इंजीनियर सौरभ कुमार के टोवेसो (टोटल वेस्ट सोल्यूशन) स्टार्टअप में मिला 200 लोगों को रोजगार

By जय प्रकाश जय
October 29, 2019, Updated on : Tue Oct 29 2019 05:37:19 GMT+0000
इंजीनियर सौरभ कुमार के टोवेसो (टोटल वेस्ट सोल्यूशन) स्टार्टअप में मिला 200 लोगों को रोजगार
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बीटेक करने के बाद किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जाने के बजाए धनबाद के सौरभ कुमार ने टोवैसो (टोटल वेस्ट सोल्यूशन) नाम से स्टार्टअप कंपनी बनाकर कचरा प्रबंधन की ओर कदम बढ़ा दिया। कंपनी का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए से ऊपर पहुंच चुका है। कंपनी में लगभग 200 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला हुआ है। कंपनी को कई तरह के पुरस्कार भी मिल चुके हैं। 

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सांकेतिक फोटो

धनबाद (झारखण्ड) के छात्र सौरभ कुमार और छात्रा सोनी कुमारी ने 'टोवैसो' स्टार्टअप कम्पनी बनाई है। टोवैसो यानी टोटल वेस्ट सोल्यूशन, जो खेल-खेल में कचरा प्रबंधन करती है। दोनों छात्रों ने अपना शहर स्वच्छ रखने के लिए अपने जुटाए पांच हजार रुपए के जेब खर्च से कंपनी बनाई है, जो इस समय कई क्षेत्रों में सक्रिय है।


टोवैसो ने जिस समय सर्वप्रथम 300 चुनिंदा घरों पर दस्तक देकर धनबाद में कचरा प्रबंधन शुरू किया, यह शहर भारत के सबसे गन्दे शहरों में एक था। उसके बाद 'टोवैसो' की कामयाबी से प्रभावित होकर अपने माथे से गंदगी का कलंक मिटाने के लिए यहां का नगर निगम भी उसके साथ हो लिया। आठ माह बाद ही वेस्ट रैंकिंग में शहर की पहचान बदल गई। उसके बाद धनबाद नगर निगम के साथ ही बोकारो के चास नगर निगम से भी 'टोवैसो' का अनुबंध हो गया। वेस्ट रैंकिंग में उसका भी पहले के धनबाद नगर निगम जैसी ही खराब पहचान थी। 'टोवैसो' की कोशिशों से चास नगर निगम रैंकिंग में लगातार दो साल तक नंबर वन रहा।





'टोवैसो' के फाउंडर सीईओ सौरभ कुमार और सोनी कुमारी के साथ स्टार्टअप की शुरुआत में बीस और लोग काम कर रहे थे लेकिन वे एक-एक कर अलग हो गए। उसके बाद भी सौरभ और सोनी ने हिम्मत नहीं हारी और अकेले सारा काम संभाल लिया। सोनी कुमारी स्टार्टअप के अनुसंधान और विकास का काम संभाल रही हैं। धनबाद और चास को साफ-सफाई से चमकाने के बाद 'टोवैसो' ने जमशेदपुर शहर को पूरे राज्य में स्वच्छता में पहले नंबर पर पहुंचा दिया। इस तरह एक-एक कर उसने झारखंड के कई शहरों में पीएम नरेंद्र मोदी के मिशन को शानदार तरीके से सफल कर दिया।


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टीम के साथ 'टोवैसो' के फाउंडर सीईओ सौरभ कुमार (फोटो: सोशल मीडिया)

अब यह स्टार्टअप कंपनी कचरा प्रबन्धन के अलावा स्वच्छता संबंधी कंसल्टेंसी भी करने लगी है, साथ, अलग-अलग तरह के प्रॉडक्शन में भी हाथ डाल दिया है।


सौरभ कुमार ने बताया कि उनकी कंपनी अब बायोगैस, चॉकलेट, बिस्कुट, प्रोटीन पाउडर, वेबसाइट, नींबू के अवशेष से टॉयलेट क्लीनर, कचरे से खाद आदि भी बना रही है। इसके अलावा कंपनी सीधे बाजार में पोषक एवं ताजे खाद्य पदार्थ भी बेचने लगी है। 


कहते हैं न कि अगर आपके आइडिया में दम है और हौसला भी नहीं किसी से कम है तो लाख अड़चनें भी मंजिल तक राह नहीं रोक पाती हैं। यह हौसला ही नौकरी के पीछे भागने की बजाय दूसरों को नौकरी देने की हैसियत में ला खड़ा करता है। आईआईटी आईएसएम, धनबाद से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जाने के बजाए सौरभ कुमार ने कचरा प्रबंधन की ओर कदम बढ़ा दिया।


उनका मानना है कि कोई कचरा बेकार नहीं होता। बस उसका सही इस्तेमाल करना आना चाहिए। सौरभ ने इसी आइडिया को एक सफल स्टार्टअप का रूप दे दिया। शुरुआत में जब सौरभ कचरे में करियर की राह बना रहे थे, उनके करीबी भी हैरान रह गए थे। कहने लगे थे कि कचरा ही उठाना था तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की क्या जरूरत थी। अपनी धुन के सौरभ कुमार ने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया।


टोवैसो (टोटल वेस्ट सोल्यूशन) ने धनबाद महानगर के जयप्रकाश नगर क्षेत्र से कचरा उठाना शुरू कर दिया। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए से ऊपर पहुंच चुका है। कंपनी में लगभग 200 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला हुआ है। कंपनी को कई तरह के पुरस्कार भी मिल चुके हैं।