दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी की नई सप्लाई में तिहाई अंकों की ग़ज़ब की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

नई प्रॉपटाइगर रिपोर्ट के अनुसार 2023 के पहले तीन महीनों में अलग-अलग डिवेलपर्स की ओर से 5209 प्रॉपर्टी लॉन्च की गई. तिमाही-दर-तिमाही इसमें 189 फीसदी का उल्लेखनीय विकास दर्ज किया गया.

दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी की नई सप्लाई में तिहाई अंकों की ग़ज़ब की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

Thursday June 15, 2023,

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दिल्ली एनसीआर में रियल एस्‍टेट बाजार में नई आवासीय इकाइयों की सप्लाई में स्वस्थ बढ़ोतरी देखी गई. नई प्रॉपटाइगर (PropTiger) रिपोर्ट के अनुसार 2023 के पहले तीन महीनों में अलग-अलग डिवेलपर्स की ओर से 5209 प्रॉपर्टी लॉन्च की गई. तिमाही-दर-तिमाही इसमें 189 फीसदी का उल्लेखनीय विकास दर्ज किया गया.

देश की प्रमुख डिजिटल रियल एस्टेट ब्रोकरेज टीम का स्‍वामित्‍व आरईए इंडिया के पास है. यह देश का सबसे बड़ा फुलस्टैक रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है, जिनके पास Housing.com & Makaan.com का मालिकाना हक भी है.

आठ शीर्ष रियलटी मार्केट के लिए Proptiger.com की रियल इनसाइट रेजिडेंशियल-जनवरी-मार्च 2023 की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी और मार्च 2023 में कुल मिलाकर 1,47,780 आवसीय इकाइयां लॉन्च की गई. यह किसी तिमाही में सबसे बड़ी लॉन्चिंग का अब तक का सबसे उच्‍च स्‍तर है.

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2023 की तीसरी तिमाही में दिल्ली-एनसीआर में प्रापर्टी का औसत दाम 4500 रुपये-4700 रुपये (प्रति वर्ग गज) है. इससे पता चलता है कि प्रॉपर्टी की कीमतें साल दर साल छह फीसदी बढ़ी हैं

दिल्ली-एनसीआर में मार्च 2023 में 99,690 मकानों की बिक्री नहीं हुई थी, जिससे पता चलता है कि प्रॉपर्टी के बिकने में करीब 66 महीने का समय लगता है, जबकि अखिल भारतीय स्तर पर यह आंकड़ा 34 महीनों का था.

प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में जितने प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए, उनमें से बड़ा भाग, जो 50 फीसदी के लगभग है. इस श्रेणी में प्रॉपर्टी 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की है. इससे क्षेत्र में प्रीमियम हाउसिंग के विकल्पों की बढ़ती हुई मांग की झलक मिलती है.

जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक विकास की गतिविधियां दर्ज की गई, उनमें सेक्टर-63 गुरुग्राम, सेक्टर-92, गुरुग्राम, सेक्टर 1-ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) और सेक्टर-93 गुरुग्राम शामिल है. ये क्षेत्र नई प्रॉपर्टीज के लॉन्च का प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं.

PropTiger.com के बिजनेस हेड और आरईए इंडिया के ग्रुप सीएफओ विकास वाधवान ने कहा, “गुरुग्राम नई प्रॉपर्टी की लॉन्चिंग में सबसे अग्रिम मोर्चे पर है. कुल मिलाकर सभी क्षेत्रों में की गई कुल नई सप्‍लाई में गुरुग्राम का हिस्सा सबसे बड़ा, 63 फीसदी है. शहर की प्राइम लोकेशन और आकर्षक ऑफर्स ने गुरुग्राम का प्रापर्टी मार्केट में प्रभुत्व बढ़ाने में योगदान है.”

