अभी तक PAN-आधार नहीं कराए लिंक! न चूकें इससे जुड़ी 30 जून की डेडलाइन

By Ritika Singh
June 05, 2022, Updated on : Sun Jun 05 2022 03:31:32 GMT+0000
अभी तक PAN-आधार नहीं कराए लिंक! न चूकें इससे जुड़ी 30 जून की डेडलाइन
इनऑपरेटिव PAN के माध्यम से व्यक्ति ऐसे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं कर सकता, जहां PAN का उल्लेख करना जरूरी है.
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने मार्च 2022 में आधार-PAN की लिंकिंग (Aadhaar-PAN Linking) को लेकर एक सर्कुलर जारी किया था. इस सर्कुलर में 3 डेडलाइन्स का जिक्र था, जिनमें से एक डेडलाइन 30 जून 2022 की भी थी. दरअसल CBDT के सर्कुलर में कहा गया था कि आधार को पैन से लिंक (Aadhaar-PAN Linking) करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 को चूकने वाले लोगों का पैन अगले एक साल तक इनऑपरेटिव (PAN Inoperative) नहीं होगा, लेकिन जुर्माना लगेगा.


इसका मतलब हुआ कि जुर्माने के साथ पैन और आधार लिंक कराने के लिए नागरिकों के पास 31 मार्च 2023 तक एक और मौका रहेगा. अगर इस डेडलाइन तक भी आधार और पैन को लिंक नहीं कराया गया तो फिर पैन इनऑपरेटिव हो जाएगा.

क्या थी 30 जून की डेडलाइन

अब बात करते हैं कि 30 जून की डेडलाइन आखिर किस बारे में थी. असल में जुर्माने को लेकर भी सर्कुलर में दो डेडलाइन्स का जिक्र था. CBDT की ओर से कहा गया था 31 मार्च 2022 की डेडलाइन गुजरने के बाद आधार-पैन की लिंकिंग कराने वालों के लिए जुर्माना या फीस 1 अप्रैल से 30 जून 2022 तक 500 रुपये होगी. इसके बाद 1 जुलाई 2022 से 31 मार्च 2023 तक पैन और आधार की लिंकिंग के लिए 1000 रुपये की फीस भरनी होगी. सीधे शब्दों में 30 जून 2022 के बाद जुर्माना डबल. इसलिए अगर अभी तक आधार और पैन को लिंक नहीं कराया है और कम जुर्माने के साथ ऐसा करना चाहते हैं तो 30 जून 2022 से पहले ऐसा करा लें.

PAN इनऑपरेटिव हो जाने के नुकसान

31 मार्च 2023 तक आधार और पैन को लिंक नहीं कराया तो फिर पैन इनऑपरेटिव हो जाएगा. ऐसा होने पर इनऑपरेटिव पैन के माध्यम से व्यक्ति ऐसे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं कर सकता, जहां पैन का उल्लेख करना जरूरी है. अगर किसी का PAN Card निष्क्रिय हो जाता है तो ऐसा मान लिया जाएगा कि कानून के मुताबिक PAN को फर्निश्ड/कोट नहीं किया गया. यह भी याद रखें कि अगर आयकर कानून (Income Tax Act) के प्रावधानों के तहत जहां भी जरूरी है, वहां PAN कोट या फर्निश्ड नहीं किया गया तो सेक्शन 272B के अंतर्गत 10000 रुपये का जुर्माना लग सकता है. प्रावधानों के अनुसार यह जुर्माना ऐसे हर नॉन कंप्लायंस के लिए लग सकता है.