पहले ही दिन इस IPO पर टूटे निवेशक, 60% हो गया ग्रे मार्केट प्रीमियम, जानिए आपको पैसे लगाने चाहिए या नहीं

By Anuj Maurya
October 06, 2022, Updated on : Thu Oct 06 2022 05:39:46 GMT+0000
पहले ही दिन इस IPO पर टूटे निवेशक, 60% हो गया ग्रे मार्केट प्रीमियम, जानिए आपको पैसे लगाने चाहिए या नहीं
शेयर बाजार में भले ही उतार-चढ़ाव हो, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया के आईपीओ को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. पहले ही दिन ये आईपीओ ओवर सब्सक्राइब हो गया. इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम भी 60 फीसदी तक पहुंच चुका है.
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इन दिनों भले ही शेयर बाजार (Share Market) में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन आईपीओ (IPO) का बाजार गरम है. कंज्यूमर ड्यूरेबल्‍स रिटेल चेन इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया का आईपीओ (Electronics Mart India IPO) 4 अक्टूबर को खुल गया है. ये आईपीओ खुलने के पहले ही दिन निवेशक इस आईपीओ पर टूट पड़े और आईपीओ ओवर सब्सक्राइब हो गया. सिर्फ एक ही दिन में यह आईपीओ 1.69 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है. रिटेल श्रेणी में तो ये लगभग दो गुना सब्सक्राइब किया गया है. कंपनी के इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है. 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है तो 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है. आने वाले 7 अक्टूबर को यह आईपीओ बंद होगा. यानी अभी आपके पास दो दिन बाकी हैं इस आईपीओ में पैसे लगाने के लिए.

कितनी है कीमत और क्या है लॉट साइज?

कंपनी का लक्ष्य इस आईपीओ के जरिए 500 करोड़ रुपये जुटाने का है. कंपनी ने आईपीओ के लिए 56-59 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है. इश्यू के लिए आरक्षित 6,25,00,000 शेयरों के मुकाबले 10,58,09,796 इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं हैं. IPO का लॉट साइज 254 शेयर्स का है. रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 254 शेयर्स खरीद सकते हैं. इसके लिए उन्‍हें 14,986 रुपए निवेश करने होंगे. एक निवेशक कम से कम 13 लॉट खरीद सकता है. इस तरह इनवेस्‍टर अधिकतम 1,94,818 रुपए का निवेश इस आईपीओ में कर सकते हैं.

कितना हो गया जीएमपी?

इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी 35 रुपये तक जा पहुंचा है यानी यह आईपीओ खुलने से पहले ही इसे लोगों का अच्छा रुझान मिल रहा है. बता दें कि ग्रे मार्केट वह होता है, जहां किसी कंपनी के शेयर ट्रेडर्स को अनाधिकारिक रूप से ऑफर किए जाते हैं. अगर अभी के जीएमपी के हिसाब से देखें तो यह शेयर लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों के पैसों को डेढ़ गुना से भी अधिक कर सकता है. मुमकिन है कि निवेशकों को 60 फीसदी का रिटर्न लिस्टिंग के दिन ही मिल जाए.

17 अक्टूबर को होगी लिस्टिंग

इश्‍यू के शेयरों का अलॉटमेंट 12 अक्टूबर को होगा. कंपनी के शेयर BSE और NSE पर 17 अक्टूबर को लिस्ट होंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया लिमिटेड (EMIL) की स्थापना पवन कुमार बजाज और करण बजाज ने बजाज इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से एक कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर के साथ मालिकाना तौर में की थी. कंपनी के देश के 36 शहरों में 112 स्टोर्स हैं.

क्या करती है ये कंपनी?

इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया की शुरुआत पवन कुमार बजाज और करन बजाज ने बजाज इलेक्ट्रॉनिक्स नाम के तहत कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक स्टोर के जरिए की थी. कंपनी के मल्टी-ब्रांड आउटलेट बजाज इलेक्ट्रॉनिक्स के तहत ऑपरेट होते हैं. इसके अलावा कंपनी के दो खास स्टोर हैं, पहला है किचन स्टोरीज (Kitchen Stories), जिसके तहत किचन से जुड़े उपकरण बिकते हैं. दूसरा है ऑडियो एंड बियॉन्ड (Audio & Beyond), जिसके तहत हाई क्वालिटी के होम ऑडियो और होम ऑटोमेशन बेचे जाते हैं.


वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 36 फीसदी बढ़कर 4349 करोड़ रुपये हो गया, जो उससे एक साल पहले 3201 रुपये था. वहीं नेट प्रॉफिट में 77 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसके बाद कंपनी का मुनाफा 58.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 104 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी का करीब 90 फीसदी रेवेन्यू रिटेल चेन से आता है. इसका करीब 50 फीसदी रेवेन्यू बड़े उपकरणों से आता है.

पैसा लगाना चाहिए या नहीं?

इस आईपीओ को लेकर कई ऐसे संकेत मिल रहे हैं, जो इशारा करते हैं इसमें निवेश करना चाहिए. सबसे पहला संकेत तो इसके पहले दिन का सब्सक्रिप्शन ही है. लोग इस आईपीओ पर टूट रहे हैं, जो दिखाता है कि इसकी मांग तगड़ी रहने वाली है. दूसरा संकेत है इसका जीएमपी यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम. यह ग्रे मार्केट प्रीमियम अभी 60 फीसदी तक है, मतलब मांग तगड़ी है. वहीं इस कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ भी 17 फीसदी सीएजीआर के करीब है, जो दिखाता है कि कंपनी मजबूत है और तेजी से कमाई कर रही है. 2022 में तो कंपनी का रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़ा है और नेट प्रॉफिट में 77 फीसदी की तेजी आई है. यानी कंपनी के फंडामेंटल्स काफी शानदार हैं, जो इस आईपीओ में निवेश करने का इशारा करते हैं. हालांकि, इसमें पैसे लगाने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से बात जरूर करें.