PropTiger.com, Housing.com & Makaan.com में रिसर्च विभाग की हेड अंकिता सूद ने ट्रेंड्स पर टिप्पणी करते हुए कहा, “दिल्ली-एनसीआर का प्रॉपर्टी मार्केट, खासतौर पर गुरुग्राम और नोएडा के प्रमुख मार्केट, वापस ट्रैक पर लौटा है. यह डिमांड प्रमुख लोकेशन पर नए प्रोजेक्ट्स और रेडी टू मूव इन प्रॉपर्टीज के लिए काफी स्थायी है. यह क्षेत्र, जहां नई प्रॉपर्टीज लॉन्च की गई है, यह उपभोक्ताओं को बेहतर कनेक्टिविटी और सामाजिक आधारभूत ढांचे से नजदीकी का ऑफर देते हैं. हमारा आईआरआईएस इंडेक्स 42 प्रमुख भारतीय शहरों में बड़े पैमाने पर की गई प्रॉपर्टी की सर्च के बारे में बताता है. इस इंडेक्स के अनुसार प्रॉपर्टी की खरीद में खरीदारों की दिलचस्पी के हिसाब से दिल्ली-एनसीआर उन टॉप तीन शहरों में उभरा है, जहां लोग प्रॉपर्टी को खरीदने के प्रति बेहद आकर्षित है."  

सूद ने आगे कहा, “मिडिल से लेकर लग्जरी सेग्मेंट के बीच नई प्रॉपर्टी की सप्लाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. इससे यह पता लगता ह कि इन इलाकों में नई प्रॉपर्टी विकसित करने के प्रति निवेशकों और बिल्डर्स में जबर्दस्त आत्मविश्वास आया है.”

प्रॉपटाइगर डेटा के अनुसार बिक्री के लिहाज से 2023 में दिल्ली-एनसीआर में कुल 3,804 इकाइयों की बिक्री हुई है. इसमें सबसे ज्यादा मांग तीन बीएचके के घरों की है, जिसका कुल मिलाकर 45 फीसदी का सबसे बड़ा शेयर है. इसके बाद उपभोक्ताओं में 4 बीएचके की सबसे ज्यादा मांग है, जो कुल मांग का 38 फीसदी है. गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कुल बिक्री के लिहाज से 35 फीसदी इकाइयों की बिक्री हुई है, जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 39 फीसदी प्रॉपर्टी की बिक्री की गई.  

2023 की तीसरी तिमाही में जिन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की सबसे ज्यादा बिक्री ही है, उनमें सेक्‍टर 1 - ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन), सेक्टर-86 (गुरुग्राम), राजनगर एक्सटेंशन, (गाजियाबाद), टेकजोन4 और सेक्टर 92 (गुड़गांव) शामिल है.

भारत के शीर्ष 8 शहरों में कुल बिना बिकी प्रॉपर्टी के लिहाज से दिल्ली-एनसीआर का मौजूदा शेयर 11 फीसदी है. 2023 की पहली तिमाही के अंत तक दिल्ली-एनसीआर में बिना बिकी आवासीय इकाइयों की संख्या 99,690 है, जिससे पता चलता है कि देश के प्रमुख शहरों की तुलना में यहां प्रॉपर्टी की बिक्री में 66 महीने का समय लगता है.

विकास वधावन ने कहा, “2023 की पहली तिमाही में दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्‍टेट मार्केट की उल्लेखनीय बढ़ोतरी से इस क्षेत्र के प्रति घर के खरीदारों और निवेशकों के बढ़ते आकर्षण और दिलचस्पी का पता चलता है. प्रमुख लोकेशन के साथ घर खरीदने के तरह-तरह के विकल्पों ने प्रॉपर्टी की मांग को और बढ़ाने और इस बाजार का विकास करने में प्रमुख भूमिका निभाई है."

बता दें कि घरों की बिक्री और लॉन्चिंग में ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट्स और इंडिपेंडेंट फ्लोर्स का प्राइमरी मार्केट डेटा शामिल हैं. इस रिपोर्ट में शामिल किए गए हाउसिंग मार्केट में अहमदाबाद, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, दिल्ली-एनसीआर( गुड़गांव, नोएडा, ग्रेटर, नोएडा गाजियाबाद और फरीदाबाद), एमएमआर (मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे) और पुणे शामिल है.

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Edited by रविकांत पारीक