फेसबुक ने रिलायंस जियो में खरीदी 9.99 फीसदी हिस्सेदारी, जियो का मूल्य हुआ 65.95 बिलियन डॉलर

By प्रियांशु द्विवेदी
April 22, 2020, Updated on : Wed Apr 22 2020 07:31:30 GMT+0000
फेसबुक ने रिलायंस जियो में खरीदी 9.99 फीसदी हिस्सेदारी, जियो का मूल्य हुआ 65.95 बिलियन डॉलर
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दुनिया की दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने रिलायंस जियो में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है।

मार्क ज़ुकरबर्ग, संस्थापक और सीईओ, फेसबुक

मार्क ज़ुकरबर्ग, संस्थापक और सीईओ, फेसबुक



दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने रिलायंस जियो में 9.99 प्रतिशत की हिस्सेदारी खरीदी है। दोनों कंपनियों के बीच यह सौदा 5.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 43,574 करोड़ रुपये में तय हुआ है। गौरतलब है कि जियो अब तक पूरी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्वामित्व वाली कंपनी है, जो मोबाइल सेवाओं के साथ डिजिटल ऐप्स और डिजिटल इकोसिस्टम पर काम कर रही है।


फेसबुक के इस निवेश के साथ ही अब जियो का मूल्य 4.62 लाख करोड़ पहुँच गया है। अगर इसे 72 रुपये प्रति डॉलर की दर से आँकें तो जियो की कीमत अब 65.95 बिलियन डॉलर पहुँच गयी है।


फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा है कि " यह साझेदारी कुछ प्रमुख परियोजनाओं पर एक साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है जो पूरे भारत में लोगों के लिए कॉमर्स के नए अवसर खोलेगी। लॉकडाउन के इस समय में उद्यमियों को डिजिटल टूल्स की आवश्यकता है और हम इसमें मदद कर सकते हैं। जियो के साथ साझेदारी कर हम भारत में लोगों और व्यवसायों की मदद करते हुए नए अवसर उपलब्ध कराएंगे।"





इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए RIL के अध्यक्ष और एमडी मुकेश अंबानी ने कहा कि सभी भारतीयों के लाभ के लिए भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को विकसित करने और बदलने के लिए वे लंबे समय के साझेदार के रूप में फेसबुक का स्वागत करते हैं।


मुकेश अंबानी, चेयरमैन, RIL

मुकेश अंबानी, चेयरमैन, RIL



जियो ने बेहद कम समय में देश के इंटरनेट क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाते हुए 38 करोड़ से अधिक लोगों को सीधे तौर पर इंटरनेट से जोड़ने का काम किया है। अब फेसबुक के साथ मिलकर इस आंकड़े को 100 करोड़ तक पहुंचाने ही इस साझेदारी का प्रमुख लक्ष्य होगा। यह सौदा फेसबुक के साथी ही जियो के लिए भी काफी फायदेमंद है। गौरतलब है कि भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाज़ार है।


इसी के साथ फेसबुक ने अपने बयान में कहा,

“हमारा लक्ष्य सभी आकारों के व्यवसायों के लिए नए अवसरों को सक्षम करना है, हम विशेष रूप से पूरे भारत में 6 करोड़ से अधिक छोटे व्यवसायों की मदद करने के लिए बढ़ रहे हैं। वे देश में नौकरियों के बहुमत के लिए जिम्मेदार हैं।”

दोनों कंपनियाँ अब व्हाट्सऐप और जियो मार्ट के जरिये लोगों के व्यवसायों को मदद उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। गौरतलब है कि व्हाट्सऐप नियामकों द्वारा डिजिटल पेमेंट्स के लिए अप्रूवल के बाद व्हाट्सऐप पे को पेटीएम, गूगल पे और फोन पे जैसी कंपनियों के साथ मुक़ाबला करना है। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 तक भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट 135.2 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। मालूम हो कि भारत भारत में व्हाट्सऐप के 40 करोड़ से अधिक यूजर हैं।


रिलायंस समूह अगले साल तक खुद को पूरी तरह कर्ज़ मुक्त करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है। समूह अपने तेल रसायन कारोबार का 20 फीसदी हिस्सा सऊदी तेल कंपनी अकरामको को बेंचना चाह रहा है।


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