नोएडा के इस मकान मालिक ने दिखाया बड़ा दिल, 50 किरायेदारों का माफ किया 1.50 लाख रुपये किराया

By yourstory हिन्दी
March 31, 2020, Updated on : Tue Mar 31 2020 08:31:30 GMT+0000
नोएडा के इस मकान मालिक ने दिखाया बड़ा दिल, 50 किरायेदारों का माफ किया 1.50 लाख रुपये किराया
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कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण सभी उद्योग धंधे बंद हो गए हैं और इसके कारण सबसे अधिक मजदूर वर्ग प्रभावित हुआ है। ऐसा वर्ग जो रोज कमाता और खाता है। कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के चलते ऐसे वर्ग के लोगों के पास खाने के पैसों के साथ-साथ देने के लिए मकान का किराया तक नहीं है। इसी कारण मजदूर वर्ग के लोग देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र से पलायन कर रहे हैं। 


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फोटो क्रेडिट: twitter/ANi



किरायेदारों की परेशानी को देखते हुए कई मकानमालिकों ने अपने किरायेदारों का 1 महीने का किराया माफ कर दिया है। ऐसे ही एक मकानमालिक कुशल पाल हैं। उनके घर में 50 के करीब किरायेदार रहते हैं। उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए अपने सभी किरायेदारों का 1 महीने का किराया माफ कर दिया है। वह भी कोई 10-20 हजार रुपये नहीं, पूरे 1.50 लाख रुपये। 


कुशल पाल नोएडा के बरौला गांव के निवासी हैं। उन्होंने किरायेदारों का सिर्फ किराया ही माफ नहीं किया बल्कि उन्हें अपने घर की ओर पलायन ना करने के लिए भी समझाया। उन्होंने अपने सभी किरायेदारों को समझाया कि वे घर खाली ना करें और यहीं रहें। वे अपने किरायेदारों को 5 किलो के आटे के पैकेट भी दे रहे हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कुशल पाल ने बताया,

'हम सभी को यही करना चाहिए। ऐसे समय में हमें लोगों की मदद करनी चाहिए। मेरे यहां 50 किरायेदार हैं और उनका हर महीने का किराया लगभग 1.5 लाख रुपये बनता है। मैंने इस महीने सभी का किराया माफ कर दिया है। साथ ही मैंने सभी को 5 किलो आटे के पैकेट भी बांटे हैं। साथ ही मेरे ड्राइवर, सिक्यॉरिटी गार्ड की सेवा भी दी हुई है।'

मालूम हो बीच में ऐसी खबरें आई थीं कि स्थानीय मकानमालिकों ने किरायेदारों पर किराये के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है और इसके कारण लोग घर छोड़कर गांव की ओर जा रहे हैं। इसी के चलते दिल्ली-एनसीआर के प्रशासन को सख्त आदेश देने पड़े। हाल ही में नोएडा के डीएम बी.एन. सिंह ने सभी मकानमालिकों को आदेश दिया था कि वे किरायेदारों का एक महीने का किराया माफ कर दें। अगर किसी ने इस आदेश का पालन नहीं किया तो मकानमालिक को जेल भी हो सकती है।


केजरीवाल सरकार ने तो दिल्ली के सभी मकानमालिकों से अपील की थी कि अगर कोई किरायेदार अपना किराया देने में सक्षम नहीं है तो मकानमालिक उसका किराया माफ कर दे। अगर ऐसा नहीं है तो उस किरायेदार का किराया दिल्ली सरकार वहन करेगी।


सीएम केजरीवाल ने अपील की थी कि जो लोग जहां हैं, वहीं पर रहें और अपने गांव की ओर पलायन ना करें। साथ ही सीएम ने मकानमालिकों से कहा कि अगर कोई मकानमालिक किरायेदार पर किराये के लिए जबरदस्ती दबाव बनाता है तो दिल्ली सरकार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।