ई-कॉमर्स बिजनेस टू बिजनेस मार्केट में 100 अरब डॉलर का अवसर: Redseer

ई-कॉमर्स बिजनेस टू बिजनेस मार्केट में 100 अरब डॉलर का अवसर: Redseer

Thursday September 01, 2022,

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पूरी दुनिया में ईकामर्स के तेजी से विकास के साथ, अधिक से अधिक कंपनियां अपने लक्ष्यों को पूरा करने और फायदा बढ़ाने के लिए B2B (बिजनेस टू बिजनेस) मॉडल के साथ चल रही हैं. B2B बिजनेस मॉडल इस मौजूदा दौर में सबसे सफल ऑनलाइन बिजनेस स्ट्रैटेजी में से एक बन गया है.

देश में खुदरा बाजार को रफ्तार देने वाले अनऑर्गेनाइज्ड बिजनेस ट्रेड (GT) चैनल की वृद्धि लगातार बरकरार रहेगी. रेडसियर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स (Redseer Strategy Consultants) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2030 तक देश में जनरल बिजनेस ट्रेड का मार्केट साइज 0.7 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.4 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा.

रिपोर्ट में इस बात का भी अनुमान लगाया गया है कि भारत में 2030 तक B2B GT (बिजनेस टू बिजनेस जनरल ट्रेड) में करीब 1.2 लाख करोड़ डॉलर की संभावनाएं होंगी. साथ ही e-B2B (बिजनेस टू बिजनेस ई-कॉमर्स) प्रमुख डिजिटल खरीद समाधान के तौर पर उभरेगा. भारत में B2B ई-कॉमर्स बाजार की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से पता चलता हैकि साल 2030 तक e-B2B बाजार 90 से 100 अरब डॉलर GMV (Gross merchandise volume) तक पहुंच जाएगा. इसे विभिन्न अनुकूल कारकों से रफ्तार मिल रही है.

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रेडसियर के पार्टनर मृगांक गुटगुटिया ने कहा, "भारत के e-B2B बाजार में विभिन्न मॉडलों के लिए संभावनाएं हैं लेकिन व्यापक श्रेणी एवं राष्ट्रीय कवरेज के साथ विभिन्न श्रेणियों में काम करने वाले संभवत: विजयी होंगे. e-B2B का बाजार साल 2030 तक 90 से 100 अरब डॉलर जीएमवी तक पहुंचने का अनुमान है. सामान्य व्यापार में अमेरिका और ब्रिटेन सहित विकसित देशों के मुकाबले भारत की हिस्सेदारी सबसे अधिक है. देश में 8,000 से अधिक शहर और 6,65,000 गांव हैं जहां अधिकांश आबादी रहती है. ऐसे में संगठित ब्रिक ऐंड मोर्टार मॉडल को पूरी तरह लागू करने में तमाम चुनौतियां हैं."

रिपोर्ट में कहा गया है कि e-B2B अभी शुरुआती अवस्था में है क्योंकि छोटे शहरों और छोटे स्टोरों तक इसकी पहुंच फिलहाल काफी कम है, लेकिन यह एक दमदार डिजिटल खरीद समाधान के तौर पर उभर रहा है. रिपोर्ट में यह भी उजागर किया गया है कि e-B2B प्लेटफॉर्म किस प्रकार कुछ चुनौतियों से निपटने में प्रभावी तौर पर सफल रहे हैं जैसे अधिक कीमत, उधारी, डिलिवरी और कम गुणवत्ता वाले उत्पाद आदि. भारतीय खुदरा विक्रेताओं को e-B2B प्लेटफॉर्म उधारी, गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की कुशल आपूर्ति आदि महत्त्वपूर्ण पेशकश कर रहे हैं. e-B2B प्लेटफॉर्म बेहतर सप्लाई चेन के साथ इन चुनौतियों के समाधान उपलब्ध करा रहे हैं.

भारत के e-B2B बाजार में तमाम कंपनियां मौजूद हैं जिनकी विभिन्न शहरों में मौजूदगी और रिटेल चेन तक पहुंच है. हालांकि क्षेत्रीय बाजार सामान्य तौर पर महानगरों और शीर्ष टियर-1 शहरों तक सीमित है जबकि राष्ट्रीय बाजार का तात्पर्य पूरे देश में मोजूदगी से है.


Edited by रविकांत पारीक