ब्रोकली की खेती से होगा मोटा मुनाफा, कैंसर से बचाती है इसलिए हमेशा रहती है तगड़ी डिमांड

By Anuj Maurya
December 12, 2022, Updated on : Mon Dec 12 2022 13:33:12 GMT+0000
ब्रोकली की खेती से होगा मोटा मुनाफा, कैंसर से बचाती है इसलिए हमेशा रहती है तगड़ी डिमांड
अगर आप किसान हैं तो ब्रोकली की खेती से तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. ब्रोकली में कैंसर से बचाने और कोलेस्ट्रोल घटाने जैसे गुण होते हैं. यही वजह है कि शहरों में लोगों के बीच इसकी खूब डिमांड है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

कैंसर से बचाने से लेकर कोलेस्ट्रोल घटाने और दिल का ख्याल रखने तक में ब्रोकली खाने की सलाह (Health benefits of Broccoli) दी जाती है. यही वजह है कि शहरों में ब्रोकली खूब देखने को मिल जाएगी. बड़े-बड़े मॉल्स और बाजारों में यह जगह-जगह बिकती हैं. ब्रोकली एक विदेशी सब्जी है, लेकिन इसके हेल्थ बेनेफिट्स की वजह से अब भारत में इसका खूब सेवन किया जाता है. ऐसे में अगर आप एक किसान हैं तो ब्रोकली की खेती (Broccoli Farming) से तगड़ी कमाई कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे की जाती है ब्रोकली की खेती (How to do Broccoli Farming) और इससे आपको कितना फायदा हो सकता है.

पहले जानिए क्या फायदे हैं ब्रोकली के

ब्रोकली का सबसे बड़ा फायदा ये है कि यह कैंसर से बचाव करने में मददगार होता है. इससे कोलेस्ट्रोल घटाने में भी मदद मिलती है. इसके सेवन से एलर्जिक रिएक्शन और इनफ्लेमेशन की शिकायत में भी कमी आती है. यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सिडेंट भी है. यह हमारी हड्डियों और दिल की हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है. इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, इसलिए इसे डाइटिंग में इस्तेमाल किया जाता है.

कब और कैसे करें ब्रोकली की खेती?

ब्रोकली की खेती का सही समय होता है ठंड का. भारत में सितंबर के अंतिम हफ्ते से लेकर मार्च की शुरुआत तक ब्रोकली की खेती की जाती है. अक्टूबर-नवंबर में ब्रोकली की नर्सरी तैयार की जाती है और फिर उसकी खेती में रोपाई की जाती है. इसकी नर्सरी ठीक उसी तरह तैयार की जाती है, जैसे फूल गोभी, पत्ता गोभी आदि की होती है. इसकी नर्सरी करीब 4-5 हफ्तों में रोपाई के लिए तैयार हो जाती है.

कैसी मिट्टी की होगी जरूरत?

ब्रोकली की खेती के लिए वैसे को कई तरह की मिट्टी इस्तेमाल होती है, लेकिन सबसे अच्छी होती है बलुई दोमट मिट्टी. इसकी खेती 18-23 डिग्री के तापमान में अच्छे से होती है यानी ठंडी जलवायु इसके लिए अच्छी मानी जाती है. ध्यान रहे कि जहां आप ब्रोकली लगाएं वहां कम से कम 6 घंटे धूप आती हो और खेत में पानी निकासी की सुविधा हो. साथ ही खेत में ब्रोकली लगाने से पहले उसमें पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट जरूर डालें.

कितना बीज लगेगा?

वैसे तो ब्रोकली सफेद, हरी और बैंगनी रंग की होती है, लेकिन सबसे ज्यादा हरे रंग की ब्रोकली को पसंद किया जाता है. एक हेक्टेयर खेत में ब्रोकली बोने के लिए 400 से 500 ग्राम बीज की जरूरत होती है. ये बीज आप कृषि अनुसंधान केंद्र या बीज भंडार या फिर ऑनलाइन खरीद सकते हैं. ब्रोकली के पौधों को 30 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाया जाता है, जबकि दो कतारों की दूरी 45 सेंटीमीटर के करीब होनी चाहिए.10-12 दिन में ब्रोकली की सिंचाई की जाती है.

कितनी होगी पैदावार?

ब्रोकली का फल जब एक सामान्य आकार का हो जाए तो उसे तोड़ लेना चाहिए. इसकी फसल 60-65 दिन में ही हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो जाती है. अगर आपकी ब्रोकली की अच्छी फसल होती है तो आपको करीब 12-15 टन प्रति हैक्टेयर की पैदावर मिल सकती है. अगर आप बार-बार ब्रोकली की खेती करते हैं तो खेत बदलते रहें. एक ही खेत में बार-बार ब्रोकली उगाने पर उसकी पैदावार पर असर पड़ता है.