देश के इन 7 राज्यों में कारोबार करना हुआ आसान

By Vishal Jaiswal
July 01, 2022, Updated on : Fri Jul 01 2022 07:08:27 GMT+0000
देश के इन 7 राज्यों में कारोबार करना हुआ आसान
15 क्षेत्रों और 301 रिफॉर्म एक्शन प्वाइंट का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट में पाया गया कि आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना ऐसे सात राज्य हैं जो कि अपना यहां कारोबार के लिए राह आसान बनाने में सफल रहे.
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देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से सात राज्य अपने यहां कारोबार को आसान बनाने के मामले में सबसे अधिक सफलता हासिल की. बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (BRAP) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.


15 क्षेत्रों और 301 रिफॉर्म एक्शन प्वाइंट का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट में पाया गया कि आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना ऐसे सात राज्य हैं जो कि अपना यहां कारोबार के लिए राह आसान बनाने में सफल रहे.


पहले दी जाने वाली रैंकिंग की तुलना में इस बार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अचीवर्स, एस्पायर्स और इमर्जिंग बिजनेस इकोसिस्टम कैटेगरीज में बांटा गया है.


इस रिपोर्ट को तैयार करने वाली संस्था डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड के सचिव अनुराग जैन ने कहा कि ये राज्य अब ऐसे कानूनी प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज करने के लिए मजबूर हुए हैं जिनमें छोटे अपराधों के लिए ज्यादा सख्त जुर्माना नहीं लगाया जाता है. ये कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब केंद्र ने भी कई कानूनी प्रावधानों में सख्ती को कम किया है जैसे कि कंपनीज एक्ट में बदलाव किए गए हैं.


उन्होंने आगे कहा कि हमने राज्यों से डिक्रिमिनलाइजेशन पर गंभीरता से विचार करने और के लिए कहा था. इसे मामूली उल्लंघनों के लिए दीवानी दंड या कंपाउंडेबल बनाने के लिए कहा.


ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के बराबर मानी जाने वाली इस रैंकिंग में साल 2020 में 118 नए रिफॉर्म पैरामीटर्स और 72 क्षेत्रों को अपडेट किया गया.


इन पैरामीटर्स में सिंगल विंडो क्लीयरेंस मैकेनिज्म, विभिन्न राज्यों के बीच जांच का तरीका, पर्यावरणीय मंजूरी और कारोबार को स्थापित कराने के लिए जमीन देने, संपत्ति का ट्रांसफर आदि को जगह दी गई है.


रिपोर्ट को जारी करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि BRAP के तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 7496 सुधारात्मक कदम उठाए गए जिससे कारोबार को आसानी हुई है.


वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि साल 2014 में शुरू होने के बाद से स्टेकहोल्डर्स के फीडबैक के आधार पर सिस्टम काफी तेजी से आगे बढ़ा है.