अडाणी समूह को 6071 करोड़ रुपये का कर्ज देगा बैंकों का गठजोड़

By Vishal Jaiswal
June 27, 2022, Updated on : Mon Jun 27 2022 09:33:37 GMT+0000
अडाणी समूह को 6071 करोड़ रुपये का कर्ज देगा बैंकों का गठजोड़
इस परियोजना के लिए भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई में बैंकों के एक गठजोड़ से कर्ज मिला है. केसीएल परियोजना के पांच लाख टन की क्षमता वाले पहले चरण के लिए बैंकों के इस गठजोड़ ने 6,071 करोड़ रुपये की कर्ज आवश्यकता के लिए समझौता किया और इसे मंजूरी दी.
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तांबा विनिर्माण के क्षेत्र में कदम रखने वाले अडाणी समूह ने गुजरात के मुंद्रा में दस लाख टन के सालाना उत्पादन वाली इकाई की स्थापना के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 6071 करोड़ रुपये के कर्ज की व्यवस्था की है.


अडाणी समूह ने एक बयान में कहा, ‘‘अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की अनुषंगी कच्छ कॉपर लिमिटेड (केसीएल) कॉपर रिफायनरी प्रोजेक्ट की स्थापना कर रही है. दो चरणों में बनने वाला यह संयंत्र हर साल दस लाख टन रिफाइंड तांबे का उत्पादन करेगा.’’


बयान में कहा गया कि इस परियोजना के लिए भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई में बैंकों के एक गठजोड़ से कर्ज मिला है. केसीएल परियोजना के पांच लाख टन की क्षमता वाले पहले चरण के लिए बैंकों के इस गठजोड़ ने 6,071 करोड़ रुपये की कर्ज आवश्यकता के लिए समझौता किया और इसे मंजूरी दी.


अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के निदेशक विनय प्रकाश ने कहा कि इस परियोजना का परिचालन वर्ष 2024 की पहली छमाही में शुरू हो जाएगा. समूह ने कहा कि कच्छ कॉपर अडानी पोर्टफोलियो के 'सामग्री, धातु और खनन' कार्यक्षेत्र का हिस्सा होगा.


कच्छ कॉपर को 24 मार्च, 2021 को कॉपर कैथोड और कॉपर रॉड और संबंधित उत्पादों के निर्माण जैसे कॉपर व्यवसाय से संबंधित गतिविधियों को शुरू करने के उद्देश्य से शामिल किया गया था.


अडाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक विनय प्रकाश ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के साथ गठबंधन करते हुए केसीएल का उद्देश्य परिष्कृत तांबे के उत्पादन की क्षमता बनाना है, जो ईवी और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर देश के बदलाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इस परियोजना में आवश्यक प्रौद्योगिकी जुड़ी हुई है और साइट पर निर्माण कार्य अच्छी तरह से प्रगति कर रहे हैं और 2024 की पहली छमाही के दौरान उत्पादन शुरू करना तय है.


उन्होंने आगे कहा कि यह बेंचमार्क ईएसजी प्रदर्शन मानकों, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण के साथ दुनिया के सबसे बड़े कॉपर रिफाइनरी परिसरों में से एक होगा. यह वित्तीय समापन हमें परियोजना में तेजी लाने में सक्षम बनाता है और आवश्यक संसाधनों को जुटाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए अडाणी समूह की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.