ये चीज़ें अब नहीं दिखेंगी बाज़ार में, 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर टोटल बैन

By Prerna Bhardwaj
June 30, 2022, Updated on : Fri Jul 01 2022 10:54:09 GMT+0000

ये चीज़ें अब नहीं दिखेंगी बाज़ार में, 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर टोटल बैन
कल से भारत सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर सख़्त प्रतिबंध लगाने जा रही है. इस बार सरकार ने हर स्तर पर कस कर तैयारी की है. यह भारत में प्लास्टिक प्रदूषण के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

भारत सरकार का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय कल 1 जुलाई से एकल उपयोग वाली प्लास्टिक (single use plastic) पर सख्ती से प्रतिबन्ध लगा लगाने जा रहा है. यह प्रतिबंध सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री से लेकर उनके उपयोग-सभी पर लागू किया जाएगा.

किन वस्तुओं पर लगेगा बैन?

सरकार द्वारा प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में शामिल हैं- प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिये  पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लास्टिक प्लेट,  गिलास, कप, कटलरी, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप  या पैक करने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिकर.

क्या है तैयारी?

 प्लास्टिक बैन पहले भी,इस तरह के नियम लागू करवा पाने की सबसे बड़ी चुनौती हमेशा यही रही है कि अर्थव्यवस्था, प्लास्टिक इंडस्ट्री, और उससे जुड़े रोज़गार पर होने वाले नकारात्मक असर को कम कैसे किया जाये और प्लास्टिक के सस्ते सस्टेनेबल विकल्प बाज़ार में कैसे उपलब्ध कराया जाए. अचानक से प्रतिबंध काम नहीं करते. इस बार सरकार की तैयारी हर तरह से बेहतर है. 

 

साल की शुरुआत में ही 16 फरवरी, 2022 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने  प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2022 के रूप में प्लास्टिक पैकेजिंग पर विस्तारित उत्पादकों की जिम्मेदारी के बारे में दिशा-निर्देशों को जारी कर दिया गया था. विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) का मतलब यह है कि एक प्रॉडक्ट के बनने में शुरू से आख़िर तक पर्यावरण का नुक़सान न हो. ये दिशा-निर्देश प्लास्टिक पैकेजिंग, कचरे की चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, प्लास्टिक पैकेजिंग के नए विकल्पों के विकास को बढ़ावा देने और कारोबारी जगत द्वारा टिकाऊ प्लास्टिक पैकेजिंग के विकास की दिशा में कदम बढ़ाने के बारे में रूपरेखा हैं.

क्या कदम उठाये जा चुके हैं?

2019

प्रधानमंत्री द्वारा एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के प्रचलन को 2022 तक समाप्त करने का आह्वान.


अगस्त 2021

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 जारी किया गया.


सितंबर 2021

इस  नियम के तहत  75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माण, आयात, संग्रहण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध.


अप्रैल 2022

केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से सम्बन्धी शिकायतों के निवारण के लिए एक ऐप ‘प्रकृति’ का लॉंच


जुलाई 2022

सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर देशव्यापी प्रतिबन्ध लागू

 

इसी दिशा में, MSME मंत्रालय, केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग संस्थान और राज्य-केन्द्र मिलकर एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं ताकि उन्हें प्लास्टिक वस्तुओं के विकल्प के निर्माण के लिए तकनीकी सहायता मिल सके. ऐसे उद्यमों को बैन हो रही प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण को बंद करने में सहायता करने के भी प्रावधान किये गए हैं.