॉडल, रिमोट सेंसिंग और मशीन लर्निंग का उपयोग करता है. यह भारत, नेपाल, बांग्लादेश और केन्या में 700,000 एकड़ से अधिक की इन परियोजनाओं की देखरेख करता है.

Varaha ने एशिया और अफ्रीका में अधिक भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करने के लिए फंडिंग का उपयोग करने की योजना बनाई है. कंपनी वर्तमान में विज्ञान और तकनीक, कार्बन आपूर्ति और फाउंडर ऑफिस में विभिन्न भूमिकाओं के लिए नियुक्तियां कर रही है.

भारत में, कंपनी पुनर्योजी कृषि, वनीकरण और बायोचार (लकड़ी के चिप्स, कृषि अवशेष, खाद और अन्य कार्बनिक पदार्थों जैसे बायोमास स्रोतों को चारकोल जैसी सामग्री में परिवर्तित करने की एक विधि) में विशेषज्ञता वाली नई कार्बन परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रही है.

कंपनी ने YourStory को बताया कि स्टार्टअप उपभोक्ता उत्पादों, कृषि और रसायनों जैसे क्षेत्रों में भारतीय कॉरपोरेट्स के साथ उन परियोजनाओं पर सहयोग करने के लिए बातचीत कर रहा है, जो कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं को डीकार्बोनाइजिंग, कार्बन क्रेडिट की बिक्री और मौजूदा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने पर केंद्रित हैं.

भारत में कार्बन क्रेडिट बाज़ार अभी भी बहुत शुरुआती चरण में है. विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी और निष्कासन के अनुमान के लिए कार्यप्रणाली विकसित करने के लिए पिछले साल बिजली मंत्रालय और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना 2023 शुरू की गई थी.

मूल्यांकन विधियों के साथ-साथ प्रति उद्योग या कंपनी के लिए कार्बन ऑफसेटिंग की आवश्यकता के बारे में सूचकांक बनाने पर चर्चा अभी भी जारी है.

(Translated by: रविकांत पारीक)