Delhi-NCR air pollution: 491 निर्माण कार्यों पर रोक, फ्लाइंग स्क्वायड टीम गठित

By Prerna Bhardwaj
October 17, 2022, Updated on : Mon Oct 17 2022 07:49:46 GMT+0000
Delhi-NCR air pollution: 491 निर्माण कार्यों पर रोक, फ्लाइंग स्क्वायड टीम गठित
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दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में वायु गुणवत्ता ख़राब होने लगी है. इसके मद्देनज़र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम, CAQM) ने दिल्ली एनसीआर से संबंधित सभी राज्य सरकारों की एजेंसियों और राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अलर्ट जारी कर प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान, GRAP) को सख्ती से लागू करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.


वायु गुणवत्ता प्रबंधन (सीएक्यूएम) आयोग ने शनिवार को कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के मानकों के उल्लंघन पर उसने 491 स्थलों पर निर्माण और विध्वंस के कार्य बंद करने के लिए निर्देश जारी किये हैं, जिनमें 110 स्थल अकेले दिल्ली में हैं. आयोग ने प्रदूषण के खिलाफ इस अभियान की निगरानी के लिए 40 फ्लाइंग स्क्वायड टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी है. इन फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने 14 अक्टूबर तक 8,580 निर्माण और विध्वंस से जुड़े स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान 491 जगहों पर आयोग के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था. एनसीआर में स्थित उत्तर प्रदेश के शहरों में सबसे अधिक 211 निर्माण स्थलों पर प्रदूषण की रोकथाम के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था. उत्तर प्रदेश के अलावा, इन 491 स्थलों में से 110 दिल्ली में हैं, जबकि हरियाणा में 118 और राजस्थान में 52 हैं. आयोग ने ग्रेप के नियमों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाने वाले 491 निर्माण स्थलों को बंद करा दिया है.

उद्योग इकाइओं और फैक्ट्रियों को दिया निर्देश

आयोग ने औद्योगिक इकाइयों के संचालकों और विभिन्न निमार्ण परियोजनाओं जुड़ी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि उन्हें फैक्ट्रियों व निर्माण स्थलों पर प्रदूषण की रोकथाम के उपायों का पूरा पालन करना होगा. आयोग के नियमों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है.

लगाया जाएगा जुर्माना

आयोग का कहना है कि नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है. इसलिए नियमों का पालन नहीं करने पर निर्माण स्थलों और औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के साथ-साथ पर्यावरण शुल्क के रूप में भारी भरकम जुर्माना भी किया जाएगा.