डॉक्टर से आंत्रप्रेन्योर बना यह शख्स कैसे SanchiConnect के जरिए स्टार्टअप्स की नैया पार लगा रहा है

Sanchiconnect की स्थापना डॉ. सुनील शेखावत ने की थी. वे डेंटल सर्जन हैं और NASSCOM के डीपटेक क्लब के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं. आगे चलकर उन्होंने आंत्रप्रेन्योरशिप की राह चुनी. हाल ही में डॉ. सुनील ने अपनी स्टार्टअप जर्नी के बारे में YourStory से बात की.

डॉक्टर से आंत्रप्रेन्योर बना यह शख्स कैसे SanchiConnect के जरिए स्टार्टअप्स की नैया पार लगा रहा है

Thursday April 27, 2023,

4 min Read

हाइलाइट्स

  • Sanchiconnect एक DeepTech स्टार्टअप है.
  • यह दूसरे स्टार्टअप्स को ऐंजल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स आदि से कनेक्ट करता है.
  • यह स्टार्टअप्स को फंडिंग जुटाने, कस्टमर हासिल करने, टैलेंट हायर करने में मदद करता है.

आज के दौर में दुनिया भर में मानों स्टार्टअप करने की होड़ मची हुई है. हर कोई स्टार्टअप करना चाहता है. लोग अच्छी खासी सैलरी वाली नौकरियां छोड़कर स्टार्टअप कर रहे हैं. मगर जनाब ये राह इतनी आसान नहीं है. आइडिया पर काम करना अलग बात है और उसे हक़ीक़त होते देखना अलग अनुभव है. यहां कदम-कदम पर नई चुनौतियां हैं. फंडिंग जुटाना, कस्टमर हासिल करना, टैलेंट हायर करना आदि.

और यहीं एंट्री होती है Sanchiconnectकी. ये ऐसा स्टार्टअप है जो दूसरे स्टार्टअप्स की मदद करता है. उन्हें ऐंजल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स से कनेक्ट करता है. ये डीप टेक (DeepTech) सेक्टर में काम करता है. Capital 2B (InfoEdge), Pi Ventures, Bharat Innovation Fund, 8x Ventures, Speciale Invest, 3One4 Capital, Your nest VC, GrowX, Ankur Capital, RPG, और Modular Capital जैसी 100 से अधिक मशहूर VC कंपनियां और 300 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. करीब 200 से अधिक फाउंडर इसके powerpitch.ai टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं.

बता दें कि डीप टेक स्टार्टअप वे होते हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), ब्लॉकचैन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, ड्रोन, क्लीन एनर्जी आदि जैसी नए जमाने की टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं.

साल 2021 के अंत में भारत में 3,000 से अधिक डीप टेक स्टार्टअप थे. NASSCOM (National Association of Software and Services Companies) के अनुसार, भारत में डीप टेक स्टार्टअप्स ने साल 2021 में वेंचर फंडिंग में 2.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए और अब यह देश के समग्र स्टार्टअप इकोसिस्टम का 12% से अधिक हिस्सा है. पिछले एक दशक में भारत का डीप टेक इकोसिस्टम 53% बढ़ा है और यह अमेरिका, चीन, इज़रायल एवं यूरोप जैसे विकसित बाज़ारों के बराबर है. भारत के डीप टेक स्टार्टअप्स में बंगलूरू की हिस्सेदारी 25-30% है, इसके बाद दिल्ली-एनसीआर (15-20%) और मुंबई (10-12%) का स्थान है.

Sanchiconnect की स्थापना डॉ. सुनील शेखावत ने की थी. वे डेंटल सर्जन हैं और NASSCOM के डीपटेक क्लब के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं. आगे चलकर उन्होंने आंत्रप्रेन्योरशिप की राह चुनी. हाल ही में डॉ. सुनील ने अपनी स्टार्टअप जर्नी के बारे में YourStory से बात की.

डॉ. सुनील बताते हैं, "शुरुआत में एक्सपोजर की कमी के कारण स्टार्टअप कई मोर्चों पर संघर्ष करते हैं. डीप टेक की बात करें तो यह संघर्ष और भी बड़ा है. हम एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, जिसमें डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग, कस्टमर और हायरिंग जैसी सामान्य समस्याओं का जवाब हो."

Sanchiconnect का हेडक्वार्टर मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में है. इसे Baring India Private Equity Fund और Inflection Point Ventures (IPV) से समर्थन प्राप्त है.

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Sanchiconnect की टीम

डॉ. सुनील बताते हैं, "Sanchiconnect बिना किसी सब्सक्रिप्शन, सक्सेस फीस या इक्विटी के किसी भी स्टैकहोल्डर की मदद करता है. इसके पास सर्विस वर्टिकल हैं जो मामूली शुल्क पर ऑन-डिमांड पर्सनलाइज्ड सपोर्ट मुहैया करते हैं. उदाहरण के लिए — PowerPitch.ai. यह उन फाउंडर्स के लिए एक SaaS (Software-as-a-Service) टूल है जो स्टैकहोल्डर्स (इन्वेस्टर / कस्टमर) को पिच करने के लिए संघर्ष करते हैं. 200 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं."

क्यूरेटेड कनेक्शन/पार्टनरशिप की तलाश में कोई भी स्टार्टअप/कॉर्पोरेट/इन्वेस्टर इस प्लेटफॉर्म पर साइन अप कर सकता है. एक बार प्रोफ़ाइल अप्रूव हो जाने के बाद, प्लेटफ़ॉर्म पर वे दूसरे स्टैकहोल्डर्स से जुड़ सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर प्रोफ़ाइल फ़िल्ट्रेशन, रिकमेंडेशन इंजन, कैलेंडरिंग, वीडियो कॉलिंग आदि जैसे फीचर हैं.

चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर डॉ. सुनील बताते हैं, "बाजार छिपी हुई शर्तों वाले मॉडलों से भरा है. लोगों को यह विश्वास दिलाना मुश्किल था कि यह वास्तव में एक इकोसिस्टम प्लेटफॉर्म है जिसमें कोई आश्चर्य नहीं है."

Sanchiconnect के रेवेन्यू मॉडल और रेवेन्यू के आंकड़ों के बारे में बात करते हुए को-फाउंडर और सीईओ डॉ. सुनील शेखावत कहते हैं, "हमारे पास हमारा मालिकाना (proprietary) SaaS टूल है जो बीटा स्टेज में है. इसी तरह इंडस्ट्री केंद्रित एक्सीलरेटर (Preseedaccelerator.com) एक अन्य प्रोग्राम है जिसे स्पॉन्सर पार्टनर्स द्वारा फंड किया जाता है."

वे आगे बताते हैं, "हमने पहले साल में 24 लाख रुपये कमाए और अगले वित्त वर्ष के अंत तक 10 गुना कमाई करने की योजना है. हम 'फाउंडर फर्स्ट' अप्रोच के साथ मूल्य निर्माण पर ध्यान देना जारी रखना चाहते हैं और मूल्य निर्माण में पिछले साल के प्रयासों को और बढ़ाना चाहते हैं."

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