मुकेश अंबानी से लड़ाई में कर्ज तले दबते जा रहे गौतम अडानी, डूबे तो चरमरा जाएगी इकॉनमी

क्रेडिट साइट्स ने अपने नोट में कहा कि हमें लगता है कि कई ग्रुप कंपनियों को अपने कर्ज के उच्च स्तर को कम करने के लिए पूंजी डालने की आवश्यकता होती है. प्रमोटर के भारी नेट वर्थ के बावजूद, लगातार लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए प्रमोटर की क्षमता की सीमा का अनुमान लगाना मुश्किल है.

मुकेश अंबानी से लड़ाई में कर्ज तले दबते जा रहे गौतम अडानी, डूबे तो चरमरा जाएगी इकॉनमी

Tuesday August 23, 2022,

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अरबपति कारोबारी गौतम अडानी के अडानी ग्रुप Adani Group को फिच रेटिंग्स की क्रेडिटसाइट्स ने अपने क्रेडिट नोट में कर्ज में डूबी हुई कंपनी करार दिया है. नोट में कहा गया कि अडानी समूह और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance Industries के बीच बाजार प्रभुत्व हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण अविवेकपूर्ण वित्तीय निर्णय लिए जा सकते हैं.

क्रेडिट साइट्स (CreditSights) ने अपने नोट में कहा कि हमें लगता है कि कई ग्रुप कंपनियों को अपने कर्ज के उच्च स्तर को कम करने के लिए पूंजी डालने की आवश्यकता होती है. प्रमोटर के भारी नेट वर्थ के बावजूद, लगातार लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए प्रमोटर की क्षमता की सीमा का अनुमान लगाना मुश्किल है.

बैंकों और बॉन्डहोल्डर्स के बीच मजबूच रिलेशनशिप को देखते हुए नोट में कहा गया कि कर्ज देने वाले बैंकों और घरेलू बाजार दोनों में इसकी प्रतिष्ठा और स्थिर इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज में डाइवर्स असेट बेस के कारण, हम देखते हैं कि क्रेडिट संबंधी चिंताओं को कम करने वाले कुछ कारक हाइलाइट किए गए हैं.

सबसे खराब स्थिति में, अडानी की कर्ज लेकर शुरू की गई विकास परियोजनाएं अंत में एक बड़े कर्ज के जाल में फंस सकती हैं. लेकिन उसने माक्रेट परफॉर्म रेटिंग्स को बनाए रखने वाली दो कंपनियों अडानी ग्रीन इनर्जी और अडानी पोर्ट्स पर लगातार नजर बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

नोट में कहा गया कि अडानी समूह की कंपनियां पारंपरिक और नए कारोबार दोनों में ही लगातार आक्रामक तरीके से अपना विस्तार करने में लगी हुई हैं. इनमें से अधिकतर कंपनियां कैपिटल इंटेसिव सेक्टर्स में काम करती हैं.

सबसे खराब स्थिति में, महत्वाकांक्षी ऋण-वित्त पोषित विकास योजनाएं अंततः बड़े पैमाने पर कर्ज के जाल में फंस सकती हैं. इससे ग्रुप की एक या एक से अधिक समूह कंपनियां गहरे वित्ती संकट में फंस सकती हैं या फिर डिफॉल्ट हो सकती हैं, जो व्यापक भारतीय बाजारों और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.

पॉवर, ग्रीन इनर्जी, गैस, पोर्ट्स सहित कई कारोबार में दबदबा

बता दें कि, इंफ्रास्ट्रक्चर टाइकून माने जाने वाले अडानी पॉवर, ग्रीन इनर्जी, गैस, पोर्ट्स और अन्य बिजनेस अपने नाम पर चलाते हैं. अडानी दुनिया में ग्रीन इनर्जी के सबसे बड़े प्रोड्यूसर बनना चाहते हैं और उन्होंने कहा है कि वे रिन्यूबल इनर्जी प्रोडक्ट्स में 70 अरब डॉलर निवेश करना चाहते हैं.

रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance industries के मालिक मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के सबसे अमीर शख्स बन चुके अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी इस समय दुनिया के पांचवें सबसे अमीर शख्स हैं.

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, गौतम अडानी कुल कुल संपत्ति 116 अरब डॉलर (92 खरब रुपये) है. यही नहीं, अडानी इस साल दुनिया में सबसे अधिक संपत्ति इकट्ठा करने वाले कारोबारी बन गए हैं.

अडानी पोर्ट्स 835 करोड़ रुपये में नवकार कॉरपोरेशन से गुजरात में एक कंटेनर स्टोरेज फैसिलिटी खरीदने जा रही है. पिछले सप्ताह ही भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अडानी समूह को अंबुजा लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड में स्विट्जरलैंड के होल्सिम समूह की हिस्सेदारी के अधिग्रहण की मंजूरी दी थी.

इससे कुछ दिन पहले ही अडानी समूह ने ओडिशा में एल्युमिना रिफाइनरी स्थापित करने के लिए 57,575 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की थी. समूह ने एक बयान में कहा था कि वह बॉक्साइट खदान तथा लौह अयस्क परियोजना के पास एक एल्युमिना रिफाइनरी स्थापित करेगा. इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 40 लाख टन होगी.

इसके साथ ही अडानी समूह की कंपनी अडानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (ARTL) vs आंध्र प्रदेश और गुजरात में मैकक्वेरी एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की टोल रोड परियोजनाओं का 3,110 करोड़ रुपये में अधिग्रहण के लिए समझौता किया है.


Edited by Vishal Jaiswal