डिजीटल क्लासरूम के माध्यम से सरकारी स्कूल के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला रहा है 'मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन', फोर्ब्स एशिया 2019 की सूची में शामिल है को-फाउंडर अभिषेक दुबे

By रविकांत पारीक
January 22, 2020, Updated on : Fri Jan 24 2020 09:09:29 GMT+0000
डिजीटल क्लासरूम के माध्यम से सरकारी स्कूल के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला रहा है 'मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन', फोर्ब्स एशिया 2019 की सूची में शामिल है को-फाउंडर अभिषेक दुबे
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मध्यप्रदेश का मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन एक एनजीओ है जो ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रहा है। फाउंडेशन के संस्थापक अभिषेक दुबे योरस्टोरी हिंदी के साथ अपनी पहल मुस्कान और सामाजिक उद्यमिता के बारे में अपने विचार बताए।


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अभिषेक दुबे का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था, उनके पिता सरकारी अधिकारी हैं और माँ गृहिणी हैं।

अभिषेक बताते हैं,

"अपना हाई स्कूल पूरा करने के बाद, मैं अपनी बी. टेक. की पढ़ाई के लिए कॉलेज गया जिसने नए माहौल के लिए मेरा उत्साह स्तर बढ़ाया। अपने पहले वर्ष के अंत तक मैंने महसूस किया कि वास्तविकता बहुत कठिन थी जो मुझे लगा कि यह नहीं है कि जो वास्तव में संतोषजनक होना चाहिए वह संतोषजनक नहीं है।"

मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन की शुरूआत

अभिषेक दुबे ने साल 2014 में अपने दोस्तों के साथ मिलकर मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन की नींव रखी और इसे एक एनजीओ के रूप में रजिस्टर कराया। यह भारत के 3 शहरों (ग्वालियर, भोपाल, इंदौर) के 80 सरकारी स्कूलों में 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को डिजिटल ई-लर्निंग के द्वारा अपने ज्ञान का प्रकाश पहुंचा रहा है।


डिजिटल ई-लर्निंग @ मुस्कान ड्रीम्स

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अभिषेक बताते हैं कि मुस्कान फाउंडेशन की टीम सरकारी स्कूलों में बच्चों को बहुत सरलता से शिक्षा प्रदान करने का काम कर रहा है।


वे कहते हैं,

"ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों के छात्र स्कूल में हार्डवेयर का जाल देखकर डर जाते हैं। हम इस डर को खत्म कर रहें हैं, क्योंकि हम हार्डवेयर के नाम पर सिर्फ एक स्मार्ट टीवी लगा रहे हैं, और उसके लिए एक रिमोट। इन बच्चों को पढ़ाई जाने वाली संपूर्ण पाठ्य सामग्री इनमें फीड होती है। हमने हर 15 स्कूलों पर एक एसोशिएट हायर कर रखा है।"


मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन की टीम

अभिषेक दुबे और ऋषि राज मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक हैं। हंसराज पाटीदार बतौर लीड एडमीन मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन से जुड़े। दक्ष सरदाना मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन में कम्यूनीकेशन टीम को लीड कर रहे हैं। वहीं ह्यूमन रिसोर्स टीम को लीड करते हुए रिषभ आर्य अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सैफ जिलानी बतौर प्रोग्राम मैनेजर मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं।

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अवार्ड और उपलब्धियां

मार्च 2016 में, मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन ने अपने ग्वालियर अध्याय में 2500 शैक्षिक किटों का वितरण करके विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसमें (बैग, पानी की बोतल, लंच बॉक्स, कम्पास बॉक्स, नोटबुक, डिक्शनरी और रिफ्रेशमेंट) एक ही दिन में एक ही स्थान पर विभिन्न स्कूली बच्चों से चयनित वंचित बच्चों को रखा गया था।


साल 2017 में अभिषेक दुबे को इंडियन यूथ फोरम, दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में युवा वर्ग के विकास के लिए अंडर 100 इंडियाज् टॉप लिडर्स अवार्ड ने सम्मानित किया गया।


फरवरी, 2017 में INDIA NETWORK द्वारा मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन को अंडर 100 इमर्जिंग स्टार्टअप इन इंडिया अवार्ड दिया गया। यह सम्मान पाने वाला मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन देश का एकमात्र सोशल स्टार्टअप है।


एक फरवरी, 2018 को बच्चों का विकास करने के क्षेत्र में ITM यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अभिषेक दुबे को राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया।


मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन को कॉ-फाउंडर अभिषेक दुबे को साल 2019 की एशिया की Forbes 30 Under 30 सूची में सोशल आंत्रप्रेन्योर के रूप में शामिल किया गया है।


भविष्य की योजनाएं

मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन वर्तमान में मध्यप्रदेश के तीन मुख्य शहरों ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में डिजीटल ई-लर्निंग के माध्यम से बच्चों के पढ़ा रहा है। आगामी 29 जनवरी को यह फाउंडेशन दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक स्मार्ट क्लास शुरू करने जा रहा है।


अभिषेक ने बताया,

"मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन 95 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को डिजीटल ई-लर्निंग के माध्यम से शिक्षा दे रहा है और इस साल 2020 में करीब 1000 क्लासरूम्स बनाने का लक्ष्य है।"

मुस्कान ड्रीम्स फाउंडेशन डिजिटल ई-लर्निंग के अपने मिशन के साथ धरती के हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहता है।