[फंडिंग अलर्ट] स्पेसटेक स्टार्टअप Skyroot Aerospace ने सीरीज ए फंडिंग में जुटाए 11 मिलियन डॉलर

Skyroot Aerospace अपनी टीम को विकसित करने और अपने विक्रम -1 लॉन्च व्हीकल के पूर्ण विकास को पूरा करने के लिए इन फंड्स का उपयोग करेगा।

Shreya Ganguly

रविकांत पारीक

[फंडिंग अलर्ट] स्पेसटेक स्टार्टअप Skyroot Aerospace ने सीरीज ए फंडिंग में जुटाए 11 मिलियन डॉलर

Friday May 21, 2021,

3 min Read

"इसरो (ISRO) के पूर्व वैज्ञानिक पवन कुमार चंदना और नागा भारत डाका द्वारा 2018 में स्थापित, स्काईरूट एयरोस्पेस निजी तौर पर निर्मित स्पेस लॉन्च व्हीकल विकसित कर रहा है। इसका कोर प्रोडक्ट, विक्रम सीरीज़ में विशेष रूप से छोटे उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए विकसित तीन लॉन्च वाहन शामिल हैं।"

Skyroot Aerospace

(फोटो साभार: Skyroot Aerospace)

हैदराबाद स्थित स्पेसटेक स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने ग्रीनको ग्रुप (Greenko Group) के फाउंडर्स अनिल चलमालासेट्टी और महेश कोल्ली के नेतृत्व में सीरीज ए फंडिंग राउंड में 11 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।


राउंड में Solar Group और पूर्व व्हाट्सएप सीबीओ नीरज अरोड़ा की भी भागीदारी देखी गई। मौजूदा निवेशक मुकेश बंसल, Myntra & CureFit के फाउंडर; Worldquant Ventures, Graph Ventures, Sutton Capital, Vedanshu Investments और कुछ अन्य एंजेल निवेशकों ने भी राउंड में भाग लिया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अनिल, महेश और सोलर ग्रुप इस सौदे के तहत स्काईरूट के निदेशक मंडल में शामिल होंगे।


YourStory के साथ बात करते हुए को-फाउंडर और सीईओ पवन कुमार चंदना ने कहा,

“हम अपनी टीम को विकसित करने और विक्रम-1 के पूर्ण विकास के लिए फंडिंग का उपयोग करेंगे, जिसमें 100 से अधिक सिस्टम्स की योग्यता शामिल है जो अंततः संपूर्ण लॉन्च व्हीकल के निर्माण के लिए मिलकर काम करेगी।"

इसरो (ISRO) के पूर्व वैज्ञानिक पवन कुमार चंदना और नागा भारत डाका द्वारा 2018 में स्थापित, स्काईरूट एयरोस्पेस निजी तौर पर निर्मित स्पेस लॉन्च व्हीकल विकसित कर रहा है। इसका कोर प्रोडक्ट, विक्रम सीरीज़ (जिसका नाम इसरो के फाउंडर डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है) में विशेष रूप से छोटे उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए विकसित तीन लॉन्च वाहन शामिल हैं।


स्टार्टअप ने अगले कुछ वर्षों में अपनी विकास योजनाओं को फंडिंग देने के लिए अतिरिक्त $ 40 मिलियन जुटाने की अपनी योजना का भी खुलासा किया।


को-फाउंडर और सीओओ नागा भारत डाका ने एक बयान में कहा,

"यह राउंड हमारे रॉकेट प्रोग्राम को और अधिक तेजी देता है और हमारे पहले लॉन्च व्हीकल विक्रम-1 के सभी सब-सिस्टम्स के विकास और परीक्षण को पूरा करने और हमारी विश्व स्तरीय टीम को मजबूत करने में सहायता करेगा। हमने अगले साल के मध्य से लॉन्च के लिए बुकिंग शुरू कर दी है, और वैश्विक ग्राहकों को सक्रिय रूप से शामिल कर रहे हैं।”

एक संयुक्त बयान में, अनिल और महेश ने कहा कि साझेदारी का उद्देश्य स्काईरूट को दुनिया भर में एक प्रमुख स्पेस लॉन्च प्लेयर बनने में मदद करना है।


ग्रीनको ग्रुप के फाउंडर्स ने कहा,

"अगली पीढ़ी की तकनीक जिसका स्काईरूट आज निर्माण कर रही है जो sustainability interventions, स्पेस-बेस्ड रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स और टेलीकम्यूनिकेशंस के लिए संभावनाओं को अनलॉक करेगी। हमें विश्वास है कि हमारी साझेदारी उन्हें विश्व स्तर पर एक प्रमुख स्पेस लॉन्च प्लेयर बनने की दिशा में तेजी लाने में मदद करेगी।”


Edited by Ranjana Tripathi