क्लाइमेट चेंज स्टार्टअप्स के लिए एक्सीलेरेटर प्रोग्राम शुरू कर रहा है गूगल

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गूगल की सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर केट ब्रांट ने मंगलवार को मजबूत (sustainability) उत्पादों पर काम कर रहे स्टार्टअप्स को मदद और प्रोत्साहित करने के लिए एक नए स्टार्टअप कार्यक्रम की घोषणा की। दरअसल सस्टेनेबिलिटी की दुनिया में कॉमर्शियल बिजनेस बनाने की उम्मीद करने वाले स्टार्टअप्स को विशेष समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खुद ब्रांट इस बात से सहमति रखते हैं जिसके चलते उन्होंने इस खास प्रोग्राम की शुरुआत करने का फैसला किया।


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सांकेतिक फोटो

ब्रांट ने लिस्बन में वेब समिट टेक सम्मेलन में भाग ले रहे लोगों को इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी और नए स्टार्टअप कार्यक्रम की घोषणा की। ये स्टार्टअप निवेशकों की कमी से लेकर समान लक्ष्यों वाले स्टार्टअप्स को खोजने तक हमेशा संघर्ष करते हैं।


इसलिए गूगल यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के ऐसे 8-10 स्टार्टअप की तलाश में है, जो 2020 की शुरुआत में छह महीने के एक्सीलेरेटर प्रोग्राम में भाग लेंगे। पहले प्रोग्राम के लिए एप्लीकेशन जल्द ही खुलेंगे और गूगल की योजना इसके बाद एक दूसरा प्रोग्राम आयोजित करने की भी है।


गूगल यूएन के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के आधार पर इन स्टार्टअप्स का चुनाव करेगा, जिसमें गरीबी, असमानता, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय गिरावट, समृद्धि और शांति व न्याय शामिल है।


हालांकि ब्रांट कहती हैं कि कंपनी इस कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले स्टार्टअप्स में प्रत्यक्ष निवेश का वादा तो नहीं कर रही है लेकिन यह वादा जरूर कर रही है कि वह उन्हें निवेशकों के सामने इंट्रोड्यूस जरूर करेगी। क्लीनटेक निवेश खुले तौर पर कम या ज्यादा होता है लेकिन 2019 में ये काफी कम ही रहा है।





गूगल इन स्टार्टअप्स को गूगल के इंजीनियरिंग संसाधनों तक पहुँच देने का भी वादा करता है। इसके अलावा व्यावहारिक व्यापार पहलुओं में मदद करने का भी अश्वासन देता है जैसे कि एक पैसा बनाने वाले व्यवसाय मॉडल का पता लगाना आदि।


ब्रांट का कहना है कि गूगल के पास स्थिरता की पहल और उससे जुड़े अपने उत्पादों को लॉन्च करने का एक लंबा इतिहास रहा है। जैसे कि प्रोजेक्ट सनरूफ (Sunroof) जो गूगल अर्थ का उपयोग करके आपको बताता है कि क्या आपके घर की छत सौर पैनलों के लिए अच्छी है, से लेकर गूगल एनवायरमेंट इनसाइट्स एक्सप्लोरर तक जो शहरों को उत्सर्जन मापने में मदद करता है।


यह गूगल का पहला एक्सीलेरेटर प्रोग्राम नहीं है। जैसा कि कंपनी ने वेंचर कैपिटल फंड से क्लाउड कंप्यूटिंग तक काफी कुछ विस्तार किया है। अब कंपनी कई मायनों में स्टार्टअप शुरू करती है, जिसमें मार्केटिंग क्लाउड सर्विसेस से लेकर अन्य एक्सीलेरेटर और मेंटॉरिंग प्रोग्राम तक शामिल हैं।


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