'GetActive', डिजिटल डिवाइस: टशन भी और स्वास्थ्य पर नज़र भी

    By Harish Bisht
    July 04, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
    'GetActive', डिजिटल डिवाइस: टशन भी और स्वास्थ्य पर नज़र भी
    भारतीय बाजार में सिरमौर GetActiveGetActive के डिवाइस रखते हैं शरीर की गतिविधि पर नजरजनवरी,2013 में आया कंपनी का पहला उत्पाद
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    चीनी दार्शनिक लाओजी ने कहा था कि हजारों मिल लंबी यात्रा की शुरूआत पहले कदम से होती है। उस दौर में भले ही इन कदमों को गिनना नामुकिन हो लेकिन आज के दौर में ये संभव है। आज हम बड़ी आसानी से स्वास्थ्य सेवा तकनीक उपकरणों के जरिये ना सिर्फ शारीरिक गतिविधियों के बारे में जान सकते हैं बल्कि अपने स्वास्थ्य पर नजर रखने का ये एक बेहतरीन उपाय है।

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    एक अनुमान के मुताबिक साल 2013 में 330 मिलियन डॉलर वाले डिजिटल फिटनेस डिवाइस बाजार में 97 प्रतिशत कब्जा Fitbits, Jawbone UPs, और Nike FuelBands का था और ये हर साल यूं ही बढ़ता जा रहा है। अनुमान के मुताबिक साल 2018 तक इसके 19 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए Fitbits ने 43 मिलियन डॉलर, Withings ने 30 मिलियन डॉलर और MyFitnessPal ने 18 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त किया। भारत में शुरूआती स्तर में GetActive ऐसे चुनिंदा कंपनियों में एक थी जो लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा तकनीक उपकरणों को लेकर उतरी थी। इस कंपनी ने शारीरिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाथ में पहने जा सकने वाले बैंड को बाजार में उतारा था और इसके पीछे दिमाग था मोहम्मद का। जिनको स्वास्थ्य सेवा तकनीक उद्योग में ने सिर्फ 2 दशकों से भी ज्यादा का अनुभव था बल्कि वो ग्राहकों की नब्ज को पकड़ना भी बखूबी जानते थे। यही वजह है कि GetActive ने अपने पहले ही साल में 10 हजार से ज्यादा उत्पाद बेच डाले।

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    इस कंपनी में मोहम्मद के अलावा मुर्तजा, श्रीजीत और सौरव भी इसके सह-संस्थापकों में से एक हैं। जिनके पास कॉर्पोरेट पृष्ठभूमि का अच्छा खासा अनुभव है। ये लोग सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग, उत्पाद की डिजाइन और कारोबार के विकास में भी महारत रखते हैं। मोहम्मद के मुताबिक लोगों में इस बात को लेकर गलतफहमी है कि सामान्य इंसान के लिए स्वास्थ्य सेवाएं खास फायदेमंद नहीं है और इनका इस्तेमाल सिर्फ गंभीर अवस्था में ही किया जा सकता है। उनके मुताबिक लोगों की इसी सोच को बदलना जरूरी है। GetActive पर काम साल 2011 से ही शुरू हो गया था लेकिन इसका बनाया पहला उपकरण जनवरी, 2013 के दौरान बाजार में आया। ये उपकरण तो बस शुरूआत थी इस क्षेत्र में कदम रखने की। कंपनी का मुख्य उद्देश्य तकनीक के साथ लोगों को कामकाज के दौरान स्वास्थ्य का संतुलन कैसे रखा जाए ये बताना था। इसके साथ साथ लोग अपनी शारीरिक गतिविधियों पर भी नजर रख सकें इसकी जानकारी देना था।

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    आम लोगों के बीच रूचि जगाने के लिए GetActive ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर रिवार्ड कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित कराई गई। साथ ही लोगों के सामने खेल की तरह पेश किया गया। इन तरीकों से लोग इनकी ओर आकर्षित होने लगे। मोहम्मद के मुताबिक उनका लक्ष्य लोगों को स्वास्थ्य कार्यक्रम से रूबरू कराना है पहनने योग्य तकनीक में अपनी सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा है। GetActive की कोशिश अपने उपयोगकर्ताओं की आदतों में बदलाव लाना है ताकि वो अपने लिए इसे सिर्फ एक उपकरण ना समझें।

    मोहम्मद, सह-संस्थापक, GetActive

    मोहम्मद, सह-संस्थापक, GetActive


    कंपनी जल्द ही बाजार में अपना दूसरा उत्पाद लाने जा रही है। GetActive स्वास्थ्य बैंड जिसमें ब्लूटूथ की भी सुविधा है। ये लोगों के दिल की धड़कन पर काम करने वाले, कैलोरी नापने वाला होगा। इसके अलावा खून में ऑक्सीजन की मात्रा, ग्लूकोस की जांच और शरीर का तापमान जैसी सुविधाएं भी इनके उपकरण में जल्द मिलने लगेंगी। कंपनी के 10 हजार GetActive उपकरण विभिन्न समूह को बेचें हैं इनमें अपोलो म्यूनिख, केपीएमजी, एसएपी और विप्रो शामिल हैं। मोहम्मद के मुताबिक जब किसी में लालसा होती है कुछ करने की जिसका असर समाज पर भी पड़े और जब मौका हो उसे पाने का तो उस वक्त पैसे के बारे में कोई नहीं सोचता। GetActive उपकरण का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्त हर रोज 10 लाख बार चलते हैं जबकि इनकी कोशिश इस संख्या को बढ़ाकर 1 बिलियन तक ले जाने की है।

    आज के वक्त में लोगों को कई तरह की जानकारियों के साथ विभिन्न तरह के उत्पाद मिल रहे हैं। ये इतने महत्वपूर्ण हैं जितने पहले नहीं थे। हाथ में पहने जाने वाली ये तकनीक काफी साधारण है और ये किसी के भी फैशन के साथ मेल खाता है। लोग आज तकनीक को पसंद कर रहे हैं जो आपको बताता है कि आप खाना कितनी तेजी से खत्म करते हैं और ये तकनीक भविष्य में और तेज हो सकती है।

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