स्टार्टअप शुरू करने के लिए इससे बेहतर समय नहींः Google CEO सुंदर पिचई

By Upasana
December 19, 2022, Updated on : Sat Jan 07 2023 14:21:12 GMT+0000
स्टार्टअप शुरू करने के लिए इससे बेहतर समय नहींः Google CEO सुंदर पिचई
पिचई ने देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को गूगल फॉर इंडिया इवेंट के दौरान ये बात कही. कार्यक्रम के दौरान YourStory की फाउंडर, CEO श्रद्धा शर्मा ने पिचई और केंद्रीय रेल मंत्री, कम्यूनिकेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स & IT मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ इंडिया में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर बातचीत की.
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गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने रविवार को कहा कि पूरी दुनिया इस समय मैक्रोइकॉनमिक मुश्किलों से गुजर रही है. इसके बावजूद मेरा मानना है कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए इससे अच्छा समय कोई नहीं हो सकता. खुद गूगल जैसी कंपनी भी ऐसे ही दौर में बनाई गई थी.


पिचई ने देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को गूगल फॉर इंडिया इवेंट के दौरान ये बात कही. कार्यक्रम के दौरान YourStory की फाउंडर, CEO श्रद्धा शर्मा ने पिचई और केंद्रीय रेल मंत्री, कम्यूनिकेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स & IT मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ इंडिया में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर बातचीत की.


स्टार्टअप ईकोसिस्टम में भारत और डिजिटल इंडिया की प्रत्याशित हिस्सेदारी को लेकर श्रद्धा शर्मा के सवाल पर पिचई ने कहा कि इंडिया का स्टार्टअप ईकोसिस्टम समय के साथ काफी मैच्योर और मजबूत हुआ है.


गूगल भी अब इंडिया बेस्ड स्टार्टअप्स में निवेश कर रहा है जैसे- ग्लांस. ये कंपनियां काफी शानदार तरीके से स्केल कर रही हैं. गूगल ने हाल ही में स्टार्टअप्स के लिए 3 मिलियन डॉलर का फंड की घोषणा की थी. इसका एक तिहाई फंड उन स्टार्टअप को जाएगा, जिन्हें महिलाएं चलाती हैं.


इंडिया का मार्केट काफी विविध है. अगर यहां ये सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी स्टार्टअप या प्रॉडक्ट पूरे देश में एक लेवल पर एक ही तरीके से स्केल हो तो ढेरों अवसर खुल सकते हैं. यहां पर डिजिटल इंडिया के जरिए सरकार अपनी भूमिका निभा सकती है.


आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार डेटा प्रोटेक्शन बिल, टेलिकॉम बिल और डिजिटल इंडिया बिल के जरिए देश में टेक्नोलॉजी को लेकर एक सधा हुआ लीगल और रेग्युलेटरी वातावरण बनाने की तैयारी कर रही है. अगले 14 से 16 महीनों में ये तीनों कानून लागू हो जाएंगे.


तीनों बिल लागू होते ही जो भी डेटा सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगा सरकार उसे और टेक्नोलॉजी दोनों का इस्तेमाल करके लोगों तक बेहतर सर्विसेज मुहैया कराने पर काम करेगी.


इसमें प्राइवेट सेक्टर का बहुत बड़ा रोल रहने वाला है. सरकार प्लैटफॉर्म बना रही है, निजी कंपनियां उसका इस्तेमाल करके सलूशन बना सकती हैं. इमर्जिंग ही नहीं विकसित देशों को भी अपने सलूशन ऑफर कर सकती हैं.


टेक्नोलॉजी में AI एडवॉन्समेंट पर पिचई ने कहा कि AI हर फील्ड पर कुछ न कुछ असर डालेगा. गूगल AI का इस्तेमाल करके लोगों को ज्यादा से ज्यादा भाषाओं में कंटेंट उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है.


हाल ही में गूगल ने इंडिया में 9 और भाषाओं को जोड़ा है. फिलहाल कंपनी एक पावरफुल एआई पर काम कर रही है जो दुनिया भर में 1000 भाषाओं में जानकारियां देगा.


AI को लेकर वैष्णव ने कहा कि AI इंडिया की टेक जर्नी में भी बहुत अहम भूमिका निभाने जा रहा है. एग्री से लेकर कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां AI का इस्तेमाल किया जा सकता है.


सरकार AI का इस्तेमाल करके भाषाई खाई को भरने की कोशिश करेगी. इसके अलावा कर्ज की सुविधा को देश के निचले तबके तक पहुंचाने में भी AI का इस्तेमाल करेंगे.


डेटा प्रोटेक्शन बन रहे कानूनों पर पिचई ने कहा कि सरकारों को ध्यान रखना होगा कि हम ऐसी पॉलिसी बनाएं जो लोगों की निजता का ख्याल रखती हो लेकिन इनोवेटिव भी हो. ताकि कंपनियां बेफिकर होकर इनोवेशन पर ध्यान दे पाएं.