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अवैध डिजिटल लोन ऐप्स पर लगाम कसने के लिए Google पर दबाव बना रहे भारत सरकार और RBI

पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय बैंक और सरकार की बैठकों में Google को कई बार बुलाया गया है. साथ ही सख्त जांच व बैलेंस पेश करने का आग्रह किया गया है.

अवैध डिजिटल लोन ऐप्स पर लगाम कसने के लिए Google पर दबाव बना रहे भारत सरकार और RBI

Tuesday September 20, 2022 , 4 min Read

अल्फाबेट इंक की Googleको भारत सरकार और केंद्रीय बैंक RBI ने भारत में अवैध डिजिटल लेंडिंग ऐप्स के उपयोग को रोकने में मदद करने के लिए और अधिक कड़ी जांच इंट्रोड्यूस करने के लिए कहा है. रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह बात कही है. भले ही गूगल, भारतीय रिजर्व बैंक के दायरे में नहीं आती है लेकिन पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय बैंक और सरकार की बैठकों में गूगल को कई बार बुलाया गया है. साथ ही सख्त जांच व बैलेंस पेश करने का आग्रह किया गया है, जो ऐसे ऐप्स को बाहर निकालने में मदद करे सके.

भारतीय नियामकों ने पहले ही लेंडर्स को अवैध लेंडिंग ऐप्स के खिलाफ जांच करने के लिए कहा है, जो महामारी के दौरान लोकप्रिय हो गए थे. नियामक ऐसे ऐप्स के प्रसार को नियंत्रित करना चाहते हैं, जो अनैतिक गतिविधियों में संलग्न हैं, जैसे कि अत्यधिक ब्याज दर और शुल्क वसूलना या ऐसी वसूली प्रैक्टिसेज अपना रहे हैं, जो केंद्रीय बैंक द्वारा अधिकृत नहीं हैं या मनी लॉन्ड्रिंग व अन्य सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं.

2000 से अधिक पर्सनल लोन ऐप्स को हटाया

गूगल ने कहा है कि पिछले साल उसने वित्तीय सेवाओं के ऐप्स के लिए अपनी प्ले स्टोर डेवलपर प्रोग्राम पॉलिसी को संशोधित किया था.

रॉयटर्स की रिपोर्ट में गूगल के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, ‘हमने प्ले पॉलिसी रिक्वायरमेंट्स के उल्लंघन के लिए प्ले स्टोर से भारत को टार्गेट करने वाले 2000 से अधिक पर्सनल लोन ऐप्स को हटा दिया है. अगर नीतियों का उल्लंघन किया जाता है तो ऐसे कदम उठाए जाते हैं. हम इस मुद्दे को हल करने में मदद के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उद्योग निकायों के साथ आगे भी जुड़ें रहेंगे.’

केंद्रीय बैंक का कहना है कि ऐप स्टोर पर सूचीबद्ध कोई भी लेंडिंग ऐप, विनियमित संस्थाओं द्वारा समर्थित हो लेकिन यह गूगल पर निर्भर है कि वह इसे लागू करे और अनुपालन की निगरानी करे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गूगल को अन्य वितरण चैनलों जैसे वेबसाइट्स और डाउनलोड के अन्य माध्यमों के जरिए ऐसे ऐप्स के उदय को रोकने के लिए भी कहा गया है. गूगल, उद्योग निकायों से प्राप्त शिकायतों पर भी कार्रवाई करना शुरू कर रही है.

भारत के ऐप बाजार में गूगल का दबदबा

भारत में 95 प्रतिशत स्मार्टफोन, गूगल के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर रन करते हैं. इसके चलते भारत के ऐप बाजार में गूगल का दबदबा है. अगले महीने से गूगल भारत में वित्तीय सेवाओं के लिए एक नई विज्ञापन नीति लेकर आएगी. यह बात गूगल की वेबसाइट पर मौजूद एक ब्लॉग पोस्ट से सामने आई है. पॉलिसी में कहा गया है कि भारत में वित्तीय सेवाओं के विज्ञापन दिखाने के लिए देश में विज्ञापनदाताओं का वेरिफिकेशन जरूरी है. वेरिफिकेशन के हिस्से के रूप में विज्ञापनदाताओं को यह प्रदर्शित करना होगा कि उन्हें संबंधित वित्तीय सेवा नियामक से लाइसेंस प्राप्त है.

RBI तैयार करेगा सभी कानूनी ऐप्स की एक व्हाइटलिस्ट

हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सचिवों और RBI के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक की. इस बैठक में नियमित बैंकिंग चैनल्स के बाहर काम करने वाले अवैध लोन ऐप्स के संचालनों को रोकने के लिए कई कदमों की रूपरेखा तैयार की गई. मुद्दे के कानूनी, प्रक्रियात्मक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बैठक में यह निर्णय लिया गया कि RBI सभी कानूनी ऐप्स की एक व्हाइटलिस्ट तैयार करेगा और MeitY यह सुनिश्चित करेगा कि केवल ये व्हाइटलिस्ट ऐप्स, ऐप स्टोर पर होस्ट किए जाएं. RBI उन खातों की निगरानी करेगा, जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा सकता है और उनके दुरुपयोग से बचने के लिए निष्क्रिय NBFC का रिव्यू/कैंसिलेशन कर सकते हैं. साथ ही RBI यह सुनिश्चित करेगा कि पेमेंट एग्रीगेटर्स का रजिस्ट्रेशन एक समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए और किसी भी अपंजीकृत पेमेंट एग्रीगेटर को उसके बाद कार्य करने की अनुमति न हो.


Edited by Ritika Singh